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अभिशाप – राजवंश भाग-21

गाड़ी उसके सामने तीर जैसी तेजी से गुजर गई और आनंद को यों लगा-मानो एक साथ कई तीर उसके हृदय को चीरकर निकल गए हों। गुजरने वाली एक खुली गाड़ी थी-जिसमें निखिल एवं मनु बैठे थे। गाड़ी नजरों से ओझल हो गई थी, किन्तु आनंद अभी भी उस ओर देख रहा था। एक विवशता थी […]