अनन्या  को कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था। वह रोजाना ऑफिस तो जा रही थी लेकिन अपने लैपटॉप के सामने बैठकर उसके हाथ काम ही नहीं करते थे। उसकी नजरें रोजाना किसी को ढूंढती रहती थी। अनन्या को समझ नहीं आता था कि ऐसा उसके साथ क्यों हो रहा है। आखिरकार उस इंसान में ऐसा क्या था? अनन्या के जेहन में ऐसे कई सवाल उठ रहे थे, जिनके जवाब उसे नहीं मिल रहे थे। साथ ही अपने अंदर हो रहे बदलावों को लेकर भी वह परेशान थी। कल तक जो गाने उसे फालतू लगते थे, आज अच्छे लग रहे थे। बाजार जाती तो टेडी बीयर खरीदने का उसका मन होता। रात में सोते समय एफएम पर रोमांटिक गाने सुनना उसे अच्छा लग रहा था। अनन्या को अपने सवालों और अपने अंदर हो रहे बदलावों का जवाब रिया से मिला, जो उसकी बेस्ट फ्रेंड थी। रिया ने उसके बदले हाव-भाव और विचारों को देखते-सुनते ही समझ लिया कि अनन्या प्यार में है। जब उसने अनन्या से इस बारे में पूछा तो अनन्या को समझ ही नहीं आया कि वह क्या जवाब दे। करीब आधे घंटे की बातचीत के बाद रिया ने अनन्या को समझा ही दिया कि उसे अपने कलीग सौरभ से प्यार हो गया है।

दरअसल यह कहानी सिर्फ एक अनन्या की नहीं है। हमारे आस-पास कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें समझ ही नहीं आता कि वे प्यार में हैं। प्यार में पडऩे के कई चिह्न हैं, कई हाव-भाव और बॉडी लैंग्वेज हैं, जिन्हें देख और परखकर यह अंदाजा लगाने में देर नहीं होती कि फलां व्यक्ति को प्यार हो गया है। और प्यार तो पागलों वाला ही होता है, जिसमें न तो सोने की सुध रहती है और न खाने की। आपको किसी से गहरा प्यार हो गया है, इसे जानने के लिए कई संकेत हैं।

गानों के बोल लगें अपने
कल तक जो गाने आपको अच्छे नहीं लगते थे, वे आज अच्छे लगने लगे हैं। खासकर पुराने गाने, जो किशोर कुमार ने गाए थे। लता मंगेशकर तो पहले भी अच्छी लगती थी लेकिन अब उनके गाने सुनकर मन में कुछ नरम सा गुदगुदा अहसास होने लगा है। तड़क-भड़क वाले डांस पार्टी नंबर सुनकर आपका मन जो पहले डांस करने का करता था, अब नहीं करता। अब तो प्यार भरे नगमे ही अच्छे लगे रहे हैं और इनके बोल सुनकर आपको ऐसा लगता है, मानो आपके लिए ही लिखे गए हों।

 

गिफ्ट्स लगने लगें प्यारे
टेडी बीयर, हार्ट शेप तकिए, गुलाब-रजनीगंधा के फूल, गुब्बारे, हार्ट शेप रिंग- ये सब आपको क्यूट लगने लगे हैं। पहले गिफ्ट की दुकान पर जाती थी तो काम की चीज खरीदी और वापस आ गईं। लेकिन अब आपके हाथ इन छोटे-छोटे गिफ्ट्स की ओर बढऩे लगे हैं। इन्हें हाथ में लेकर देखना आपको अच्छा लगने लगा है। रजनीगंधा के फूल दिख जाते हैं तो आपको रजनीगंधा फूल तुम्हारे महके यूं ही… याद आ जाता है। आप अनचाहे ही सही, फूल खरीद लेती हैं।

पहली दफा
आप पहली बार जब उनसे मिली थी, तब हाथ मिलाया था। हाथ पर वह अहसास अभी भी आपको अंदर तक सहला जाता है। मन बार-बार उसी अहसास को याद करता है। कब पहली बार साथ बैठे थे, कब पहली बार एक-दूसरे को देखा था, पहली बार उनको देखा था, तब कैसा महसूस हुआ था, पहली बार मिले थे तो कहां बैठे थे, कहां मिले थे, क्या-क्या किया था। यह पहली बार का ऐसा अहसास है, जो आपको अंदर तक तर कर जाता है। आपको किसी पर कितना ही गुस्सा क्यों न आ रहा हो, वह पहला अहसास खुश कर देता है और गुस्सा काफूर हो जाता है।

