मिठाइयां

सर्दियों के मौसम में अक्सर मिठाइयों का चलन देखने को मिलता है। इस मौसम में एक से बढ़कर एक मिठाई मौजूद रहती है जो कि मिठास तो देती ही है साथ ही स्वास्थ्यवर्धक भी है। देश में कई पारंपरिक सर्दियों की मिठाइयां तैयार करने की एक लंबी परंपरा रही है जो आमतौर पर घरों में बनाई जाती हैं।

कुछ मीठे पकवानों को गर्मागर्म खाने का असली मजा है तो कुछ को एयरटाइट कंटेनर में रखकर हफ्ते भर स्वाद ले सकते हैं। कुछ मीठे व्यंजन केवल सर्दियों में ही खाए जा सकते हैं, भले ही वे पूरे साल उपलब्ध हों। तिल और गुड़ के लड्डू, बर्फी और रेवड़ी से लेकर तरह तरह के हलवे जैसे गाजर या मूंग दाल का हलवा भी खूब चाव से खाया जाता है। वहीं मालपुआ, जलेबी-इमरती, गुलाब जुमान जैसे सालभर खाने वाली मिठाइयां सर्दियों में खास जगह रखती है और गर्मागर्म सर्व की जाती है।

मूंग दाल का हलवा

मूंग की दाल का हलवा सर्दियों में हर किसी का पसंदीदा होता है क्योंकि, इसमें ढेर सारा शुद्ध घी होता है और यह गर्मी भी करता है। घी से लदी इस मिठाई को तैयार करना भले ही समय लेने वाला काम है, लेकिन बनने के बाद स्वाद लेते समय पछताएंगे नहीं। अच्छी बात यह भी है कि इसकी एक लंबी शेल्फ-लाइफ है, इसलिए इसे कहीं भी साथ ले जाया जा सकता है और दिन में कभी भी इसका आनंद लिया जा सकता है। इसे एक सप्ताह तक फ्रीज में रखकर खाया जा सकता है।

सामग्री

  • मूंग दाल – 1/2 कप
  • चीनी – 3/4 कप
  • घी – 1/2 कप
  • मावा – 1/2 कप
  • किशमिश – 1 टेबल स्पून
  • काजू – 15-20
  • बादाम – 8-10
  • पिस्ते – 15-16
  • इलाइची – 4 छीलकर पीसी हुई

विधि

  • सबसे पहले मूंग की दाल को लगभग 3 घंटे के लिए पानी में भिगो दें।
  • दाल को हल्का दरदरा पीसकर तैयार कर लें। ध्यान रहें इसमें ऊपर से पानी न डालें।
  • अब गैस पर पैन रखकर गरम कर लें और अब इसमें घी डाल दीजिए। इसके बाद पिसी हुई दाल पैन में डालकर चम्मच से लगातार चलाते हुए हल्की ब्राउन होने तक भुनें। जब महक आने लगे और दाल से घी अलग होने लगे तो समझ जाएं कि दाल भुन चुकी है। गैस बंद कर दें।
  • अब मावा भुनने के लिए एक कड़ाही गैस पर रखें और घी डालें। घी पिघल जाने पर बारीक मावा डालें और मध्यम आंच पर भुनें। खुशबू आने और हल्का रंग बदलने तक भूनना है। अब मावा को भुनी हुई दाल में मिला दें।
  • अब कड़ाही में चीनी डालें और डेढ़ कप पानी डालें। चीनी के घुलने तक चाशनी को पकाएं। चाशनी को भुनी दाल में डालकर मिलाएं। मध्यम आंच पर हलवे की कन्सिस्टेन्सी आने तक लगातार चलाते हुए पकाएं। इसमें कटे हुए बादाम-काजू, किशमिश डालकर मिक्स करें। गाढ़ी कन्सिस्टेन्सी आने पर इसमें इलाइची पाउडर डालकर मिक्स करें। मूंग दाल का हलवा बनकर तैयार है। कटे हुए पिस्तों और काजू-बादाम से गार्निश कर सकते हैं।

गाजर का हलवा

गाजर सर्दियों के मौसम में खूब मिलती हैं। इन्हें कद्दूकस किया जाता है और दूध, चीनी, मावा और कुछ सुगंधित और गर्म मसालों के साथ उबाला जाता है ताकि गाजर का हलवा तैयार किया जा सके। हलवा पौष्टिक होता है और इसे कटे हुए ड्रायफ्रूट्स के साथ गर्मा-गर्म परोसा जाता है। ठंड के मौसम में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर भी आसानी से मिल जाती है लेकिन घर पर बनाने का मजा ही अलग है।

