रिलेशनशिप में एक-दूसरे के हितों के लिए सोचनाअच्छी बात है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि कहीं आप अपने साथी के जीवन में जरूरत से अधिक दखलअंदाजी तो नहीं कर रही हैं। जी हां, अक्सर ऐसा उन लोगों के साथ होता है, जो अपने जीवनसाथी को लेकर बेहद संजीदा होते हैं और वे हर छोटी-बड़ी बात पर अपने साथी को सलाह देने की कोशिश करते हैं। लेकिन पति-पत्नी के रिश्ते में इसे लेकर थोड़ी सतर्कता बरतनी जरूरी हैं, क्योंकि असल में कुछ मामलों में पुरुषों को किसी दूसरे का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होता, ऐसे में अगर आप इन मामलों पर उन्हें सलाह देने की कोशिश करेंगी तो जाहिर तौर पर उन्हें बुरा लग सकता है। आज हम आपको इसी बारे में बता रहे हैं, किन मामलों में पति को सलाह देने से बचना चाहिए।

रहन-सहन के तौर तरीकों पर

अक्सर पत्नियां अपने पतियों को रहन सहन के तौर तरीकों को लेकर टोकती रहती हैं कि वो चीजों को उनके सही जगह पर रखने और समय के साथ तालमेल बिठाने मेंआनाकानी करते हैं। असल में  ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि पुरुष स्वभाव से थोड़े लापरवाह होते हैं। साथ ही दोनो के परिवेश में भी काफी अंतर होता है, ऐसे में जब आप साथ रहते हैं तो उनकी कई बातें आपको अच्छी नहीं लगती, पर इसका मतलब ये नहीं है कि हर बात पर उन्हें टोकें या सलाह दें कि उन्हें क्या करना चाहिए। दरअसल, रहन-सहन को लेकर की गई आपकी टीका टिप्पणी उन्हें काफी बुरा लग सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप उन्हें इस मामले में सीधे तौर पर सलाह देने की बजाए बात को दूसरे तरीके से उनके सामने रखें ताकि बात ना बिगड़ें।

दोस्तों और परिजनों को लेकर

पति को उनके परिजनों और दोस्तों के साथ संबंधो को लेकर सलाह देने से बचें क्योंकि आपको ये समझने की जरूरत है  कि वो उनके परिजन है और उनके साथ आपके भी। आप उन्हें ये ना बताएं कि किससे कैसा व्यवहार रखना है?  इसके अलावा आपको उनके दोस्तों को लेकर भी आपको कोई बात करने से बचना चाहिए। क्योंकि दोस्तों के मामले में पति, पत्नियों की सलाह लेना उचित नहीं समझते। इसलिए जब तक कोई विशेष परिस्थिति ना आ जाए तब तक पति को उनके दोस्तों और परिजनों को लेकर सलाह ना दें तो ही बेहतर होगा।

 

फाइनेंशियल मामले

जी हां, फाइनेंशियल मामले में पति को सलाह देने से तो सबसे अधिक बचना चाहिए। क्योंकि ये एक ऐसा मामला होता है, जिसे पुरुष अपने स्वाभिमान से जोड़कर देखते हैं, ऐसे में इसे लेकर की गई टीका टिप्पणी या सलाह आपके पति को बुरी लग सकती है। इसलिए उन्हें  इस मामले में खुद ही निर्णय लेने देने। हां, अगर आपको कहीं कुछ गलत लगता है, तो फिर आप उसके लिए उन्हें बेशक बात कर सकती हैं।

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