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मज़ाक  – गृहलक्ष्मी कहानियां

विनय आठवीं कक्षा का विद्यार्थी था। वह बहुत तेज तर्रार और शरारती लड़का था। सदा कुछ न कुछ शरारत करता ही रहता था, परन्तु कभी भी पकड़ा नहीं जाता था। उल्टा उसके कारण दूसरों को डाट पड़ जाती थी। एक दिन उसने अपने एक मित्र सुरेश की साइकिल के टायर में पिन चुभो दिया।