सामग्री

  • गाजर – 500 ग्राम  
  • दूध – ½ लीटर
  • घी – 2 से 3 टीस्पून
  • चीनी – ½ कप     
  • मावा – ½ कप     
  • इलायची पाउडर – ½ टीस्पून
  • काजू – 15-20
  • बादाम – 15-20

विधि

  • लाल गाजर को अच्छे से धो लें और कद्दूकस कर लें। कड़ाई में घी डालें और घी के गर्म होने पर उसमें गाजर डाल दें। गाजर को 5 मिनट घी में भूनें और फिर दूध डालकर अच्छे से मिलाएं।
  • गाजर में दूध को मध्यम आंच पर गाढ़ा होने तक पकाएं। चम्मच बीच-बीच में चलाते रहें।
  • गाढ़ा होने पर मावा और चीनी डालें। चीनी पिघलने लगेगी और चम्मच से इसे चलाते रहें। चीनी के पूरी तरह गाढ़ा होने तक इसे पकाएं।
  • गाढ़ा होने पर उसमें काजू, बादाम और इलायची पाउडर डालें और गैस बंद कर दें।

चिक्की

चिक्की मूंगफली और गुड़ का बेहतरीन मेल है। इन स्वादिष्ट कैंडीज़ जैसी इंडियन स्वीट का स्वाद सर्दी में लेने का अच्छा समय है। मूंगफली का शरीर पर गर्म प्रभाव पड़ता है और गुड़ के साथ यह तुरंत एनर्जी देता है जो कि भूख को भी शांत करता है।

सामग्री

  • गुड़ – 1 कप
  • मूंगफली के दाने – 150 ग्राम
  • घी – 2 टेबल स्पून

विधि

  • एक कड़ाही में छिली हुई मूंगफली को भून लें और अलग से निकाल कर रख लें। उसी कड़ाही में घी और गुड़ डालें और कुछ देर तक कम आँच पर पकाएं।
  • गुड़ थोड़ा फूला हुआ दिखे और पक जाएं तो पहले जांच लें कि यह चिक्की बनाने के लिए तैयार है या नहीं। यह जांचने के लिए एक कटोरी में पानी लें और चम्मच से गुड़ टपका कर थोड़ा ठंडा होने का इंतजार करें। गुड़ पकने के बाद खिंचाव महसूस हो तो उसे थोड़ी देर और पका लें.
  • जब गुड़ अच्छी तरह से पक जाएं तो गुड़ में मूंगफली के दाने डालकर अच्छी तरह से मिला लें और आंच बंद कर दें।
  • एक थाली में घी लगाएं और इस मिक्चर को अच्छी तरह से फैला दें। चम्मच से चिक्की को अच्छी तरह एक समान फैलाएं। हल्के हाथों से चिक्की को चाकू से काट लें। ठंडी होने के बाद एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रख लें और सर्दियों में जब मन करें तब इसका स्वाद लें।

तिल लड्डू

तिल के लड्डू सर्दियों में खास जगह रखते हैं और खासकर लोहड़ी और मकर संक्रांति के सर्दियों के इन त्योहारों के दौरान ज़रूर घर में बनाए जाते हैं। तिल के लड्डू बनाने की विधि के कई वैरिएशन होते हैं, लेकिन सर्दियों की मिठाई की दो मुख्य सामग्री तिल और गुड़ हैं। दोनों सामग्रियों का इस्तेमाल उनके एनर्जी बूस्ट करने और प्राकृतिक रूप से गर्माहट बढ़ाने वाले गुणों के लिए किया जाता है।

सामग्री

  • तिल- 2 कप
  • गुड़- 1 कप
  • घी – 2 टीस्पून
  • काजू- 2 टेबल स्पून
  • बादाम- 2 टेबल स्पून
  • छोटी इलाइची – 6 से 7

