स्वाति कुमारी
हल्दी में करक्यूमिन नामक एक तत्व होता है। इसके अलावा हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। यह सभी हाथ-पैर की सूजन को कम करने में मदद करते है।
हल्दी
आलू में सूजन रोधी गुण पाए जाते है। इसके लिए आलू को पतले-पतले हिस्सों में काट लें और फिर इसे सूजन वाली जगहों पर लगाकर रखें। फिर हटा दें।
आलू
एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जिससे दर्द और सूजन दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए आप ताजे एलोवेरा जेल को प्रभावित हिस्से पर लगा सकते हैं।
एलोवेरा
सरसों के तेल का इस्तेमाल आप सूजन को कम करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें शरीर के अंदरूनी हिस्सों में आई सूजन को कम करने के गुण मौजूद होते हैं।
सरसों का तेल
अगर आप अंदरूनी चोट से परेशान हैं, तो शहद और खाने वाले चूना का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद साबित होगा। इसे मिक्स करके कुछ देर के लिए पैर पर लगा लें।
शहद
कैस्टर ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल, रिसिनोलिक एसिड और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं, जो कई प्रकार के इन्फेक्शन की रोकथाम में कारगर हैं।
कैस्टर ऑयल
अगर आपके पैर-हाथ में फैक्चर हो गया हो, तो आप हल्दी, प्याज को कूटकर सरसों के तेल में डालकर गर्म कर लें। इस मिश्रण को चोटिल स्थान पर बांध लें। फिर सुबह पैर धो लें।
प्याज
स्वाति कुमारी