स्वाति कुमारी
इस मंदिर का निर्माण चालुक्य वंश के शासकों ने वर्षों पहले कराया था। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां भगवान सूर्य देव माता लक्ष्मी का पद अभिषेक स्वयं करते हैं।
महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर
इस मंदिर में माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ विराजमान हैं। धनतेरस और दिवाली के मौके पर इस मंदिर में काफी भीड़ देखी जाती हैं।
लक्ष्मीनारायण मंदिर, दिल्ली
इस मंदिर का निर्माण लगभग 1832 में कराया गया था। कहा जाता है कि दिवाली पर इंदौर की महालक्ष्मी के दर्शन और पूजा करने से कोई भक्त खाली हाथ नहीं लौटता है।
महालक्ष्मी मंदिर, मध्य प्रदेश
इस मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली एवं मां सरस्वती की प्रतिमाएं एक साथ विराजमान है। दिवाली पर दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रहती है।
मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर
इस मंदिर को वरेमा देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है दिवाली के दिन यहां पूजा-पाठ करने से धन संपत्ति के अलावा सुख शांति की प्राप्ति होती है।
लक्ष्मी मंदिर, चेन्नई
इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां मां लक्ष्मी की विशेष पूजा खुद माता कुंती ने भी की थी। दिवाली के दूसरे दिन सुहागपडवा का आयोजन भी होता है।
गज लक्ष्मी माता मंदिर, उज्जैन
इस मंदिर के लिए कहा जाता है कि यहां पर देवी लक्ष्मी गोपी भाव के लिए आज भी तपस्या कर रही है और श्री कृष्णा बाल रूप में बैठे हैं।
महालक्ष्मी देवी, मथुरा
यह देवी लक्ष्मी ही हैं जो यहां अलवेलु मंगम्या कहलाती हैं। इस विशाल मंदिर के निकट पथ्य सरोवर विराजमान है। यहां रोजाना लक्ष्मी की पूजा होती है।
पद्मावत देवी मंदिर, आंध्र प्रदेश
निधि मिश्रा