विधि

  • कड़ाही को गर्म कर लें और फिर उसमें तिल डालें। गैस पर मध्यम आंच पर लगातार चम्मच से चलाते हुए तिल को हल्के ब्राउन होने तक भूनें।
  • तिल भून जाने पर एक प्लेट में निकालें। इन्हें थोड़ा ठंडा कर लें। भुने तिल से आधे तिल निकालें और इन्‍हें हल्का सा कूट लें। इन्हें मिक्सी से भी दरदरा पीस सकते हैं।
  • अब कड़ाही में एक चम्मच घी डालें और गर्म कर इसमें गुड़ डाल दें। धीमी आँच पर गुड़ को पिघला लें। गुड पिघल जाए तो गैस तुरंत बंद कर दें। ठंडा होने के बाद इसमें भुने कुटे हुए तिल मिलाएं।
  • इसमें काजू बादाम और इलाइची का पाउडर भी डालकर मिक्स कर लें। लड्डू बनाने का मिश्रण तैयार है। कड़ाही से एक प्लेट में निकाल लें और थोड़ा-सा ठंडा होने दें।
  • अब हथेली पर घी लगाकर चिकना करें। लगभग एक टेबल स्पून मिश्रण लें और हाथों से गोल लड्डू बनाकर थाली में रखते जाएं।

गजक

गजक या तिल की बर्फी सर्दियों की एक और पसंदीदा मिठाई है जो ठंड में ज़रूर खाना चाहिए। गुड़ और तिल का कॉम्बिनेशन इस मिठाई को इतना स्वादिष्ट बनाता है। सर्दियों के दौरान गुड़ और तिल शरीर के लिए अच्छे होते हैं जो अंदर से गर्म रखने और पाचन को नियंत्रित करने के लिए कम के होते हैं।

सामग्री

  • सफेद तिल – 200 ग्राम
  • गुड़ – 300 ग्राम
  • बादाम – 15-16 कटे हुए
  • काजू – 15-20 कटे
  • इलायची – 2-3 पिसी हुई
  • घी – 3 टीस्पून

विधि

  • सबसे पहले कड़ाही में सफेद तिल डालकर एक चम्मच से लगातार चलाते हुए धीमी आंच पर सेक लें।
  • तिल के अच्छी तरह भून जाने पर एक प्लेट में निकाल लें। ठंडे होने के बाद इन्हें मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें।
  • अब कड़ाही में गुड़, पानी और थोड़ा-सा घी डालकर पकाएं और चाशनी तैयार कर लें।
  • चाशनी तैयार होने के बाद इसमें इलायची पाउडर और पिसे हुए तिल डालकर अच्छी तरह मिला लें। प्लेट में थोड़ा-सा घी डालकर उसे फैला लें और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालें।
  • तैयार किया हुआ तिल का मिश्रण थाली में डालकर बेलन से जितना पतला हो सके उतना पतला बेल लें। अब चाकू से इसके पीस काट लें।
  • जब यह मिश्रण ठंडा होकर कड़ा हो जाए तो इन्हें खाएं और बाकि गजक को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें।

इमरती

हालांकि इमरती पूरे साल बाज़ार में मिलती है लेकिन गर्मागर्म इमरती की असली उपस्थिति केवल सर्दियों के दौरान ही महसूस होती है। इसे जलेबी का सॉफ़्ट और जूसी वर्ज़न माना है। इसे गर्म खाने से सिर के दर्द में तुरंत असर होता है। सबसे खास बात है कि सर्दियों में जब सिर में दर्द हो तब इसका गर्मागर्म सेवन करें।

सामग्री

  • उड़द दाल – 2 कप
  • चीनी – 3 कप
  • पानी – 11/2 कप
  • इलाइची पाउडर – 1/2 टी स्पून
  • घी – 500 ग्राम
  • केसर/कलर

विधि

  • उड़द दाल को धोकर पूरी रात पानी में भिगोकर रखें। बाद में दाल को पीसकर इसमे रंग मिलाएं।
  • दाल को अच्छे से फेंट लें और कुछ बूंदे पानी में डालकर देखें।
  • पानी में चीनी को डालकर धीमी आंच पर घुलने दें और इस लगातार चलाते रहे जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए।
  • इसे तब तक पकाएं जब तक इसका तार न बन जाए। एक बूंद अंगुली के पर रखें फिर दोनों को अलग करें तो आपको तार बनती हुई दिखाई देगी।
  • इसमें इलाइची पाउडर डालें। इसे बैटर को नोजल वाले पाइप में डालें। इसके बाद गर्म घी में इमरती बनाएं। आंच को धीमा करें ताकि यह क्रिस्पी और क्रंची हो जाए।
  • इन्हें अब घी में से निकालकर चाशनी में में 2 से 3 मिनट के लिए रखें। चाशनी से निकालकर इसे गर्मागर्म सर्व करें।

