प्रतिमा सिंह
नवरात्रि में श्रद्धालु मां दुर्गा को सोलह श्रृंगार अर्पित करते हैं। इससे माता रानी सभी मनोकामानाएं पूरी करती हैं।
श्रृंगार में मेहंदी, पायल, बिंदी, काजल, चूड़ी, मांगटीका, झुमके, गजरा, नथ, बिछुआ, मंगलसूत्र, चुनरी आदि शामिल है।
महिलाएं मां दुर्गा की पूजा करने से पहले उन्हें सजाने के लिए सिंदूर का इस्तेमाल श्रृंगार के तौर पर करती हैं।
सिंदूर
मातारानी का मेहंदी से श्रृंगार किया जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए बिना मेहंदी के श्रृंगार अधूरा मानते हैं।
मेहंदी
मां दुर्गा को लाल रंग प्रिय है। इसलिए भक्त पूजा के दौरान माता को लाल रंग के कपड़े पहनाकर पूजा करते हैं।
लाल जोड़ा
मां को प्रसन्न करने के लिए चुनरी और गोटेदार लहंगा के साथ-साथ असली फूलों वाला गजरा लाना न भूलें।
गजरा
ये एक ऐसा श्रृंगार है, जो आंखों की सुंदरता को बढ़ाने का काम करता है। मातारानी को भी काजल पसंद है।
काजल
सिंदूर के साथ पहना जाने वाला मांग टीका मातारानी के श्रृंगार में चार चांद लगाने का काम करता है।
मांग टीका
हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं की नाक में आभूषण होना जरूरी होता है। मातारानी के श्रृंगार में नथ को शामिल करें।
नथ
प्रतिमा सिंह