सेक्स को लेकर महिलाओं की सोच में व्यापक बदलाव आया है। आज वह थोड़ा ही सही पर बोलने लगी हैं, सेक्स को लेकर डिमांडिंग होने लगी हैं। अब सेक्स को नई परिभाषा मिली है जिसे आधुनिक कामसूत्र कहा जा सकता है। वात्स्यायन के बताए पुराने कामसूत्र को मौजूदा दौर में कैसे इस्तेमाल किया जाए? नई जीवनशैली को अपना चुके लोग इससे कैसे फायदा उठा सकते हैं? यही बताता है आधुनिक कामसूत्र जिसमें महिलाओं की भूमिका अहम है।

सेक्सोलाजिस्ट डॉ. दीपक अरोड़ा कहते हैं कि आज के दौर में अक्सर पति पत्नी दोनों कामकाजी होते हैं। अगर पति-पत्नी दोनों कामकाजी हों तो एक-दूसरे के साथ बैठने और बातचीत के लिए भी समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इसका सीधा असर उनके सेक्स जीवन पर पड़ता है। समय की कमी, थकान, बच्चों की जिम्मेदारियों के चलते उनके बीच की दूरिया खाई का रूप ले लेती हैं। इस समस्या से निबटा जा सकता है बशर्ते छोटी-छोटी बातों पर गौर किया जाए और कामसूत्र को अपनाया जाए, माडर्न अंदाज में।

खास है वो पल
सबसे पहले महिलाओं को ये बात स्वीकारनी होगी कि दूसरी चीजों की तरह सेक्स भी जीवन का अहम हिस्सा है और इसे नजरअंदाज करके खुश रहना नामुमकिन है। सेक्स को जीवन का अहम हिस्सा मानने से उनके सेक्स जीवन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि इंटरनेट, सेटेलाइट चैनल और समाज में सेक्स को लेकर आए खुलेपन से महिलाओं की सोच कुछ हद तक बदली है और वे स्वीकारने लगी हैं कि सेक्स जीवन का एक अहम हिस्सा है पर अभी इसमें कुछ परिवर्तन होना बाकी है।

दिलचस्पी लें
मनोचिकित्सक डॉ. संजय चुग का मानना है कि व्यस्तता भरी जिंदगी में भी सेक्स से मुंह न मोड़ें। ये आपके जीवन को ज्यादा ऊर्जा से भरा और स्वस्थ बनाता है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए ऐसा सेक्स जरूरी है जो पति-पत्नी दोनों को दिलचस्प लगे। इसके लिए इसे एक मशीनी क्रिया में बदलने की बजाय दिलचस्प बनाने पर जोर देना जरूरी है। यही आपको तनाव से मुक्त करता है और एक-दूसरे के करीब लाता है।

जीवन में लाता है ताजगी
भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच काम करने वालों की रोजमर्रा की जिंदगी में इतनी जिम्मेदारियां और तनाव होते हैं कि बेडरूम तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें सिर्फ बिस्तर दिखता है और बिस्तर पर पड़ते ही सो जाते हैं। पर सच ये हैं कि वो सेक्स ही है जो उनके जीवन में पैदा होने वाले दबावों और परेशानियों से जूझने का टॉनिक बनता है। हाल ही में हुए शोध बताते हैं कि नियमित सेक्स रोगों से लडऩे की क्षमता भी बढ़ाता है। जो पति-पत्नी वात्स्यायन के बताए पुराने कामसूत्र को मौजूदा दौर में कैसे इस्तेमाल किया जाए? नई जीवनशैली अपना चुके लोग इससे कैसे फायदा उठा सकते हैं? यही बताता है आधुनिक कामसूत्र जिसमें महिलाओं की भूमिका अहम है। सप्ताह में तीन बार तक सेक्स संबंध बनाते हैं वे अपनी उम्र से कम दिखते हैं। साथ ही ये सिरदर्द, संधिवात और संक्रामक रोगों से भी बचाता है।

किंतु परंतु से ऊपर उठें
हर विवाहित दंपती के जीवन का अनिवार्य हिस्सा है सेक्स। हैल्दी सेक्स लाइफ जिंदगी को कई कुंठाओं और तनाव से निजात दिलाती है, लेकिन सेक्स की यह जादुई दुनिया भी पूरी तरह एरर-फ्री नहीं है। कभी न कभी सबकी जिंदगी में सेक्स संबंधी समस्याएं आती हैं। इन्हें कम करने और हैल्दी सेक्स लाइफ का आनंद उठाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। अंतरंग पलों के बीच ढेर सारे किंतु-परंतु न हों तो अच्छा है। पार्टनर्स एक-दूसरे की खुशी चाहें, एक-दूसरे को महसूस करें, यह जरूरी है। इसी से सेक्स लाइफ बेहतर हो सकती है। उन एहसासों को एक्सप्लोर करने के बारे में सोचें, जो खुशी देते हैं। जो बात नापसंद हो, उसे साफ-साफ बता दें। सेक्स एक साधना जैसा है, जिसमें एकाग्रचित्त होकर ही सफलता मिल सकती है। तनाव, दबाव, अवसाद का प्रभाव इस पर न पडऩे दें।

बढ़ती है निकटता
ये तो जगजाहिर है कि सेक्स का असर आपसी रिश्तों पर भी पड़ता है। ये पति-पत्नी को एक-दूसरे के करीब लाने में मदद करता है और उनको बांधे रखता है। पति-पत्नी के बीच आपसी मधुरता का असर उनके सामाजिक रिश्तों पर भी पड़ता है। वो पहले से ज्यादा खुश रहने लगते हैं और उनका चमकता चेहरा उनके जीवन की खुशहाली को दर्शाता है।

