शादी से पहले हर लड़की को लड़के का टोकना और हर लड़के को लड़की का टोकना अच्छा लगता है। सिर्फ इतना ही नहीं शादी के बाद भी कुछ हद तक सह लेना भी अच्छा लगता है, क्योंकि उस हस्तक्षेप में प्यार छिपा होता है, पर जब रोक-टोक ज्यादा होने लगती है तो यह मुसीबत बन जाती है। मनोचिकित्सक समीर पारिख कहते हैं कि जब एक लड़का या लड़की एक-दूसरे को प्यार करते हैं तो उन्हें एक-दूसरे की हर बात अच्छी लगती है फिर चाहे वो कितनी भी रोक-टोक क्यों ना लगाए, क्योंकि उस रोक-टोक में दोनों को प्यार और अपनत्व नजर आता है, जिसके चलते वह कुछ नहीं बोलते। एक-दो बार की रोक-टोक हर किसी को अच्छी लगती है, पर जब यह हर काम में हो तो किसी आफत से कम नहीं लगती। हर समय किये जाने वाले हस्तक्षेप से नुकसान ही होता है।

रोक-टोक से होने वाले

नुकसान हर इंसान को अपनी आजादी पसंद होती है। पर यदि उसकी आजादी पर रोक लगाई जाए तो रिश्तों में मिठास नहीं बल्कि कड़वाहट पैदा हो जाती है, जैसे

  • रिश्तों में जब रोक-टोक शुरू हो जाती है तो पार्टनर को लगता है कि सामने वाला उसे नीचा दिखाने की कोशिश कर रहा है।
  • ज्यादा हस्तक्षेप करने से पार्टनर एक-दूसरे से बातें छुपाने लगते हैं। उन्हें लगता है कि अगर कुछ अच्छा बताया तो भी सुनना पड़ेगा और खराब बताया तो भी, इससे बेहतर है कि बात ही ना बताएं तो ज्यादा अच्छा है।
  • हर वक्त हस्तक्षेप करने से शेयर करने जैसा जज़्बा भी कहीं पीछे रह जाता है, जिससे रिश्ते में दूरी आना स्वाभाविक हो जाता है। 
  • यदि आप हर समय साथी को उसकी गलतियां बताने और टोकने में लगे रहते हैं तो उसे आपकी सही बात भी गलत लगने लगती है।
  • अधिक हस्तक्षेप से संबंधों में विश्वास की कमी पैदा हो जाती है, जिसके चलते एक-दूसरे के प्रति आदर व सम्मान खत्म होने लगता है, जिसे वापस पाना मुश्किल हो जाता है।
  • कई बार नियंत्रण की जरूरत हमारी स्वयं की समझी हुई कमियों के कारण पड़ती है, जिसे हम ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाते। जिसका परिणाम यह होता है कि हम अपनी इन कमियों को अपने साथी पर थोप देते हैं।
  • हस्तक्षेप के कारण नकारात्मक भाव जैसे जलन, शक और एक-दूसरे के प्रति ईमानदार न होने जैसी सोच दिलों में घर कर जाती है।
  • हस्तक्षेप के चलते साथी अपने आपको समान रूप से महत्वपूर्ण महसूस नहीं करते हैं एवं अपने संबंधों और अपने जीवन को अपने नियंत्रण में नहीं समझते, जिसके कारण आगे चल कर उनमें निराशा और असहायता की
  • भावना पैदा हो जाती है।
  • मनोचिकित्सक समीर पारिख कहते हैं कि यह सभी पहलू एक नाखुश रिलेशनशिप की ओर इशारा करते हैं, जहां पर साथी घुटन और खुद को पिंजरे में बंद महसूस करते हैं। ऐसे में प्यार दर्शाने वाले क्रियाकलाप भी दूसरे साथी को उसके जीवन में नियंत्रण स्थापित करने वाले दिखाई पड़ते हैं।
  • जब संबंधों में हस्तक्षेप अधिक होने लगता है
  • तो आपका साथी अपनी व्यक्तिगत जगह बनाये रखने के लिये झूठ का सहारा लेने लगता है।
  • कैसे बचें रोक-टोक से
    डॉक्टर समीर पारिख कहते हैं कि ऐसे समय में यह समझना भी जरूरी है कि आप अपने साथी को अपने नियंत्रण में या उसे अपने अधिकार में रखना क्यों चाहते हैं। क्या इस तरह का हस्तक्षेप करने का जोखिम उठाना आपके संबंधों के लिये उपयुक्त है? क्या आपके संबंधों में विश्वास की कमी है और इसके चलते आप हस्तक्षेप या नियंत्रण करना चाहते हैं? यह कुछ ऐसे प्रश्न हैं जिनका उत्तर प्राप्त करना महत्वपूर्ण है ताकि आपका संबंध स्वस्थ रहे और उसका एक उज्जवल भविष्य हो। इसके अलावा अगर आपको लगे कि हस्तक्षेप ज्यादा हो रहा है तो इन बातों का ध्यान रखें ताकि आप रोक-टोक से बच सकें 

जैसे-

  • रोमांटिक और स्नेह युक्त संबंध में प्यार, आदर, ख्याल और सबसे महत्वपूर्ण विश्वास जैसी भावनाओं की खासी आवश्यकता होती है इसलिए इसे महत्व जरूर दें।
  • अगर साथी हर बात पर रोक-टोक करता है तो उसे पर्सनल स्पेस दें क्योंकि संबंधों में पर्याप्त जगह प्रदान करने से संबंध हमेशा मजबूत होते हैं।
  • अपने साथी को स्पष्ट शब्दों में समझा दें कि आपको उसकी यह आदत पसंद नहीं है। 
  • इस मसले को समझाने के लिए लड़ाई-झगड़ा ना करें बल्कि प्यार से समझाएं और बहस करने से बचें।
  • आपस में मिल बैठ कर तय कर लें कि कुछ बातों के लिए पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे को नहीं टोकेंगे।
  • अगर फिर भी वह इन आदतों से बाज नहीं आ रहा है तो उसे उस हाल में छोड़ दें।
  • जब भी समय मिलें अपने साथी के साथ समय व्यतीत करें या फिर अपने-अपने दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें।
  • अगर आपको लगे कि आप बहुत ज्यादा हस्तक्षेप कर रहे हैं तो ऐसे में यह ज्यादा जरूरी है कि आप अपने खुद के भावों पर ध्यान दें और उन्हें नियंत्रित करने के तरीकों को सीखें।
  • अपने साथी के क्रियाकलापों पर नियंत्रण करने पर अपनी ऊर्जा और समय खर्च करने की बजाय यह बेहतर होगा कि आप अपने संबंधों में विश्वास लाने के लिये प्रयास करें।