निक्की कुमारी
Astrology
भारतीय संस्कृति में कांच की हरी-लाल चूड़ियों को बहुत शुभ माना जाता है। वहीं पंजाबी दुल्हन चूड़ा पहनती हैं। क्या आपको इसके महत्व के बारे में पता है। आइए जानें-
दुल्हन के मामा, उसके लिए चूड़ा लेकर आते हैं, जिसमें लाल और सफेद रंगों की 21 चूडियां होती हैं। दुल्हन इस चूड़े को तब तक नहीं दे पाती है जब तक की वह पूरी तरह से तैयार ना हो जाए।
कैसे होती है रस्म
चूड़ा पहनाने के बादा दुल्हन की कलाई को सफेद कपड़े से ढक दिया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि दुल्हन को शादी के दिन तक चूड़ा नहीं देखना चाहिए।
दुल्हन का देखना मना
चूड़ा पंजाबी रिवाज के हिसाब से दुल्हन को लगभग 1 साल तक चूड़ा पहनना होता है। हांलाकि आज कल दुल्हनें ज्यादा से ज्यादा 40 दिनों तक ही इसे पहनती हैं।
एक साल की रस्म
चूड़ा, शादी शुदा होने का प्रतीक है। साथ ही यह प्रजनन और समृद्धि का संकेत भी होता है। यह पति की भलाई के लिए भी पहना जाता है। माना जाता है ये पति की लंबी आयु का प्रतीक है।
पति के लिए शुभ
चूड़ा को दुल्हन के सोलह श्रृंगार का हिस्सा माना जाता है। क्योंकि लाल रंग शादीशुदा महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए भी चूड़े का महत्व बढ़ जाता है।
चूड़ा का महत्व
ऐसा माना जाता है कि चूड़ा दूल्हा-दुल्हन के बीच के संबंध को मजबूत बनाता है और समृद्धि लाता है। यही कारण है कि चूड़े को दुल्हनें शादी के बाद कम से कम 40-45 दिनों तक पहनती हैं।
प्यार को बढ़ाता है
निक्की कुमारी
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