मेरे हाथ में तेरा हाथ हो सारी जन्नतें मेरे साथ हों…… गाने की ये पंक्तियां कुछ अलग सा एहसास दिलाती हैं। जी हां,बात हो रही है पार्टनर का हाथ थामकर चलने की । सुनने में थोड़ा अटपटा ज़रूर लगता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्टनर का हाथ पकड़कर चलना सिर्फ उनके बीच प्यार का प्रतीक नहीं है बल्कि इसके कई फायदे भी हैं। यह बात सुनकर कुछ देर के लिए आप भी सोच में पड़ गए होंगे कि हाथ थाम कर चलने का भला क्या मतलब हो सकता है ? आइए आपको बताते हैं कि  इसके क्या हैं फायदे –
 
रिश्ते को अटूट बनाता है 
भीड़भाड़ वाली जगह में पार्टनर का हाथ पकड़कर चलना ये एहसास दिलाता है कि दोनों साथ और सुरक्षित हैं। ये एक-दूसरे के अटूट प्यार और विश्वास का प्रतीक होने के साथ -साथ दोनों के बीच के रिश्ते को अटूट बंधन में बदल देता है जो जन्म-जन्मांतर तक चलता है। 
 
सुरक्षित होने का एहसास
महिलाएं जब किसी भी जगह पर अपने पार्टनर का हाथ थाम कर चलती हैं तो उन्हें सबसे ज्यादा सुरक्षित होने का एहसास होता  है। इसके अलावा महिलाओं में किसी भी बड़ी से बड़ी परेशानी से डटकर लड़ने की शक्ति आ जाती है। पार्टनर का हाथ थामने से महिलाओं में किसी भी तरह का डर ख़त्म हो जाता है।   
 
दर्द से राहत 
कितना भी दर्द हो पार्टनर का हाथ पकड़ने से मिनटों में छूमंतर होने लगता है। यहां तक कि प्रसव पीड़ा में भी पार्टनर हाथ थाम ले तो वो भी कुछ देर के लिए कम हो जाती है। 
 
सेल्फ कॉन्फिडेंस  बढ़ जाता है 
महिलाएं जब अपने पार्टनर का हाथ पकड़कर चलती हैं तब वो अपने आपको बहुत ज़्यादा कॉन्फिडेंट फील करती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि अपने पार्टनर के साथ वो बड़ी से बड़ी समस्या को हल कर सकती हैं। 
 
दुख कम होता है  
कितना भी बड़ा दुख क्यों न हो पार्टनर का हाथ थामने से कम हो जाता है। जब दो प्यार करने वाले एक दूसरे का हाथ पकड़कर अपनी कोई भी तकलीफ शेयर करते हैं तो वो तकलीफ काफी हद तक कम हो जाती है, और एक-दूसरे को इस बात का एहसास होता है कि यदि दोनों साथ हैं तो कोई भी दुख जल्दी ही कम हो जाएगा।