रिश्ते, बैंक अकाउंट की तरह हैं, जिसमें धन डालो तो बढ़ेगा और यदि कुछ अवधि तक धन डिपौज़िट नहीं किया तो खाता निष्क्रिय हो जायेगा। उसके बाद दुबारा चालू करने के लिए ‘फाइन’ अलग से भरना पड़ेगा। इसलिए खातों में धन और रिश्तों में प्रेम सदा बना रहना चाहिए। लेकिन हर रिश्ते को चाहिए थोड़ा सा स्पेस। 

रिश्तो में थोड़ी सी स्पेस जरूरी है

आप हर वक्त WhatsApp या मैसेंजर पर अपने साथी की पल-पल की खबर लेती रहे तो यह दूरियां बढ़ाएगा। जिंदगी के इन पहलुओं में दखलअंदाजी करने से बचें। इसीलिए कहा गया है ‘कभी-कभी दूरी भी जरूरी है दो प्रेमियों में प्‍यार बढ़ाने के वास्‍ते।’ वहीं दूसरी ओर अपने निन्‍दकों के लिए कहा गया है ‘निन्‍दक नियरे राखिये, आंगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय।’

 

साथी के दोस्तों से करें दोस्ती

अपने पति या बॉयफ्रेंड के दोस्तों को जानने और समझने की कोशिश करें।  अगर आप सबके साथ दोस्ती करने में कामयाब हो जाएंगी, तो आपकी अहमियत बढ़ जाएगी।

 

अपने दोस्तों को भी ना भूले

अपने साथी के साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त  बिताना आपके नए रिश्ते के लिए तो अच्छा है। पर इस वजह से अपने दोस्तों की कुर्बानी ना दें। अपने रिश्ते और दोस्ती के बीच संतुलन बनाए रखें ।

 

आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें

अपने साथी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करें ।उस पर अपना विश्वास बनाए रखें।

 

निजी बातों को निजी ही रखें

कोई भी रिश्ता हो चाहे पति-पत्नी का या बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड का, लेकिन कुछ बातों के लिए पर्दादारी जरूरी है। रिश्ते की बेहतरी के लिए जरूरी है कि आप अपने निजी बातों को साझा ना करें

माइंड गेम्स नहीं खेले

इस बात को स्वीकार करें कि आपका साथी माइंड रीडर नहीं है। बिना बोले वह आपके मन की बात को नहीं समझ पाएगा। बिना कुछ बोले मूड खराब कर लेना या चुप हो जाना। उसके बाद साथी के अंदर दोष ढूंढना गलत है।

 

नहीं करें पुराने रिश्ते से तुलना

दो रिश्ते कभी भी एक जैसे नहीं हो सकते। आप वर्तमान में जिए भूतकाल में नहीं। पुराने रिश्ते के लिए नए रिश्ते की बलि ना चढ़ाएं। अपने इस नए रिश्ते को मौका जरूर दें।