श्वेता
यह पहला हिल स्टेशन था जहां अंग्रेजों ने 1825 के आसपास अपना पहला रिसॉर्ट स्थापित किया था। यह हिल स्टेशन अपनी हरी-भरी पहाडि़यों और झरनों के लिए प्रसिद्ध है।
मसूरी
नैनीताल की स्थापना 1841 में हुयी थी। यह अधिकारियों और सैनिकों के लिए एक स्वास्थ्य केंद्र था। यह हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
नैनीताल
दार्जिलिंग की स्थापना 1835 में अंग्रेजों द्वारा की गयी थी। यह हिल स्टेशन अपने चाय के बागानों, मनमोहक सुंदरता और मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है।
दार्जिलिंग
शिमला की स्थापना 1819 में अंग्रेजों द्वारा की गयी थी। चारों ओर फैली औपनिवेशिक वास्तुकला इसे भारत के सबसे आकर्षक हिल स्टेशनों में से एक बनाती है।
शिमला
कोडईकनाल जिसे हिल स्टेशनों की रानी के रूप में भी जाना जाता है 1845 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित किया गया था। यह हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
कोडईकनाल
ऊटी 1819 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित किया गया था। नीलगिरी पहाडियों में स्थित यह हिल स्टेशन अपनी ठंडी जलवायु और सुंदर दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।
ऊटी
महाबलेश्वर की स्थापना 1829 में अंग्रेजों द्वारा की गयी थी। यह हिल स्टेशन अपने स्ट्रॉबेरी खेतों, दृष्टिकोण और सुखद जलवायु के लिए जाना जाता है।
महाबलेश्वर
लैंसडाउन की स्थापना 1887 में अंग्रेजों द्वारा की गयी थी। यह शांत हिल स्टेशन अपनी प्राचीन सुंदरता, देवदार के जंगलों और इमारतों के लिए जाना जाता है।
लैंसडाउन
श्वेता