जिंदगी में आनंद लेने के लिए सेक्स लाइफ को अच्छा माना जाता है। यदि सेक्स लाइफ अच्छी नहीं है तो आपकी गृहस्थी में भी सुख का आना संभव नहीं हो पाता है। ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है। एक सुखद जदीवन के लिए जरूरी है सेक्स को भरपूर जिया जाए। लेकिन आज के युग में सेक्स में रुचि कम रखने वालों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। लगभग 43% महिलाओं और  31% पुरूषों में कामेच्छा खत्म होती जा रही है। आज इसे सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। हालांकि इसका इलाज संभव है-

सेक्स ड्राइव का अवलोकन 

कामेच्छा में भारी कमी आने से आगे आने वाली जनरेशन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है। आपकी सेक्स ड्राइव जिसे आपकी कामेच्छा भी कहा जाता है।  मुख्य रूप से हार्मोन द्वारा नियंत्रित होती है। सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन महिलाओं के लिए प्रमुख हार्मोन माने जाते हैं।  हालांकि महिलाएं टेस्टोस्टेरोन के स्तर का भी उत्पादन करती हैं। पुरुषों के लिए सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन प्रमुख है। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन इच्छा के पीछे प्रेरक शक्ति मानी जाती है और हार्मोनल परिवर्तन सेक्स में आपकी रुचि पर भारी प्रभाव डाल सकते हैं। सेक्स ड्राइव में परिवर्तन पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान और अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है। 

महिलाओं में सेक्स रुचि कम होना

महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत कम होता है, इसलिए वे पहली बार में सेक्स करने की बहुत कम संभावना रखती हैं। हालांकि, आपके मूड में न होने के और भी कई कारण हो सकते हैं।

तनाव होना

यदि आप तनावग्रस्त हैं, तो आप सेक्स का मजा नहीं ले सकते हैं। पुरुषों के लिए, सेक्स अक्सर तनाव कम करने वाला हो सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए हमेशा ऐसा नहीं होता है। जो आपको तनाव दे रहा है उसे लिखने का प्रयास करें या तनाव से निपटने के अन्य तरीकों की तलाश करें जिससे कि आप अंतरंगता के लिए समय निकाल सकें।

गर्भनिरोधक लेना

एक ओर तनाव तो कारण बनता ही है सेक्स ड्राइव को अनुकूल न कर पाने के लिए। लेकिन गर्भनिरोधक दवाओं का लेना भी आपको सेक्स के प्रति अरुचि पैदा करता है। महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन की कम मात्रा होती है, जो हार्मोन सेक्स को प्रेरित करता है। यदि आप हार्मोनल गर्भनिरोधक ले रहे हैं, तो आप अपने शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा कम कर देते हैं। जिससे आपका मन सेक्स ड्राइव में नहीं लगता है।

मासिक धर्म

मासिक धर्म या पीरियड के समय महिलाओं में सेक्स करने की उत्तेजना ज्यादा होती है अगर तब उन्हें संतुष्टि नहीं मिलती है तो उनमें खीज उठने लगती है जिससे उनकी कामेच्छा बाधित होती है। और ऐसे में उनकी इच्छाएं खत्म होती चली जाती है। गर्भावस्था भी महिलाओं में कम कामेच्छा का एक कारण हो सकती है।

दर्द महसूस करना

यूं ही कभी सेक्स के प्रति अनिच्छा होने लगती है। जब आपका मन सेक्स करने का नहीं होता है तो आपको इस दौरान दर्द का आभाष होने लगता है। आप इस दर्द को नजरअंदाज न करें। यदि आप दर्दनाक सेक्स का अनुभव कर रहे हैं चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

पुरुषों में कामेच्छा में परिवर्तन

कामेच्छा में अरुचि न सिर्फ महिलाओं बल्कि पुरूषों में भी हो सकती है। यदि आप एक पुरुष हैं और आपकी सेक्स ड्राइव कम है तो यह कुछ कारणों से हो सकता है। जैसे-

• टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होना

• कम व्यायाम करना

• बढ़ती उम्र

पुरुषों और महिलाओं दोनों में कामेच्छा में परिवर्तन

कम कामेच्छा का कारण हमेशा हार्मोन में उतार-चढ़ाव के कारण नहीं होता है। यदि आप थके हुए हैं या भावनात्मक या शारीरिक रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ महसूस नहीं कर रहे हैं तो हो सकता है कि आप अंतरंग नहीं होना चाहें। शराब और ड्रग्स भी अंतरंगता में आपकी रुचि को प्रभावित कर सकते हैं। और, यदि आप दीर्घकालिक संबंध में हैं, तो आपका जुनून कम हो सकता है।

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