रितु की शादी को अभी छह महीने ही हुए हैं। लेकिन उनको बस एक ही दुख है कि कितने भी अच्छे काम कर लो लेकिन कोई कभी खुश ही नहीं होता है। दरअसल रितु उन लड़कियों में हैं, जिन्हें नए परिवार के सामने अपनी अच्छाइयां रखने का सही तरीका पता ही नहीं होता है। वो करती अच्छा ही हैं लेकिन उसको पूरी तरह से समझ पाने में परिवार वाले पीछे ही रह जाते हैं। वो समझ ही नहीं पाते बहू के अच्छे मकसद की पूरी दास्तां। तो ऐसा क्या करें कि जब सही करें तो सही ही समझें ससुराल वाले। वो बहू के लिए जजमेंटल न हों बल्कि उसके अच्छे भावों का एहसास उन तक आसानी से पहुंच सके। आइए जानें- 
काम नहीं आराम भी- 
ससुराल में अक्सर आप काम ही करती रहती हैं। कभी किचन तो कभी बगीचा और कभी अलमारी की सेटिंग। लेकिन काम के बाद आराम का समय अकेले ही बितता होगा। अगर ऐसा है तो थोड़ा बदलाव आपको अपने रोजमर्रा के दिन में करना होगा। आप आराम अपने समय पर ही कीजिए लेकिन जब रिलैक्स की बारी आए तो इसका एक हिस्सा नए परिवार के साथ जरूर बिताएं। दरअसल कई सारी रिसर्च कहती हैं कि किसी के आसपास रहने का सामाजिक असर होता है। इसलिए जरूरी है कि रिलैक्स किया जाने वाला भी कुछ समय ससुराल वालों के साथ बिताएं। इस दौरान वो आपको जानेंगे और आप उनको। रिश्ते की गांठें भी इस तरह खुलेंगी। 
बात रखें-
देखिए, अपनी बात साफ-साफ सामने वाले के सामने रखने के कई फायदे होते हैं। आपको भी यही फायदा उठाना है। आपको अपने मन की बात ससुराल वाले नए परिवार के सामने भी रखनी है। आपको जब कोई बात बुरी लगे सास के सामने दिल खोल दीजिए। गुस्से में नहीं प्यार से। अपनेपन वाली शिकायत हो या दिक्कत से वाकिफ कराना, सबकुछ साफ शब्दों में कहने की आदत डालिए और देखिएगा परिवार वाले खुद ही आपमें अच्छाइयां ढूंढने लग जाएंगे। वो समझ जाएंगे कि आपके दिल में कोई मैल नहीं है। 
हर बात का विरोध नहीं-

याद रखिए हर बार, हर बात का विरोध करना भी सही नहीं होता है। बल्कि कुछ बातें वक्त पर भी छोड़ दी जाती हैं। दरअसल आप किसी भी तरह का विरोध करके अपनी बात दूसरों से मनवा नहीं सकती हैं। इस बात को जितनी जल्दी समझ लिया जाए, उतना ही अच्छा है। विरोध करना आपकी छवि को और खराब करेगा। फिर दूसरों को आपमें अच्छाई नहीं बल्कि सिर्फ बुराई ही दिखेगी। 
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