अक्सर घरों में आने वाली बाई बहुत बोलने लगती हैं ये इतना बोलती हैं कि कई बार उलझन होने लगती है। कोई मेहमान आया हुआ है तो मानिए कि आपको शर्मिंदगी भी महसूस हो सकती है। कई बार तो लगता है कि काश ये चुप हो जाए। लेकिन आदत को छुड़ाना इतना आसान कहां होता है। मगर ये नामुमकिन भी नहीं होता है। बाई काम अच्छा करती है और उसके ज्यादा बोलने की आदत के चलते उसे निकाला तो नहीं जा सकता है। करिए ये कि कुछ टिप्स आजमाइए ताकि वो खुद को बदल सके। ये उसको सीख मिले कि ज्यादा बोलना सही नहीं होता है। कैसे होगा ये,जान लीजिए-

सबसे पहले वो समझे- सुधार करने के लिए जरूरी है कि सबसे पहले वो अपनी इस आदत को समझे। वो समझे कि ज्यादा बोलना एक खराब आदत है। इसकी वजह से शर्मिंदगी भी हो सकती है और कई बार ना बोले जाने वाली बात भी मुंह से निकल जाती है। अब बाई सुधार तो तब ही करेगी जब उसको अपनी आदत के बारे में पता चलेगा। इसलिए बाई को उसकी इस आदत के बारे में सबसे पहले बताइए। और इसके पीछे का कारण भी उसे जरूर बताइए।

 बैलेंस है जरूरी- बाई को बताइए कि हर चीज की तरह बोलने में भी बैलेंस होना चाहिए। ये बैलेंस ठीक उसी तरह है जैसे फैमिली में सब अपने-अपने काम करते हैं और कोई भी एक गड़बड़ करता है तो पूरे परिवार पर इसका असर पड़ता है। ठीक वैसे ही अगर वो जयद बोलेगी तो पूरे परिवार पर इसका असर पड़ेगा। घर के बड़े नाराज भी हो सकते हैं। इसलिए जब तक जरूरी न हो वो ना ही बोले।

तुम बोलोगी तो मैं नहीं- बाई को एक बात और समझाइए कि जब-जब वो ज्यादा बोलेगी आप बोलना बंद कर देंगी। आप बोलेंगी ही नहीं। तो जब-जब आपको लगे कि वो ज्यादा बोल रही है,आप बस बोलना बंद कर दीजिए। जब वो कई बार आपकी ये आदत देख लेगी तो अपनी बोलने की आदत को कम करने की कोशिश तो करेगी ही।

कोई बड़ा कहे तो- परिवार का जब कोई बड़ा बात कहता है तो उसकी बात का फर्क हर शख्स पर पड़ता ही है। ऐसे में जब बाई से घर के बड़े कहेंगे कि बोला कम करो तो उस पर इसका फर्क जरूर पड़ेगा। इसलिए घर पर किसी बड़े से कहिए कि वो आपकी बात बाई से कह दे।

 

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