‘सास, मां जैसी क्यों नहीं हो सकती है? सोचों जैसे मां से कई बार मतभेद होते हैं लेकिन बात खत्म होते ही गुस्सा भी खत्म हो जाता है, ठीक वैसे ही सास के साथ क्यों नहीं हो सकता है? सोचो तो समझ आए कि बात सिर्फ कम्युनिकेशन की है। मां को आपके दिल का हाल पता होता है लेकिन सास को आप जैसा व्यवहार दिखाती हैं, उन्हें सिर्फ वही दिखता है। इसका एक तरीका है कि सास को भी अपने दिल का हाल बयां कर दीजिए।‘ तृप्ति अपनी सास के बहुत करीब हैं और सास-बहू वाले मुद्दे पर अक्सर यही कह देती हैं। उनका मानना है कि एक दूसरे से सामने दिल खोलकर रख देने भर से सास को या बहू को कभी भी किसी से एक दूसरे की बुराई करनी ही नहीं पड़ेगी। क्योंकि वो एक दूसरे को गलतियां बताने के लिए भी आजाद होंगी। तृप्ति की बात सही भी है, उन्होंने इस रवैए को आजमाया भी हुआ है। ये उन बहुओं के लिए सीख जैसा है, जो सास की उनके बारे में गॉसिप करने की आदत से परेशान हैं। जो दिनभर घर और ऑफिस में मेहनत करने के बाद पाती हैं कि उनकी सास खुश नहीं हुईं बल्कि दूसरों से उसकी बुराई जरूर की। हां, ऐसी स्थिति में दुख तो होता है लेकिन अगर थोड़ी सूझ-बूझ से काम लिया जाए तो सास के साथ रिश्ते अच्छे हो सकते हैं। इस स्थिति के लिए कुछ टिप्स जान लीजिए-
आपकी सास करती हैं आपको नापसंद-
आपकी सास आपको नापसंद करती हैं और अक्सर आपकी बुराई भी करती हैं, इस बात को बस यूंहीं सोच कर ना बैठ जाइए। बल्कि इस बल्कि इस बात की पुष्टि सास के हाव-भाव से कर लीजिए। आगे वो आपको पसंद नहीं करती तो इन बातों का ध्यान दीजिए-
-वो आपकी हर चीज में कमी निकालेंगी। 
-अक्सर आपकी बात को इग्नोर करेंगी। 
-वो चाहेंगी कि आप हमेशा उनको खुश करने के लिए कुछ ना कुछ करती रहें। 
-वो किसी भी चीज का अधिकार आपको नहीं देना चाहेंगी। 
-पार्टी आदि में वो आपसे बहुत लगाव दिखाने की कोशिश करेंगी। 
-वो आपको अपना वो निगेटिव रूप दिखाएंगी, जो उन्होंने सबसे छुपा कर रखा है। 
-वो तब भी आप पर प्यार दिखाएंगी, जब आप उनके बताए कम को अच्छे से कर दें। 
ये सारी न सही तो कुछ बाते तो सास के व्यवहार में आपको दिखेंगी ही। इन अपर ध्यान जरूर दीजिए। 
ऐसा करती हैं तो आखिर क्यों-
लाख कोशिशों के बाद भी आपकी सास आपसे खुश नहीं हैं और अक्सर ही दूसरों से आपकी बुराई करती हैं तो इसकी वजह क्या है? आपने कभी इसको पहचानने की कोशिश की? अगर नहीं तो अब कीजिए। हो सकता है, उनके साथ अच्छा करने वाला उन्हें कभी कोई मिला ही न हो। या हो सकता है, उनके ससुराल के अनुभव कभी अच्छे ही न रहे हों। और इसी तरह के अनुभवों के चलते, वो आपके साथ अच्छा व्यवहार करने से बचती हों। उन्हें फिर से एक बार रिश्ते में धोखा मिलने का डर हो। तो उनसे बात कीजिए या इस बारे में अपने पति से पूछिए। आपको उनके इस व्यवहार के पीछे की वजह पता चल जाएगी। 
गुस्सा नहीं-
हो सकता है कई बात सास ऐसी बात करें कि आपको गुस्सा आ जाए। लेकिन यहीं पर आपको खुद को संभाल लेना है। आपको पूरी कोशिश करनी है कि गुस्से वाला मौका कभी आए ही न। लेकिन जब बात कहना बहुत जरूरी हो तो फिर पीछे न हटिए लेकिन गुस्से में नहीं। शांत मन से अपनी बात सास के सामने रखिए। इसमें भावनाएं हों लेकिन इतनी नहीं कि आप अपने तथ्य ठीक से उनके सामने रख ही न पाएं। इसलिए गुस्सा हुए बिना क्यों, क्या और कैसे हुआ पर बात करें और मामला साफ करें। 
लाइन हो क्लियर-
अक्सर डोमिनेट करने वाली सासें जिंदगी के हर पहलू में आपको ये बताने लगती हैं कि ये करो या ये नहीं। जबकि हर जगह दूसरे की बातें सुनना तो अच्छा नहीं लगता है न। इसलिए सास को सामने से साफ-साफ बता दें कि उनका अधिकार हर जगह नहीं है। कई जगह उनको शांत रहना होगा और निर्णय आप लेंगी। इसके बाद आपको फिर से दूसरों के सामने आपकी बुराई की वजह बनना पड़ सकता है लेकिन याद रखिए कि आप उनकी बात मान लेंगी तो भी वो आपकी बुराई करेंगी ही। 
अपना व्यवहार न हो खराब-
कई बार परिवार के माहौल के चलते घर की बहुएं भी निगेटिव हो जाती हैं। वो भी जिंदगी में कुछ पॉजिटिव देखने की स्थिति में होती ही नहीं हैं। ऐसा इसलिए कि 24 घंटे उन पर सास की निगेटिविटी हावी रहती है। वो उनको खुश करने की लाख कोशिश करती हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है। और ये ही स्थिति उन्हें भी जिंदगी के लिए निगेटिव बना देती है। लेकिन यहीं सारी गड़बड़ हो जाती है। अगर सास आपकी बुराई कर रही हैं तो उन्हें या तो इग्नोर करें या फिर सामने से बैठ कर बात करें लेकिन कभी भी उनके व्यवहार को खुद पर हावी न होने दें। ध्यान दें कि कहीं आपका व्यवहार भी उनके जैसा न हो जाए। आप खुद को सास के हिसाब से बदलें बिलकुल न बल्कि अपनी सौम्यता बनाए रखें। 
आप बदल लें-
आपकी सास आपके बारे में अच्छा सोचेंगी या नहीं, वो आपकी बुराई रोकेंगी या नहीं? ये सारी बातें सोचते हुए आप खुद को परेशान बिलकुल न करें बल्कि याद रखें कि वो आपके लिए बदलेंगी कभी नहीं। उनको सिर्फ समय के हिसाब से ही अपनी बात समझाई जा सकती है। इसलिए फिलहाल के लिए आप खुद में थोड़े बदलाव लाएं खास तौर पर खुद की सोच को लेकर। कुछ भी हो जाए खुद को नाकारात्मक ना होने दें।