 

रोमांस भी हो खास
रोमांस के बिना सेक्स को इंजाय करना मुश्किल होता है। रोमांस ना रहे, तो शादी में अकेलेपन का गुबार भरने लगता है। प्यार और रोमांस से दूरी बढ़ते ही हम अपने आप में डूबने लगते हैं और भूल जाते हैं कि हम अकेले नहीं दो प्राणी हैं, जिन्होंने साथ-साथ चलने का वादा एक-दूसरे से किया है। शादी के शुरुआती दिनों में तो रोमांस की भावनाएं भी अपने चरम पर होती हैं। पर धीरे-धीरे वक्त बीतने के साथ और जिम्मेदारी बढऩे के कारण वैवाहिक जीवन में रोमांस कम होता जाता है। यकीन मानिए रोमांस के साथ प्यार पाकर और देकर ही इस रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है।

अपनाएं मसाज थेरेपी
हमारे यहां सेक्स के लिए मसाज थेरेपी ज्यादा पॉपुलर नहीं है, जबकि विदेशों में सेक्स विकारों को दूर करने के लिए मसाज थेरेपी काफी प्रचलित है। मसाज के लिए नारियल, तिल या जैतून का तेल अच्छा रहता है। सेक्स में मसाज का पूरा फायदा तभी मिलेगा, जब पार्टनर्स एक-दूसरे की मसाज करें। रोमांटिक माहौल में प्यार व सेक्सी तरीके से की गई मसाज की बात और उसका असर ही कुछ और होता है। पर चाहे तो स्पा सेंटर में भी इस तरह की मसाज करवाई जा सकती है। सेक्स-संबंधी अधिकतर समस्याएं तनाव से उत्पन्न होती हैं और मसाज तनाव दूर करने का कारगर तरीका है। मसाज से रोमछिद्र खुल जाते हैं, त्वचा पर चमक आती है, साथ ही रक्तसंचार तेज होता है, जिससे बाकी अंगों के साथ-साथ सेक्स ऑर्गन्स को भी पोषण मिलता है।

मूड बनाएं एफ्रोडीजिएक फूड
दांपत्य जीवन में प्यार और सेक्स का अहम रोल होता है। ऐसे कई खाद्य पदार्थ जिन्हें एफ्रोडीजिएक फूड यानी सेक्स मूड बनाने वाले फूड के तौर पर जाना जाता हैं, के सेवन से इंसान वैवाहिक जीवन को और सुखमय बना सकता है। कामेच्छा को बढ़ाने के लिए उपयोग में लाई जानेवाली खाद्य श्रृंखला को ‘एफ्रोडीजीऐक फूड के नाम से जाना जाता है। प्राचीन काल में लोग ऐसे भोजन का इस्तेमाल करते थे जिससे उनकी सेक्सुअल पावर में इजाफा हो। अश्वगंधा, प्याज, लहसुन, केसर, मेथी, हिबिस्कस, घी, शतावरी जैसी चीजों की लंबी फेहरिस्त है जिसे लोग अपने खाने में इस्तेमाल करते थे। डायटीशियन नीलांजना सिंह कहती है कि भारतीय खाने में इस्तेमाल होने वाले केला, दूध, शहद, ट्रफल और चाकलेट जैसे तमाम फूड को मूड बनाने वाले फूड के तौर भी जाना जाता है। इसीलिए तो आज भी लगभग हर भारतीय नव विवाहित जोड़े को शादी की पहली रात पर बादाम वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है।

आयुर्वेद की सुनें
आयुर्वेद की मानें तो रात्रि 10-11 बजे तक भोजन करने वालों को सेक्स आधी रात के बाद करना हितकारी है। सोने के ठीक पहले दूध न पिएं, यदि दूध लेना ही है तो सोने के एक घंटा पूर्व लें। यदि हसबेंड-वाइफ में से कोई भी क्रोध, चिंता, दु:ख, अविश्वास आदि किसी भी मानसिक समस्या से गुजर रहा हो, तो सेक्स करना उचित नहीं है।
कुछ लोग सेक्स को महज एक औपचारिकता के तौर पर लेते हैं पर इससे न तो पुरुष को ही आनंद मिलता है और न ही स्त्री को संतुष्टि। लिहाजा सेक्स के पहले रोमांटिक बातों से पार्टनर को पूर्ण जागृत करें, तभी सेक्स का सच्चा आनंद आप पा सकते हैं और पार्टनर को पूरी तरह संतुष्ट कर सकते हैं। 
 

बार-बार हो हनीमून
सेक्स संबंधों के प्रति हमेशा उत्साह और चाह बनाए रखने के लिए पति-पत्नी को चाहिए कि वे हर साल कहीं न कहीं घूमने के लिए जाएं। घूमने के लिए आप हनीमून के लिए जहां गए थे वहां जा सकते हैं या किसी नई जगह का भी चुनाव कर सकते हैं। अगर कहीं बाहर नहीं जा सकते तो अपने शहर का होटल भी चुन सकते हैं। इस तरह जब आप बाहर जाएं तो एक-दूसरे को पहले हनीमून पर किए गए कार्य और बातों को याद कराएं। बाहर घूमने और अपनी हनीमून के बारे में बात करने से सेक्स संबंधों की याददाश्त ताजा हो जाती है और सेक्स क्रिया में नयापन महसूस होता है।