जब एक लड़की की शादी होती है तो उसे यही समझाया जाता है कि उसे अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए कई समझौते करने होंगे। यह सच भी है, क्योंकि जब दो लोग शादी के बंधन में बंधते हैं, तो उन दोनों का ही स्वभाव व नजरिया अलग होता है। ऐसे में अगर वह आपस में समझौता नहीं करेंगे तो उनके लिए अपने रिश्ते में प्यार को बनाए रखना काफी मुश्किल होगा। हालांकि, यहां आपको यह समझना आवश्यक है कि रिश्ते में हर वक्त समझौता करना भी उचित नहीं होता। बल्कि आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपको कब झुकना है और कब नहीं। अगर आप हरवक्त रिश्ते में झुकती ही चली जाएंगी तो अपनी खुशियां, मन की शांति यहां तक कि आत्म-सम्मान भी खो देंगी। कुछ ऐसी बातें भी होती हैं, जहां पर आपको किसी भी तरह का समझौता बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। तो चलिए आज हम आपको इन्हीं बातों के बारे में बता रहे हैं-

हिंसा सहना, कभी नहीं

अगर आपका पार्टनर हर छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करता है या फिर वह आपको शारीरिक और भावनात्मक रूप से चोट पहुंचाता है तो ऐसे में आपको बिल्कुल भी समझौता नहीं करना चाहिए। कई बार महिलाएं खुद को यह कहकर दिलासा देती हैं कि इन्हें थोड़ा जल्दी गुस्सा आता है या फिर वैसे तो यह बहुत अच्छे हैं, बस गुस्से पर कण्ट्रोल नहीं कर पाते। हालांकि, ऐसा कहकर आप अपने पति को खुद ही बढ़ावा दे रही हैं। याद रखिए, ऐसे इंसान का स्वभाव कभी नहीं बदलता, बल्कि समझौता करने से आपकी स्थिति बद से बदतर होती चली जाएगी।

आत्मसम्मान से समझौता, कभी नहीं

एक स्त्री को कभी भी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए। कुछ पुरूष यह समझते हैं कि अगर उनकी पैसे नहीं कमाती है या कहीं पर जॉब नहीं करती है तो ऐसे में वह उसके साथ किसी भी तरह का व्यवहार कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वह अपने घर के सदस्यों या फिर रिश्तेदारों व दोस्तों के सामने भी अपनी पत्नी से दुर्व्यवहार करते हैं या फिर उसका मजाक उड़ाते हैं। आपको यह कभी भी नहीं सहना चाहिए, क्योंकि इस तरह आप ना केवल दूसरों की नजरों में अपनी वैल्यू कम कर रही हैं, बल्कि अपना आत्मसम्मान भी खो रही हैं। हो सकता है कि एक वक्त ऐसा भी आए, जब आपको भी यह लगने लग जाए कि आपका होना या ना होना कोई मायने नहीं रखता है। यह स्थिति यकीनन आपके लिए बेहद खतरनाक है।

बड़े फैसलों में समझौता, जरा सोच-समझकर

बतौर पति-पत्नी ऐसे कई फैसले होते हैं, जो दोनों ही पार्टनर की जिन्दगी पर गहरा प्रभाव डालते हैं और इसलिए इन फैसलों में आपको समझौता बेहद सोच-समझकर करना चाहिए। मसलन, अगर आपका पार्टनर अपनी फैमिली बढ़ाना चाहता है और आपको बच्चा पैदा करने पर जोर दे रहा है और आप ऐसा नहीं चाहती हैं तो दबाव में आकर पार्टनर की बात ना माने। सबसे पहले, आप अपने पार्टनर को अपने मन की बात समझाएं। साथ ही साथ उनकी बात भी ध्यानपूर्वक सुनें। अगर आपको लगता है कि आप दोनों फाइनेंशियली मजबूत हैं और इतने मैच्योर हैं कि एक बच्चे की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, तभी आप कदम आगे बढ़ाएं। अन्यथा आप अपना कारण बताते हुए पार्टनर को इसके लिए मना सकती हैं।

रिश्तों में समझौता, नहीं-नहीं

यूं तो जब एक लड़की की शादी होती है तो उसे अपने कई रिश्तों में खुद-ब-खुद समझौता करना पड़ता है। वह अपना घर छोड़कर पति के घर आ जाती है और उसके सभी रिश्तों को अपना समझकर उसे संभालने व संवारने में लग जाती है। लेकिन अगर आपका पार्टनर आपसे यह चाहे कि आप अपने मायके से कोई संबंध ना रखें या फिर जब आपके मायकेवालों को आपकी जरूरत हो, तब भी आप केवल उसी का ख्याल रखें तो ऐसे में आपको समझौता नहीं करना चाहिए।

फिजिकल और मेंटल हेल्थ से समझौता, है बहुत बुरा

यह एक कॉमन चीज है, जो अक्सर कपल्स में देखने को मिलती है। कई बार महिलाएं अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ को दरकिनार करके केवल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में लगी रहती हैं। इससे धीरे-धीरे वह पूरी तरह से ड्रेन आउट होने लगती हैं। जब आप एक रिश्ते में हैं तो इसका अर्थ है कि वह रिश्ता आपका सपोर्ट सिस्टम बने और आपका पार्टनर आपकी परेशानियों व मुश्किलों को समझे। लेकिन अगर वह चाहता है कि अकेले आप ही सारी जिम्मेदारियां उठाएं तो फिर रिश्ते में प्यार नहीं रह जाता, बल्कि वह बोझ बन जाता है। ऐसे रिश्ते में आपको कभी भी खुशी नहीं मिल सकती। इसलिए, अगर आपको ऐसा लगने लगा है कि आप पर जरूरत से ज्यादा प्रेशर पड़ने लगा है या फिर आप अपनी क्षमता से अधिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं तो ऐसे में आपको समझौता करने के स्थान पर तुरंत आवाज उठानी चाहिए। 

सेल्फ लव से समझौता, ना करें तो बेहतर

एक स्त्री हमेशा ही दूसरों के लिए जीती है। पहले पिता की खुशी, फिर पति और उसके बाद बच्चों की। उसका पूरा जीवन ही दूसरों को समर्पित होता है और शायद यही कारण होता है कि उसे दूसरों के लिए समझौता करने में कोई समस्या नहीं होती। यकीनन आप अपने रिश्तों के लिए समझौता करें, लेकिन इसके लिए सेल्फ लव को कभी भी नजरअंदाज ना करें। अगर आप ऐसा करती हैं तो इससे आपके मन में एक उदासी व निराशा छा जाती है, जिसका नकारात्मक प्रभाव आपके रिश्तों पर भी पड़ता है। इसलिए, दूसरों की केयर जरूर करें, लेकिन खुद को प्यार करना भी ना भूलें।

यह भी पढ़ें- कहीं सेल्फी लेने की आदत रिश्ते पर पड़ ना जाए भारी

रिलेशनशिप संबंधी यह लेख आपको कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें। प्रतिक्रियाओं के साथ ही रिलेशनशिप से जुड़े सुझाव व लेख भी हमें ई-मेल करें –editor@grehlakshmi.com