श्वेता
घर के मंदिर में कुछ देवी-देवताओं की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से अशुभ प्रभाव जीवन पर पड़ता है।आइये जानते हैं कौन से हैं वह देवी-देवता।
शनि देव की दृष्टि जिस पर पड़ती है, उसे कष्ट झेलने पड़ते हैं। इसलिए शनिदेव की मूर्ति घर में मंदिर में नहीं रखनी चाहिए, बल्कि किसी मंदिर में जाकर इनकी पूजा करनी चाहिए।
शनि देव
नटराज को भगवान शिव के रौद्र रुप का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इनकी मूर्ति को घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए। इससे घर में अशांति का भाव पैदा होता है।
नटराज
काल भैरव तंत्र शास्त्र के देवता माने जाते है इसलिए इनकी मूर्ति को घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए। इनकी पूजा घर के बाहर मंदिर में जाकर करनी चाहिए।
काल भैरव
मां काली की मूर्ति को भी घर के मंदिर में रखना अच्छा नहीं माना जाता, क्योंकि वह भी उग्र देवी-देवताओं में शामिल हैं। इसलिए इनकी पूजा घर में नहीं करनी चाहिए।
मां काली
घर के मंदिर में नाचते हुए गणेश की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। इस मुद्रा की मूर्ति रखना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए हमेशा विराजे हुए गणेश की मूर्ति लगानी चाहिए।
गणेश
घर के मंदिर में माता लक्ष्मी की खड़ी हुई मूर्ति नहीं लगानी चाहिए। बल्कि मंदिर में उनकी ऐसी मूर्ति स्थापित करें जिसमें वह कमल पर विराजमान हों।
माता लक्ष्मी
घर के मंदिर में हमेशा खुशहाल और बैठे हुए देवी-देवताओं की मूर्ति रखनी चाहिए। ऐसी मूर्ति लगाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
श्वेता