हमेशा मिस करना
घर पहुंचने के रास्ते से ही मैसेजिंग शुरू हैं। मैसेज से भी बात नहीं बन रही है तो फोन कर लिया। अभी अलग हुए कुछ मिनट ही हुए हैं लेकिन याद सताने लगी है। ऐसा लग रहा है कि मानो कई दिनों से मिले नहीं है। देखने का मन कर रहा है, बातें करने की इच्छा हो रही है। ऐसा कब तक चलेगा, बोल-बोल थक चुकी हैं आप! कब तक हम अलग रहेंगे, कब साथ रहना होगा। यह सब सोच-सोचकर मन उदास हो जाता है। उफ्फ! यह प्यार बड़ी जालिम चीज है।

स्पर्श की तरंग
एक-दूसरे के सामने चौबीसों घंटे रहने की चाह मन में उठने लगी है। सोचती रहती हैं कि काश कुछ ऐसा हो जाए कि नजरें हमेशा उन पर ही टिकी रहें। सामने रहते हैं तो केवल हाथ ही एक-दूसरे को छू जाए तो मन में तरंगें बज उठती हैं। मन मयूर नाच उठता है और ऐसा लगता है कि यह अहसास एक ओर, बाकी चीजें एक ओर। यह छुअन चेहरे पर ऐसी भीगी मुस्कुराहट ले आता है कि कोई अजनबी भी बता दे कि आप प्यार में हैं।

फटाफट झगड़ा झटपट दोस्ती
आपके बीच झगड़े खूब होते हैं। छोटी बात का भी इतना बतंगड़ बन जाता है कि बात कहां से शुरू होकर कहां पहुंच जाती है, इसका अंदाजा उस समय बिल्कुल नहीं लग पाता। झगड़े के बाद जब अलग होते हैं तो महसूस होता है कि झगड़े की कोई वजह ही नहीं थी। बस एक-दूसरे को फोन करना शुरू हो जाता है। माफी मांगने से लेकर कान पकडऩा तक आसान लगता है। बस किसी तरह यह झगड़ा खत्म हो जाए। झगड़ा खत्म करने के लिए चाहे जो भी मुमकिन हो, करने को तैयार रहती हैं आप!

साथ हों तो कोई और नहीं
आप दोनों जब मिलते हैं, बातें करते हैं तो तीसरे की कोई जगह नहीं होती। टेबल पर बैठकर बातें करने में लगे हैं, कॉफी ठंडी हो रही है। पास की टेबल पर बैठी आपकी सहेली देर से हाथ हिला रही है। लेकिन आपकी नजर गई ही नहीं उधर। उसने आवाजें भी लगाई लेकिन कान में किसी और के बोल जाते ही नहीं। अंतत: उसे आपकी टेबल पर आना पड़ा। आपको लग रहा है कि वह झूठ बोल रही है, भला ऐसा कैसे संभव है कि उसने आवाजें लगाई और आपने देखा सुना नहीं। ऐसा कैसे हो सकता है।

जिंदगी लगे पूरी
आपका जन्म जिस कारण हुआ था, आपका जो लक्ष्य था, आपको जो पाना था, वह सब आपको मिल चुका है। इससे ज्यादा की जरूरत नहीं, यह अहसास आपको पूरा कर जाता है। न तो करियर की चिंता है और न ही दुनिया की फिक्र। जब साथ है उसका तो क्या गम है! जिंदगी पूरी हो गई है, अब मौत भी आ जाए तो कोई गम नहीं। उसकी एक ख्वाहिश पूरी करने के लिए जान लगाने का जज्बा, उसके एक कहे पर अपना सब कुछ न्यौछावर कर देने की चाह। यही तो पागलों की हद तक करने वाला प्यार है।

उसकी याद हमेशा
बस पर बैठी तो वह सीट याद आ गई, जिस पर कभी उसके साथ बैठी थीं। रास्ते पर चलते हुए अचानक हाथ अपने आप दुपट्टे को छू जाता है, जिस तरह उसने छूआ था। आइसक्रीम सहेली के साथ खा रही हैं और होंठों पर स्वाद उस आइसक्रीम का है, जो आपने उसके साथ खाई थी। स्ट्रॉबेरी फ्लेवर आपको पसंद नहीं है लेकिन उसे पसंद है तो अब आप भी खाती हैं। बाइक पर बैठकर न जाने कौन जा रहा था, लेकिन आपको तो उसी की तरह दिख रहा था। प्यार में दीवानी मीरा को भी इसी तरह कृष्ण हर जगह दिखाई देते थे।

बेहतरीन और सुरक्षित साथ
आप रात में पहले भी अकेले घर जाती थीं लेकिन अब आप सिर्फ उसके साथ ही स्वयं को सुरक्षित समझती हैं। छोटे से छोटे काम के लिए आप उस पर निर्भर होने लगी हैं। आपको लगता है कि आपके जीवन में हर काम के लिए वह परफेक्ट इंसान है। वह जो भी कर देता है, आपको बेहतरीन लगने लगता है। उसकी बांहों में जाते ही आपको लगता है कि आपकी दुनिया सिमट गई है और आप सौ फीसद सुरक्षित हैं।