सुनैना
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नेपाल और भारत की सीमा पर स्थित कंचनजंगा भारत की सबसे ऊंची और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी चोटी है।इसकी ऊंचाई 8586 मीटर है। बौद्ध धर्म में इसका बहुत धार्मिक महत्व है।
कंचनजंगा
नंदा देवी 7816 मीटर की ऊंचाई पर भारत की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है, जो उत्तराखंड में गढ़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित है। यह चोटी अपने खूबसूरत परिवेश के लिए प्रसिद्ध है।
नंदा देवी
7756 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कामेट चोटी, उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है भारत की तीसरी सबसे ऊंची चोटियों में से एक है। यह अपने चुनौतीपूर्ण चढा़ई मार्गों के लिए जानी जाती है।
कामेट
काराकोरम पर्वत श्रृंखला में 7742 मीटर की ऊंचाई पर स्थित साल्तोरो कांगरी चोटी भारत की चौथी सबसे ऊंची चोटी है। यह चोटी भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र का हिस्सा है।
साल्तोरो कांगरी
7672 मीटर की ऊंचाई पर स्थिति ससेर कांगरी भारत की पांचवीसबसे ऊंची चोटियों में से एक है। यह जम्मू कश्मीर के कराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित है।
ससेर कांगरी
ममोस्तोंग कांगरी 7516 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है भारत की छठी ऊंची पर्वत चोटी है। यह ग्रेट कराकोरम पर्वत श्रृंखला 'रीमो मुस्ताघ' श्रृंखला का हिस्सा है, जो जम्मू कश्मीर में उपस्थित है।
मैमोस्टोंग कांगड़ी
रिमो 7385 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भारत की सातवीं ऊंची चोटी है, जो 'रीमो मुस्ताघ' श्रृंखला के उत्तरी छोर पर स्थित है। यह स्लाचेन ग्लेशियर का भी भाग है, जो जम्मू कश्मीर में स्थित है।
रिमो
हरदियोल 7151 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भारत की आठवी सबसे ऊंची चोटी है। इस चोटी को "भगवान का मंदिर" के नाम से जाना जाता है। यह कुमाऊं हिमालय की सबसे प्रसिद्ध चोटियों में से एक है।
हरदिओल
चौकम्बा 7138 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भारत की नौवीं ऊंची चोटी है,जो गंगोत्री समूह का हिस्सा है। यह मुख्यतः उत्तराखंड के गड़वाल हिमालय क्षेत्र में स्थित है।
चौकम्बा
त्रिशूल 7120 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भारत की ऊंची चोटी में दशवे स्थान पर है, जो उत्तराखंड में स्थित है। त्रिशूल चोटी का नाम भगवान शिव के अस्त्र त्रिशूल के नाम पर रखा गया है।
त्रिशूल
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