आपके चेहरे से आपकी उम्र का पता ही नहीं चलता 56 साल की संगीता ने न जाने कितनी ही बार खुद के लिए ये सुना होगा ‘वो 56 की है ये पता ही तब लगता है जब वो अपने नाती की बात करती है या बहू को अच्छी मां होने के गुर सिखाती दिखती है। एक बच्चे की दादी बन चुकी संगीता आम महिलाओं की ही तरह है ‘दो बच्चे, पारिवारिक जिम्मेदारी, सब कुछ संगीता के पास भी रहा अब वो एक बच्चे की दादी भी है, पर फैमिली एल्बम या सोशल साइट्स पर बहू के साथ खड़ी संगीता बहू की बड़ी बहन से ज़्यादा नहीं लगती देखने में ही नहीं, रहन सहन, सोच विचार कहीं भी उम्र की छाप नहीं। चेहरे का यौवन अब भी बरकरार है। ‘मुझ जैसे बहुत से लोग इसका राज पूछते रहते हैं, वो मुस्कुराकर कह देती है प्यार।

पहले मुझे लगता था कि शायद संगीता बताना नहीं चाहती, पर बार-बार मिलने पर लगा कि वो सच कहती है। जिस तरह से उसमें और उसके पति में आज शादी के 35 साल बाद भी एक दूसरे के लिए आकर्षण है, प्यार और प्यार की ऊष्मा ही उसकी जिंदगी है। समाज विज्ञानी आराधना अग्रवाल की मानें तो ‘एक शादीशुदा महिला की उम्र और जिंदगी का सीधा रिश्ता उसकी जिंदगी में मौजूद प्यार से होता है। पति पत्नी के बीच का प्यार किसी टॉनिक सा असर दिखाता है। अगर इस प्यार की ऊष्मा और गर्मजोशी ताउम्र बनी रहे तो पति पत्नी की जिंदगी में कुछ साल और जुड़ जाते हैं। 

बहरहाल, मैं मान चुकी हूं कि प्यार को उम्र से लडऩे का मंत्र मानलेना गलत नहीं है। जिंदगी के उतार चढ़ावों के बीच पति पत्नी का प्यार जिंदा रहे इसके लिए जरूरी है कि समय रहते कुछ कदम उठा लिए जाएं ताकि जिंदगी से ऊब न हो पाए। प्रेमी प्रेमिका बनें कुछ समय के लिए पति पत्नी या मां बाप नहीं प्रेमी प्रेमिका बनकर जरूर एक दूसरे से बात करें। एक दूसरे के साथ प्यार से समय बिताएं।

मौके निकालें

अपने और अपने पति के बीच रोज नए तरह से सकारात्मक मुद्दों पर बातचीत के मौके निकालती रहें। ध्यान रहे ये मुद्दे घरेलू न हों। ऐसी बातचीत पति पत्नी के बीच संवाद के नए मुद्दे तो जिंदा रखती ही है, साथ ही रुचि भी बनी रहती है। जानकारी के साथ एक दूसरे के प्रति सम्मान भी बढ़ता है। अगर रोज ऐसे विषय की खोज कर ली जाए तो पति पत्नी एक दूसरे के साथ रोज ज़्यादा समय बिता पाएंगे।

टीवी साथ में देखें

शाम को कोई एक टीवी शो या न्यूज बुलेटिन एक साथ देखें ताकि पति पत्नी को बात करने के लिए कॉमन विषय ढूंढने की जरूरत न पड़े। जिंदगी से प्यार करें अपने आप और अपनी जिंदगी से प्यार करो। घर गृहस्थी की तमाम उलझनों के बीच अगर एक दूसरे के लिए एक घंटा भी बचा लिया तो समझो जिंदगी में एक पूरा दिन जोड़ लिया। 

घूमने जाएं

साल में कम से कम एक बार पति पत्नी एक हफ्ते की छुट्टी लेकर सिर्फ एक दूसरे के साथ अपने शहर से बाहर समय बिता कर आएं। इन छुट्टियों के दौरान एक साथ घूमने, खाने पीने, शौक पूरे करने के अलावा किसी तीसरे का जिक्र भी न आए। साल में एक बार इस तरह बिताया गया एक हफ्ता न सिर्फ रिश्ते की गर्मजोशी को रीचार्ज करेगा बल्कि बाकी रिश्तो को पूरी ऊर्जा से निभाने की शक्ति भी भरेगा।

दोस्तों से मिलें

एक दूसरे के दोस्तों से या कॉमन फ्रेंड्स मिलने का महीने में एक बार प्लान जरूर बनाएं। एक दूसरे के दोस्तों को घर बुलाकर सरप्राइज देने का आइडिया भी बुरा नहीं। ऐसा कर आप एक दूसरे के चेहरे पर आई मुस्कान का कारण तो बनेंगे ही, प्यार की ऊष्मा भी बढ़ेगी।

उपहार से करें इजहार

प्यार को प्रदर्शन की जरूरत नहीं, पर उसे साथ की जरूरत हमेशा है। प्यार के इज़हार का एक तरीका उपहार भी हो सकते हैं। आसान तरह से समझा जाए तो रिश्ते में पहले दिन जैसी गर्मजोशी भरा प्यार बनाये रखना चुनौती जरूर है, पर अगर ऐसा कर पाओ तो न रिश्ते बूढ़े होते हैं और न शरीर। साफ है कि जिन्दगी बढ़ानी है, बेहतर बनानी है तो प्यार को फना न होने दो। प्यार और जिन्दगी का सम्बन्ध विक्रम बेताल की कहानी सा है। प्यार गया और जिन्दगी उड़ी,जिंन्दगी को गुलजार रखना इतना भी कठिन नहीं। याद रहे, ये प्यार भरे लम्हे आपकी ही जि़न्दगी में कुछ साल और जोड़ रहे हैं। जिंन्दगी प्यार से ही गुलजार है और बनी रहेगी। बस प्यार से रिश्ते और जिन्दगी दोनों जोड़ते चलिए ये ही है बढ़ती उम्र को जीतने का मंत्र।