मालपुआ

सर्दियों में राजस्थानी मालपुआ से ज़्यादा और कुछ पसंद नहीं आ सकता है। बिहार में भी इसे खूब बनाया जाता है। ठंड के मौसम में अगर कुछ मीठा खाने का जी करे तो आप घर बैठे आटे का मालपुआ बना सकते हैं। मालपुआ एक तो होली के त्योहार पर ज़रूर बनता है और मीठा खाने वालों के लिए सर्दियों का मौसम इसके बिना अधूरा रहता है।

सामग्री

  • गेहूं का आटा – 1 कप  
  • मैदा – ¼ कप
  • दूध  – ¼ कप
  • चीनी – ¼ कप
  • घी आवश्यकतानुसार

विधि

  • एक बोल में दूध और शक्कर डालें। इन्हें चम्मच से चलाते हुए शक्कर मेल्ट करें और गेहूं का आटा, मैदा और थोड़ा पानी डालकर पेस्ट बनाएं। इसे 15-20 के लिए ढ़ककर रखें। ध्यान रहे कि आटे में कोई लम्प न रहें, ऐसा न होने पर मालपुए सॉफ्ट नही बनेंगे।
  • एक पैन में घी डालकर गैस को मध्यम आंच पर चालू करें। घी गर्म हो जाने पर चम्मच से बेटर डालें और इसे फैलाएं। जब मालपुआ तलकर ऊपर आ जाए तो पलटकर दूसरी तरफ से तलकर निकाल लें।  

गुलाब जामुन

सर्दियों के मौसम में शादियों का समय होता है और ऐसे में हर शादी में गर्मागर्म गुलाब जामुन ज़रूर मिलते हैं। यूं तो सालभर गुलाब जामुन मिलते हैं, लेकिन ठंड के मौसम में इन्हें खाना किसी रिवाज़ से कम नहीं है।

सामग्री

  • खोया – 100 ग्राम
  • मैदा या सूजी – 1 टेबल स्पून
  • बेकिंग सोडा – 1/4 टी स्पून
  • चीनी – 2 कप
  • पानी – 2 कप
  • दूध – 2 टेबल स्पून
  • हरी इलाइची – 4
  • घी
  • ब्रेड क्यूब्स

विधि

  • एक कटोरे में खोए को अच्छे से मैश कर लें। इसमें मैदा और बेकिंग सोडा मिलाकर नरम और लचीला डो तैयार कर लें।
  • डो को छोटी गेंद का आकार दें। इनका आकार गोल या फिर अंडाकार में भी हो सकता है।
  • कड़ाही में घी डाले और इसमें घी का एक छोटा पीस डालकर देखें की वो एक बार में ऊपर आ जाए।
  • आंच कम करें और इसमें ब्रेड क्यूब डालकर लाइट ब्राउन होने दें। ब्रेड को निकाल लें और इसमें जितने जामुन आ सके उतने डालें, यह एक-दूसरे को टच न करें। इन सभी जामुन को गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई करें।
  • जामुन को घी से बाहर निकाल लें और बाकी बचे जामुन को फ्राई कर लें, आंच को कुछ देर के लिए बढ़ा लें और जामुन डालने से पहले फिर कम कर दें। गुलाब जामुन को एक तरफ रख दें जब तक बनकर चाशनी तैयार होती है।
  • पानी में चीनी को मिलाकर धीमी आंच पर पकने के लिए रख दें, इसे लगातार चलाते रहें जब तक चीनी पूरी तरह न घुल जाए।
  • आंच को बढ़ा दें जब चीनी घुल जाए और तक इसे उबाल सकते हैं। इसे तब तक पकाएं जब यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए। जब चाशनी ठंडी हो जाए तो इसमें अंगुली डालकर देखें कुछ देर वह पूरी तरह कोट होकर निकलेगी।
  • चाशनी को गैस से हटा लें और इसे आधा घंटा ठंडा होने दें। इसे छलनी और मलमल के कपड़े से छान लें। इसे इलाइची डालकर दोबारा उबालें।
  • इसमें गुलाब जामुन डालें और आंच को बंद कर दें। सर्व करने से पहले गुलाब जामुन को इसमें आधे घंटे के लिए भीगे रहने दें।

Leave a comment