मनोवैज्ञानिक एवं सेक्स संबंधित विभिन्न कारणों या स्त्री-पुरूष द्वारा प्राप्त सेक्स आंकड़ों के अनुसार बात की जाए तो अमूमन पुरूष स्त्री से पहले स्खलित हो जाते हैं यानी स्त्री की संतुष्टि से पहले ही पुरूष का संतुष्ट हो जाना। शोध कहते हैं, पुरूषों की कामोत्तेजना जितनी जल्दी होती है उतनी ही जल्दी शांत भी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं को जहां उत्तेजित होने में समय लगता है, वहीं उसे पूरा होने में भी समय लगता है।
स्त्री के पास शरीर में कई भाग व अंग है, इसलिए उसे उत्तेजित और उनके तृप्त होने में पुरूष से अधिक समय लग जाता है, लेकिन पुरूष के पास मूलतः एक ही अंग है, जो मात्र छूने या सोचने भर से शीघ्र उत्तेजित एवं क्रियान्वित हो जाता है। इस जल्दी और देरी का एक अन्य कारण यह भी है पुरूष अपने जिस लिंग से उत्तेजित व तृप्त होता है, वह लिंग शरीर के उपरी भाग पर है, इसलिए वह शीघ्र उत्तेजित व स्खलित भी हो जाता है। वहीं दूसरी ओर स्त्री के शरीर में स्त्री को जो सबसे ज्यादा उत्तेजित करती है वह ‘भगनासा’, पुरूष के लिंग की तरह शरीर के ऊपर नहीं योनी के थोड़े अंदर होती है, जिसे काफी देर तक घर्षण करने के बाद ही उत्तेजित होती है, क्योंकि इसमें समय लगता है, इसलिए स्त्रियों के स्खलन में भी समय लगता है।

कारण

सच तो यह है कि इन कारणों के अलावा और भी कई कारण होते हैं या हो सकते हैं, जिसके कारण पुरूष स्त्री से पहले स्खलित होकर अलग हो जाते हैं और स्त्री के दौरान उस चर्मोत्कर्ष तक नहीं पहुंच पाती कि वह तृप्त हो जाए। इसलिए प्रश्न उठता है कि क्यों न पुरूष को पुनः सेक्स के लिए कहा जाए, लेकिन सेक्स कोई ऐसी चीज नहीं कि इधर कहा और उधर मूड बन गया, खास तौर पर यदि आपने कुछ देर पूर्व सेक्स किया हो। बात सिर्फ पति के पूर्व स्खलन की नहीं है, आपके पुनः मूड की है। यानी स्त्री -पुरूष दोनों एक बार, एक रात में सफलता पूर्वक सेक्स का आनंद लें चुके हों परतुं थोड़ी देर में स्त्री का मन सेक्स के लिए पुनः करने लगे पर पुरूष की उस वक्त दूसरी बार इच्छा न होतो स्त्री क्या करे? क्योंकि हर पुरूष की अपनी इच्छा व मूड या कैपेसिटी होती है, जो हर पुरूष की दूसरे पुरूष से भिन्न होती है। किसी को पुनः सेक्स की स्थिति में आनेके लिए 10-15 मिनट लगते हैं तो किसी को 2-3 घंटे। किसी-किसी को तो एक बार सेक्स करने का मन ही नहीं करता। ये सारे परिवर्तन किसी एक पुरूष में समय, उम्र, वातावरण, आदत, स्वास्थ्य, थकावट आदि के चलते भी देखे जा सकते हैं। जिसके लिए उसे दोष देना गलत है। 

साथी का मूड फिर कैसे बनाएं? 

