हमारे समाज में आज भी गर्भावस्था के समय सेक्स को लेकर बहुत भ्रांतियां हैं। महिलाएं सोचती हैं कि गर्भावस्था के दौरान सेक्स अच्छा नहीं होता और गर्भवती महिलाओं को कोई जिस्मानी ख्वाहिश ही नहीं होती। और तो और गर्भवती पत्नी के बेडौल शरीर को देखकर पति का जोश उडऩछू हो जाता है। अपोलो स्पेक्ट्रा (नई दिल्ली) के यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत मल्होत्रा का कहना है कि महिलाओं की यह सोच रिश्तों में दरार डाल देती है। यह सोच गलत है कि गर्भावस्था में सेक्स करना अच्छा नहीं होता बल्कि गर्भावस्था के दौरान सेक्स सुरक्षित ढंग से करने पर संतुष्टिदायक होता है। हां, इस दौरान खास ध्यान रखें कि सेक्स से पहले डॉक्टर से यह अवश्य पता कर लें कि गर्भ नॉर्मल है या नहीं। वहीं इस बारे में मनोचिकित्सक प्रांजलि मल्होत्रा कहती हैं कि शादी के बाद जीवन की खूबसूरती तब और निखर जाती है जब दो लोगों के बीच नया मेहमान कदम रखता है। इसलिए जरूरी है कि गर्भावथा के खूबसूरत पल को पति-पत्नी बिना किसी तनाव के इन्जॉय करें।

इन पलों का भरपूर लुत्फ उठाएं:-

शादी के बाद जीवन का यह पड़ाव पति-पत्नी को नए जीवन में प्रवेश करवाता है, इसलिए पति-पत्नी को चाहिए कि इन पलों का भरपूर लुत्फ उठाएं है। इस समय जहां स्त्री के शारीरिक बदलाव होते हैं उसी तरह से पुरुष में भी मानसिक बदलाव होते हैं, जिससे पति-पत्नी में असंतुलन की स्थिति पैदा हो जाती हैै। यह स्थिति दोनों को समय रहते समझ में आ जाती है तो समस्या का हल निकल जाता है। नहीं तो समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर विनीत कहते हैं कि इस दौरान जहां महिलाओं में सेक्स के प्रति अरुचि हो जाती हैै वहीं पुरुष में मानसिक संवेदनाओं के कारण सेक्स में रुचि बढ़ जाती हैै। उस दौरान पति-पत्नी को कोशिश करनी चाहिए कि एक-दूसरे से जुड़ा महसूस करें क्योंकि यह समय इतना नाजुक होता है जिसमें पति-पत्नी दोनों को एक-दूसरे की जरूरत होती है।

गर्भावस्था के दौरान कैसे करें सेक्स:-
गर्भावस्था के दौरान अपनी उत्तेजना पर नियंत्रण रखकर अपनी सुविधा के अनुसार छोटे-छोटे आसन या मुद्राओं का प्रयोग करके सेक्स का आनंद उठा सकते हैं जैसे-

  •  गर्भावस्था के समय यदि आपको संभोग की मनाही हो तो आप प्रेम स्पर्श सहलाना आदि कर सकती है।
  •  यदि चिकित्सक ने कोई आशंका जताई है तो यह पूछने में न झिझकें कि आपको कब तक संभोग नहीं करना है।
  •  विभिन्न आसनों का प्रयोग करके उस आसान को तलाश करें जो आप दोनों के लिए अधिक आरामदायक हों।
  •  अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें ताकि संबंधों की बदलती प्रवृत्ति को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
  •  गर्भावस्था के अंत में स्त्री का पेट बड़ा होता है साधारण तौर पर संभोग के समय पुरुष के ऊपर होने होने की स्थिति असुविधाजनक हो सकती है।

किस बात का रखें ध्यान:-

गर्भावस्था के दौरान सेक्स करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है जैसे-

  • गर्भावस्था के पहले तीन महीने और अंतिम के तीन महीने संभोग न करें।
  • यदि आपको पहले कभी अपरिपक्व प्रसव हुआ है तो भूलकर भी सेक्स करने की गलती न करें।
  • संभोग के दौरान किसी नए प्रयोग से बचें।
  • गर्भवती की इच्छा के विरुद्ध सेक्स न करें।
  • संभोग के दौरान पत्नी पर ज्यादा भार न डालें।
  • गर्भावस्था के दौरान होने वाले परिवर्तन
  • कई महिलाओं को, गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में थकान और मतली हो सकती है। इन लक्षणों के चलते गर्भवती महिला प्यार करने की भावना को महसूस नहीं कर सकती है।
  • गर्भावस्था के दौरान पेल्विक क्षेत्र में रक्त की आपूर्ति बढ़ जाती है। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान, पहली तिमाही के लक्षण खत्म हो चुके होते हैं और बढ़ रहे गर्भाशय के पोजीशन लेने से पहले, कई महिलाएं शारीरिक संबंध का आनंद लेती हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान महिला के स्तनों के आकार में कामोत्तेजना के साथ इसमें और वृद्धि होती है। कुछ महिलाओं के लिए ऐसा पहली बार होता है कि वे वास्तव में अपने स्तनों के बड़े होने का आनंद लेती हैं, जबकि कुछ महिलाएं इन परिवर्तनों में असहज अनुभव करती हैं।
  • जैसे-जैसे गर्भावस्था का समय बढ़ता जाता है, महिला के कमर की माप बढ़ती जाती है। गर्भवती महिला अपने शरीर के आकार में होने वाले परिवर्तन को लेकर निराश हो सकती है।

जब सेक्स सुरक्षित नहीं:-

  • यदि आपके गर्भ में एक से अधिक बच्चा हो
  • यदि आपका पहले गर्भपात हो गया या गर्भपात होने का खतरा हो। गर्भपात तब होता है जब गर्भावस्था के 20 सप्ताह से पहले गर्भ में बच्चे की मौत हो जाती है।
  • यदि आपको पहले अपरिपक्व बच्चा हुआ हो या गर्भावस्था में अपरिपक्व प्रसव के लक्षण हों।
  • यदि आपकी गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) अक्षम हो। ऐसा तब होता है जब गर्भाशय ग्रीवा गर्भावस्था के दौरान बहुत जल्दी खुल जाती है।
  • यदि आपको प्लासेंटा प्रीविया हो। ऐसा तब होता है जब प्लासेंटा (नाल) गर्भाशय में बहुत नीचे हो और गर्भाशय ग्रीवा के पूरे हिस्से या कुछ हिस्से को कवर करती हो।