कई बार हम अपने करीबियों के साथ या जाने अंजाने में हमारे मूड खराब होने के चक्कर में अनजानों के साथ भी ऐसा व्यवहार कर देते हैं कि बाद में हमें ही ऐसा महसूस होता है कि हमने उनके साथ अच्छा नहीं किया है। इससे हमारे उनके साथ संबंधों पर भी बहुत फर्क पड़ता है क्योंकि हम उनके दिल को ठेस पहुंचा देते हैं। ऐसे में आपका रिएक्शन दो ही तरह से हो सकता है : या तो आप उनसे माफी मांग लें या फिर आप उन्हीं को दोषी मान कर अकड़ में रहें।

पहला तरीका माफी मांगने के सही तरीका है तो दूसरा गलत। आज हम इसी प्रकार की अवस्था में आप किस प्रकार सही तरह से माफी मांग सकते हैं यह सब बताएंगे और आपको उन चीजों के बारे में भी जागरूक करेंगे जिन्हें गलती मानने का गलत तरीका माना जाता है और वह स्थिति को और अधिक खराब कर सकता है। तो आइए जानते हैं किस प्रकार आपका गलती मानने का ढंग स्थिति को हाथ से निकाल सकता है।

माफी मांगने का गलत तरीका 

व्यक्ति पर ही इल्जाम लगाना: यह सबसे गलत तरीका होता है कि आप अपने द्वारा किए गए खराब व्यवहार का इल्जाम भी दूसरे ही व्यक्ति पर लगाएं। याद रखें कि वह आपके द्वारा की गई गलती का विक्टिम हैं और अगर आप माफी मांगने की बजाए उन्हीं को दोष दे रहे हैं तो यह अच्छी बात नहीं है।

खुद को बचाना: अगर आप अपने द्वारा की गई गलती को डिफेंड करते हैं या उससे बचने के लिए बहाने बनाते हैं या झूठ बोलते हैं तो इससे अगला व्यक्ति आपसे और अधिक नाराज हो सकता है या आपके बारे में एक गलत धारणा बना सकता है कि आप एक झूठे व्यक्ति हैं।

खराब ढंग का व्यवहार:अगर आप कोई खराब ढंग का व्यवहार करके यह दिखाते हैं कि आपको उनके व्यवहार से कोई फर्क नहीं पड़ता तो आप न केवल विक्टिम के साथ गलत कर रहे हैं बल्कि अपनी छवि को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं।

बचने के लिए बहाने बनाना: जब आप गलती मानने और उसके लिए माफी मांगने की बजाए बचने के लिए बहाने बनाने लगते हैं तो सामने वाला व्यक्ति और अधिक परेशान होता है क्योंकि उसको पहले से ही ठेस पहुंची होती है और आप यह सब करके उनका और अधिक दिल दुखा रहे होते हैं।

माफी मांगने का सही तरीका : 

अपनी गलती को समझें :सबसे पहले आपको खुद में एक्सेप्ट करना होता है कि आपने गलती की है। अगर आप खुद की गलती पहले खुद के सामने स्वीकार करेंगे तो यह आपके लिए आसान होगा कि आप उनके सामने भी माफी मांग लें और हालात ठीक होने में भी ज्यादा देर नहीं लगेगी।

गलती स्वीकार करें :अगर आप अपनी गलती मान लेंगे और खुद को अपने व्यवहार के लिए जिम्मेदार मानेंगे तो आप दूसरे व्यक्ति पर विश्वास कायम कर सकेंगे और उनके दिल को जो ठेस पहुंची है उसे थोड़ी सी कम कर पाएंगे।  एक बड़े ही स्वीट तरीके से आपको अपनी गलती मान कर उनसे माफी मांग लेनी चाहिए और जल्दी से जल्दी सुलह करने की पहल करनी चाहिए।

खुद को व्यक्त करें: अगर आप अपनी गलती मान भी लेते हैं तो केवल इससे ही सब ठीक नहीं हो जाता है बल्कि आपको यह दिखाना होता है कि आप इस स्थिति के दौरान अंदर से क्या महसूस कर रहे हैं। आप इस प्रकार खुद को व्यक्त कर सकते हैं कि मै मानता हूं मैने कल तुमसे बहुत बुरी तरह से बात की और इसका बाद में मुझे तुमसे भी अधिक बुरा लगा और आगे से ऐसा नहीं होगा।

व्यवहार में थोड़ा बदलाव करें: याद रखिए कि आपके व्यवहार से दूसरे व्यक्ति को ठेस पहुंची है इसलिए आप अगर माफी भी मांगते है तो हो सकता है कि वह माफ करने को तैयार नहीं हो इसलिए उन्हें थोड़ा समय दें और समय के बीच अपने व्यवहार को पहले से भी बेहतर बनाने की कोशिश करें क्योंकि माफी मांगने का मतलब ही यह होता है कि आपसे दुबारा वह गलती नहीं होगी।

जिंदगी में उनकी क्या महत्ता : अगर आपने माफी मांगी है और वह आपको माफ करने के लिए तैयार नहीं है तोउन्हें यह महसूस करवाएं कि वह आपके लिए क्या हैं  है और उनका आपको माफ करना क्यों जरूरी है? यह सब बातें करके उनको पता लगेगा कि वह आपके लिए कितने जरूरी हैं और यह संभावना होती है कि वह आपको जल्दी ही माफ कर देंगे।

अगर आपने गलती की है तो बेहतर यही होगा कि आप अपनी गलती को स्वीकार करके और माफी मांग लें और आगे से ऐसी गलती न करने का वादा करें। बिना बात के बहाने बनाना और झूठ बोलना छोड़ दें, ताकि उनको और अधिक गुस्सा न आए और वह अधिक समय तक नाराज न रहें। अगर आप ऊपर लिखित टिप्स को पालन करेंगे तो जो व्यक्ति आप से नाराज हैं वह बहुत जल्द ही आपसे सुलह कर लेंगे। इस स्थिति में सबसे ज्यादा आवश्यक आप का व्यवहार होता है इसलिए अपने व्यवहार को विनम्र रखें और आगे से गलतियां करने से बचें ताकि आप के रिश्ते में और अधिक दरार न आ जाए।

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