श्वेता
शहतूत कई किस्मों में आते हैं, जो खाने में बिल्कुल नर्म और खट्टे-मीठे स्वाद वाला होता है। शहतूत का फल थोड़े लंबे आकार में उभरे हुए दानेदार सतह जैसा होता है।
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि शहतूत सिर्फ पेड़ों पर ही उगता है लेकिन कुछ किस्में पौधों पर भी उगती हैं और बढि़या फल देती हैं। यहां हम बता रहे हैं कि इसे घर पर कैसे उगाया जाता है-
अगर आपके घर के बगीचे मे सीमित जगह है तो बौने शहतूत के बीज लेना सबसे अच्छा है ताकि उन्हें छोटी सी जगह में उगाया जा सके और कंटेनरों में अंकुरित किया जा सके।
शहतूत को बीज के बदले पौधे से उगाना बहुत ही आसान है। इसके लिए मिट्टी में एक छेद करें जो जड़ की गेंद से थोड़ा मोटा हो, इसे उसमें रखें और मिट्टी से ढक दें।
लेकिन अगर आप बीज से उगाना चाहते हैं तो एक कंटेनर लें और उसमें मिट्टी भरें। मिट्टी को खोदकर उसमें बीज डालें और पानी से हल्का सा छिड़काव करें। मिट्टी से ढके और दोबारा पानी डालें।
अच्छी तरह से बढ़ने के लिए शहतूत को गहरी, नमी बनाए रखने वाली, लेकिन अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी चाहिए। मिट्टी में अच्छी तरह से सड़ी हुई खाद या बगीचे की खाद मिलानी चाहिए।
अगर इसे बालकनी में किसी कंटेनर में लगाया है तो इसे सिर्फ पानी से गीला करना है लेकिन अगर पौधे को जमीन में लगाया है तो अच्छी तरह से पानी दें।
शहतूत के पेड़ पूरी धूप और आंशिक छाया दोनों स्थितियों में पनप सकते हैं। उन्हें प्रतिदिन कम से कम चार घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए। अधिक रोशनी अधिक फल पैदा करने में मदद करती है।
शहतूत के पेड़ों के लिए नियमित छंटाई आवश्यक नहीं है, लेकिन क्षतिग्रस्त या क्रॉसिंग शाखाओं और तनों को पतझड़ के अंत में या सर्दियों में काट दिया जाना चाहिए।
जब शहतूत पौधे के माध्यम से उगाया जाता है तो यह एक साल में छोटे फल देने लगता है मगर जब इसे बीज के माध्यम से उगाया जाता है तो फल आने में लगभग 3-6 साल लग जाते हैं।
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