शादी अच्छी तरह से निपटने के बाद हर जोड़े की यही इच्छा रहती है कि वह हनीमून पर जाएं लेकिन नए जोड़े को इस बारे में खास आइडिया नहीं होता कि इसकी शुरूआत कैसे की जाएं, हालांकि सुहागरात से जुड़े किस्से और मजाक शायद आपको इसका सच जानने की हड़बड़ाहट में डाल सकते हैं। लेकिन इसके बजाए आराम से इसका लुत्फ उठाएंगे तो अनुभव बेहतर होगा।
 
वैसे भी हनीमून का मतलब केवल सेक्स करना नहीं होता। पहले जमाने में शायद ऐसा होता होगा लेकिन अब दुल्हा दुल्हन एक दूसरे को पूरी तरह से जान समझ लेने के बाद ही आगे कदम बढ़ाते हैं जब वे पूरी तरह से तन व मन से इसके लिए हों।
 
जल्दबाजी ना करें-
सेक्स करने में जल्दबाजी ना करें बल्कि पहले एक दूसरे को अच्छी तरह समझ लें। ऐसा करने से आप दोनों एक दूसरे के करीब आएंगे और सेक्स करते समय किसी भी तरह की केई झिझक नहीं होगी।
 
बातें करें-
पहली बार खुलकर और अधिकार स्वरूप एक दूसरे के सामने आना भी सुहागरात का मतलब होता है और आप इस दौरान ऐसी बातें कर सकते हें जोकि आपने फोन पर या मिलने पर अपने पार्टनर को नहीं बताई। आप उनसे अपने मन में दबे हुए कुछ ऐसे जज्बात कहें, जो आप उस वक्त या फिर शादी से पहले कहना चाहते थे और हनीमून के दौरान भी आप खूब बातें करें अपनी हर बात बचपन से कालेज तक की जो आप चाहें अपने पाटर्नर के साथ शेयर करें और जब आप पूरी तरह से घुलमिल जाएं तब इसके बारे में सोचें।
 
साथी से परमिशन लें-
एक बात का ध्यान अवश्य रखें कि अब आपकी पत्नी उम्र भर के लिए आपकी ही है इसलिए जल्दी ना करें। वैसे भी ऐसा किसी किताब में नहीं लिखा कि फर्स्ट नाइट या फिर सुहागरात को ही सेक्स करना आवश्यक है। इसलिए पहले अपने साथी को कंफर्टेबल होने दें और उसकी हां के बाद ही कदम आगे बढ़ाएं।
 
मन में संकोच न रखें-
सेक्स से पहले अपने साथी से बात कीजिए उसे अपने मन की हर बताएं। अपनी सारी बातों का समाधान बातचीत के जरिए पहले ही निकाल लें। नहीं तो सेक्स के दौरान दोनों के मन में संकोच बना रहेगा।
 
नखरे भी ना दिखाएं-
अगर हनीमून के दौरान भी आप दोनों सेक्स के लिए पूरी तरह से तैयार हैं तो दूसरे साथी को तंग ना करें। उसे बेवजह के नखरे दिखाने से दोनों का ही मूड ऑफ हो सकता है। शरमाना, इठलाना, नखरे दिखाना स्त्री का गुण हो सकता है पर ऐन मौके पर नखरे दिखने पर पित का मूड भी बिगड़ सकता है। अतः ऐसे मौके पर एक दूसरे का भरपूर सहयोग दें। याद रखें कि शादीशुदा जिंदगी के लिए सेक्स पति व पत्नी दोनों के लिए ही जरूरी है। हां, यह अलग बात है कि उसकी शुरूआत हनीमून पर ही की जाएं यह कोई जरूरी नहीं है।
 
सच तो यह है कि हनीमून की पहली रात पति पत्नी के बीच प्रेम और आत्मिक संबंधों की शुरूआत है। हनीमून को अच्छा बनाने के लिए जरूरी है कि इसकी शुरूआत प्रेम के आत्मिक संबंधों से की जाएं। शारीरिक संबंधों की अपेक्षा आत्मिक संबंध अत्यधिक स्थायी और मजबूत होते हैं। इसलिए इस रात को आत्मिक मिलन की रात बनाने की कोशिश की जाएं। हनीमून एक तरह से सुनियांजित एकांतवास है परंतु इस निजी एकांत के क्षणों में भी अपने व्यवहार को संयम एवं शालीन बनाएं रखें ताकि हनीमून की गरिमा बनी रहे।