शनि अमावस्या

इस बार शनि अमावस्या शनिवार के दिन ही है जो कि, एक शुभ संयोग है। इस विशेष मौके पर पितृ तर्पण, कर्मकांड, नदी स्नान और जरूरतमंदों को दान करना बेहद फलदायी और शुभकारी माना जाता है। आइए जानते हैं शनिचरी अमावस्या पर ऐसे कौन से काम करें कि जिससे आपका भाग्योदय हो जाए 

शनिदेव की करें पूजा अर्चना

शनिचरी अमावस्या के दिन शनिवेद की अराधना करना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आप पूरे विधि विधान से इस दिन शनिदेव की पूजा अर्चना करते हैं, तो आपको उनका आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है, जिससे आपका पारिवारिक और वैवाहिक जीवन बेहतर होता है। इसके लिए आपको शनिदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए और पूरे विधि-विधान से उनकी पूजा करनी चाहिए। अगर आप गोधूलि यानि की शाम के समय शनिदेव की पूजा करते हैं, तो इससे शनि की विशेष कृपा आपको प्राप्त होती है। 

शनि की वस्तुओं का करें दान

  • लोहा के सामान, जैसे- कड़ाही, चिमटा, तवा आदि। अगर आपका शिन दुर्घटनाकारक है तो शाम के समय खाने बनने बाले पात्र को किसी जरूरतमंद को दान करने से अशुभ घटना के संयोग टल जाते हैं।
  • सरसों का तेल का तेल इस दिन दान करने से आपके रुके हुए काम पूर्ण होते हैं। इस दिन आप सुबह में एक बर्तन में तेल डाल लें फिर उसमें एक रूपये का सिक्का डालें। इसके बाद उसमें अपना चेहरा देखकर किसी गरीब को दान कर दें। आप चाहें तो पात्र को किसी पीपल के नीचे रख दें।
  • काली उड़द और तिल का दान धन संबंधी समस्या से निजात दिलाता है। शाम के समय किसी निर्धन को काली उड़द और तिल का दान करना, आपके पैसे से संसंबंधी परेशानियों को कम करेगा। ऐसा आप लगातार पांच शनिवार तक करें। जिस दिन आप इनका दान करें उस दिन स्वयं इन खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • काले कपड़े का दान आपकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम करेगा। काला रंग भगवान शनि को बहुत प्रिय है। साथ ही इस दिन किसी निर्धन व्यक्ति से आशीर्वाद लेना भी आपके लिए लाभकारी हो सकता है।
  • इसके अलाव आप घोड़े की नाल घर के मुख्य द्वार पर लटकाएं ऐसा करने से घर में होने क्लेश कम होंगे। ध्यान रखें की नई घोड़े की नाल को न लटकाएं बल्कि जो घोड़े के पैरे में लगी रही हो। ऐसा आप शुक्रवार के दिन करें। घोड़े की नाल को तेल में डुबोकर शनिवार की शाम को लटकाएं।

हनुमान चालीसा पढ़े

नित्य हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और संकटमोचन का जाप करने से शनिदेव बेहद प्रसन्न होते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो जातक निरंतर जाप करना है, उसकी मनोकामनाएं अश्वय पूर्ण होती है और भागयोदय में भी सफलता हासिल होती है।

पीपल के पेड़ को जल अवश्य दें

शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर जल अर्पण करना अत्यंत शुभकारी और फलदायक माना जाता है। इससे जल अर्पण करने वाले व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। इसके अलावा भाग्योदय में भी ये कार्य सहायक होता है।

शनि देवता को न्यायप्रिय और कर्मों का फल देने वाले देवता दर्जा दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि शनिदेव व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर दण्ड और फल प्रदान करते हैं। पौराणिक कथा के हिसाब से शनिदेवता का जन्म अमावस्या को ही हुआ था, जिसके चलते शनिचरी अमावस्या का अपना एक विशेष महत्व है। इसके अलावा इनके पिता सूर्य देव हैं। ऐसे में शनि अमावस्या और सूर्य ग्रहण का संयोग अति विशिष्ट माना जाता है। इसके अलावा इस दिन शनि की पूजा अर्चना को उचित तरीके से करने से कुंडली से शनिदोष अपने आप दूर हो जाता है। 

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