इस विधि से करें  भगवान गणेश की पूजा

Ganesh Chaturthi

स्वाति कुमारी

इस साल गणेश चतुर्थी की शुरुआत 7 सितंबर से होगी और इसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन 16 सितंबर को होगा।

गणेश चतुर्थी की शुरूआत 

 गणेश जी की पूजा करने के लिए सबसे पहले एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्ति को विराजमान करें। फिर स्वस्तिवाचन करके संकल्प करें।

लाल कपड़े बिछाएं 

 गणपति का स्मरण करते हुए 'ऊँ गं गणपतये नमः मंत्र का उच्चारण करें। फिर उनकी मूर्ति को दूध, शहद, शुद्ध घी, गंगाजल से स्नान कराएं।

शहद से स्नान कराएं 

मूर्ति के दोनों ओर रिद्धि-सिद्धि के रूप में एक-एक सुपारी रखें। इसके अलावा मूर्ति के दाईं ओर जल से भरा कलश रखें।

कलश रखें 

 फिर गणपति की मूर्ति को पोंछकर सिंदूर का लेप करें और उन्हें जनेऊ चढ़ाएं। इसके बाद वस्त्र पहनाकर उनका फूलों से विधिवत श्रृंगार करें। 

श्रृंगार करें 

 हल्दी, चावल, चंदन, गुलाल, सिंदूर, मौली, दूर्वा, मिठाई, मोदक, फल, माला और फूल आदि उनके चरणों में अर्पित करें।

फूल चढ़ाएं 

ध्यान रखें कि इस दिन भगवान गणेश के अलावा माता पार्वती और शिव जी की भी पूजा की जाती है। साथ ही गणपति के समक्ष 5 मोदक रखें।

मोदक का भोग 

इसके बाद धूप–दीप आदि दिखाएं और श्री गणेश मंत्रों का जप करें और फिर प्रसाद वितरित कर दें। 

आरती दिखाएं 

बिना नहाए तुलसी में जल चढ़ाने से क्या हो सकता है?

निक्की मिश्रा

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