नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान घर में पूरे विधि विधान के साथ मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। इस दौरान घर में अखण्ड ज्योत भी प्रज्जवलित होती है, जिससे घर में हर ओर रोशनी रहती है। नवरात्रों के इन शुभ दिनों के दौरान घर में यां फिर खासतौर से रसोईघर में ऐसा बहुत सा सामान होता है, जिन्हें हमें व्रत के भोजन को बनाने के दौरान इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो ऐसे में उस सामान को बाहर निकाल देना बेहतर है। आइए जानते हैं, वो ऐसा कौन सा सामान है, जिसे नवरात्रि के दौरान रसोईघर में बाहर कर देना ज़रूरी है।

नवरात्रि में ये सामान रसोई में न करें इस्तेमाल

प्याज

यू ंतो हर सब्जि प्याज़ के बगैर अधूरी मानी जाती है। मगर प्याज तामसिक खाने की कैटेगरी में आता है, जिसका सेवन व्रत के दौरान उचित नहीं माना जाता है। ऐसे में यदि आप व्रतधारी और मां भगवती की अराधना में पूर्ण रूप से लीन हैं, तो नवरात्रि के दौरान प्याज़ को रसोईघर से निकालकर कहीं और रख देना चाहिए।

नमक

व्रत में लोग मीठा भी खाते हैं और नमकीन भी। अगर नमकीन खाने की बात करें यां खासतौर से नमक की बात करें, तो व्रत में केवल सेंधा नमक ही इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर व्रतधारी ही व्यंजनों में सेंधा नमक इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ लोग बिना व्रत धारण किए भी नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान केवल सेंधा नमक ही प्रयोग में लाते हैं।

लहसुन

कई बीमारियों में औषधी के तौर पर इस्तेमाल होने वाला लहसुन व्रत के भोजन में इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यदि आप व्रतधारी है, तो अपनी रसोई को पवित्र रखें और लहसुन को रसोई से बाहर कर दें, ताकि आप तामसिक खाने से बच सकें।

मॉसाहारी

व्रत के पावन दिनों में नियमित तौर पर मां भगवती की पूजा की जाती है। इससे मां भगवती की कृपा सदैव बनी रहती है। ऐसे में इस शुभ अवसर पर मॉस मछली से दूर रहें और अगर आपके घर में पहले से रखा हुआ है, तो उसे रसोईघर के अलावा घर से भी बाहर कर दें। आप व्रतधारी हैं यां नहीं, लेकिन नवरात्रों के दौरान मॉस का सेवन करने से परहेज करें।

अंडे

आजकल हर घर में लोग अंडों का काफी इस्तेमाल करते हैं। अगर आपकी रसोई यां फ्रिज में भी पहले से कुछ अंडे अब तक रखे हुए हैं, तो उन्हें तुरंत किचन से बाहर कर दें, ताकि आपकी रसोई में किसी प्रकार की अशुद्धता न रहे। इतना ही नहीं नवरात्रि के दौरान अंडों का खाना सख्त मना है।

कुट्टू का आटा करें इस्तेमाल

कुट्टू का आटा यू ंतो सभी लोग खाते हैं, लेकिन इसके ढ़ेर सारे फायदे इसके स्वाद को दोगुना कर देता है। नवरात्रों के दौरान गेहूं के आटे की रोटी की जगह कुट्टू का आटा प्रयोग किया जाता है। जो व्रत के अलावा हमारे स्वाद और सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्रोटीन, आयरन और फॉसफोरस पाया जाता है, जो हमारे शरीर को मज़बूती प्रदान करता है। 

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