बहरहाल क्योंकि विषय से पहले यह थ्योरी जाननी जरूरी थी इसलिए अब मुद्दे पर आते हैं, यानी उपरोक्त बातें जानने के बाद भी यदि आपका उसी रात सेक्स का मूड पुनः बनता है तो साथी का मूड फिर कैसे बनाएं? शर्माएं नहीं निम्नलिखित टिप्स अपनाएं।

धैर्य रखें

साथी को यदि आप पुनः सेक्स के लिए उकसाना या तैयार करना चाहती हैं तो उस के लिए बहुत जरूरी है कि आप धैर्य रखें । पहली क्रिया के बाद तुरंत शुरू न होजाएं न ही अपने साथी को उसी वक्त यह अहसास कराएं कि आप पुनः कुछ चाहती हैं। इसलिए एकदम अलग ही विषय पर बात करें, अलग ही मूड में उन्हें उलझाए रखें तथा इस बात का ध्यान रखें कि आपकी कोशिश उन्हें कोशिश न लगे, सब कुछ सहज एवं स्वाभाविक लगे।
                                                                                                                                                                                                           

 मूड देखें

सेक्स चाहें रात में पहली बार होया दूसर बार विशेषज्ञों का कहना है कि सेक्स एक शारीरिक क्रिया नहीं मानसिक सहभागिता है, जिसे इंसान अपने यौन-अंगों के जरिए पूरा करता है। इसलिए साथी का मूड भी देखें जैसे उनकी तबीयत, कल का शेड्यूल, कोई तनाव आदि। यदि कुछ ऐसा पाएं तो पुनः सेक्स की न सोचें, न ही उन्हें उलझाने की कोशिश करें।

वीक पाॅइंट जानें

यानी हर इंसान के चाहे स्त्री हो या पुरूष शरीर में कुछ ऐसे स्थान होते हैं, जहां छूने या चूमने से उसे शीघ्र उत्तेजित किया जा सकता है। इसलिए इससे पहले कि आपका वक्त या श्रम जाया हो और आपका मूड आॅफ हो, अपने साथी के वीक पाॅइंट जाने। यदि आप वीक पाॅइंट जानती हैं तो यदि आप अपने साथी के वीक पाॅइंट जानती हैं तो उनको छूने या सहलाते वक्त धैर्य के साथ कोमलता बनाए रखें। शरीर के जिस भी भाग को छुएं या सहलाएं, उसमें साथी को आनंद आए इस बात का ध्यान रखें। तेज खरोच, रगड़ या मसलन या गहरा चुंबन बनते बनते मूड को किरकिरा कर सकता है। साथ ही दूसरी बार में आपको अपने साथी को तैयार करने में वक्त लग सकता है, यानी जो चीज उन्हें पसंद है और आप वह करती हैं तो भी वह क्रिया या पाॅइंट उनका मूड बनाने में वक्त ले सकता है। इसलिए अपनी हरकतों एवं शरारतों में धैर्य एवं प्रेम दोनों पर ध्यान दें। यदि आप जानती हैं कि छाती पर हाथ फिरवाना उन्हें अच्छा लगता है तो सीधा छाती से शुरू न करें, उनके हाथों को अपने हाथों में लें तथा उस पर अपने होंठ या गाल फेरें या फिर उन पर किस करें। यदि उनको किस करने से उत्तेजना पैदा होती है तो सीधा किस करने से पहले उनके बालों में अपना हाथ फेरें तथा गले के दाईं या बाईं ओर किस करना शुरू करें। यदि उनका वीक पाॅइंट, उनकी जांघें हैं तो पैरों से शुरू करें, उनके तलवों से अपने पंजे रगड़ें, टांगों में टांगे फंसाकर या उपर चढ़ाकर सोएं। यदि उनका वीक पाॅइटं उनका लिंग है तो सीधा उसे न छुएं, थोड़ी देर तक उनकी जांघों पर हाथ फेरती रहें, फिर लिंग तक पहुंचे आदि। यानी किसी भी क्रिया को प्रत्यक्ष शुरू न करें। यदि उनके वीक पाॅइंट जानती हैं और उन्हें पुनः सेक्स के लिए तैयार करना चाहती हैं।

ये भी पढ़ें-

सेक्स फैंटेसी से बढ़ता प्यार

सेक्स को किस द्वारा बनाएं रोमांटिक…

सेक्स रूल्स – क्या करें और कैसे…

आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।