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महिलाएं होती हैं ज्यादा डिप्रेशन की शिकार, इन तरीकों से निकले उदासी से बाहर

आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी चाहे हमें पूरे दिनभर लोगों की भीड़ के बीच व्यस्त रखती हो, लेकिन कहीं न कही हमारे भीतर एक शांति लगातार घर करती चली जाती है, क्योंकि हमारी दिनचर्या इतनी व्यस्त हो जाती है कि हमें अपने लिए समय नहीं मिल पाता है। दिनभर हमारे दिमाग में कुछ न कुछ चलता रहता है, जिसे न आप किसी को बता पाते हैं और न खुद सहन कर पाते हैं, जो एक दिन डिप्रेशन यानि मानसिक बीमारी का रूप ले लेती है।