इसलिए लगाया जाता है मंदिरों में घंटा 

Bells In Temples:  

प्रियंका शर्मा

किसी भी मंदिर के दरवाजे पर घंटा जरूर होता है। मंदिर में अंदर जाने से पहले या पूजा के दौरान भक्त घंटा जरूर बजाते हैं।  

मंदिर में घंटा बजाना, ये काफी पुरानी परंपरा है। इसके पीछे धार्मिक मान्यताएं और वैज्ञानिक पहलू भी हैं।  

लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदिर में घंटा क्यों होता है या मंदिर में जाने से पहले घंटा क्यों बजाते हैं? आइए जानें- 

मान्यता के अनुसार, मंदिर में जाने से पहले घंटा बजाकर भगवान से आज्ञा लेनी होती है।   

भगवान की आज्ञा 

घंटे की ध्वनि से भगवान जागृत होते है। ऐसा करने से मूर्तियों की चेतना जागती है। जिसे आपकी पूजा फलदायक होती है। 

मूर्तियों की जागती है चेतना 

घंटे की ध्वनि शरीर के सभी चक्रों को खोलने का काम करती है। ये भगवान का ध्यान आकर्षित करने का तरीका है। 

ईश्वर का ध्यान 

घंटा बजाने से तेज ध्वनी उत्पन्न होती है, जो वातावरण में 7 सेकंड तक गूंजती है। ये शरीर के 7 चक्रों को सक्रिय करती है।

घंटे की आवाज 

मंदिर में घंटा बजाने से भगवान प्रसन्न होते हैं और इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। 

सकारात्मक ऊर्जा 

घंटा बजाने से आस-पास का वातावरण शुद्ध होता है, साथ ही मन पवित्र होने के साथ-साथ मन को शांति का अनुभव होता है।  

पवित्र होता है मन 

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स्वाति कुमारी