सुनैना
काली मिर्च हर व्यंजन में कुछ पोषक तत्व घोल देता है। फिर चाहे सर्दी जु़काम हो या इम्यून सिस्टम। आइए जानते हैं, कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप काली मिर्च को कर सकते हैं, अपनी डाईट में शामिल।
काली मिर्च पाचन को अच्छा करने में मदद करती है और जब इसे कच्चा खाया जाता है, तो पेट से हाइड्रोक्लोरिक एसिड निकलता है, जोकि प्रोटीन को तोड़ने में सहायता करता है।
काली मिर्च में मौजूद पाइपरिन सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या से भी छुटकारा दिला सकता है। काली मिर्च शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
इंफेक्शन से बचने के लिए भी आप काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं। काली मिर्च बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकता है। काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं।
काली मिर्च के उपयोग से बने तेल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, यह एंटी-एजिंग की तरह काम कर सकता है।
काली मिर्च में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं ।इसके अलावा, काली मिर्च में विटामिन सी भी पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने का काम कर सकता है।
काली मिर्च हमारे शरीर में पोषक तत्वों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें पिपेरिन नामक एक योगिक होता है जो विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट के अवशोषण में सुधार करता है ।
मानसून के मौसम में गठिया, जोड़ों का दर्द और सूजन जैसी सूजन संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। काली मिर्च में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इन स्थितियों से राहत दिला सकते हैं।