टैक्नोलॉजी के इस खूबसूरत सी दुनिया में आज जीवनसाथी को भी ढूंढऩा आसान है। पहले हमें एक मुलाकात में ही इंसान को पहचानना होता था, लेकिन टैक्नोलॉजी की मदद से ना सिर्फ उस व्यक्ति को जानने का मौका मिलता है, बल्कि हमें यह भी निर्णय लेने का मौका मिलता है कि वह इंसान हमारे काबिल है या नहीं। केवल आप जीवनसाथी ही नहीं, एक सच्चा दोस्त भी यहां ढूंढ़ सकते हैं। ऐसे ही कई एप्स हैं, जो आपको समान विचारधारा वाले व्यक्तियों के साथ जुडऩे का मौका देते हैं।

दि डेल्टा एप

यह एप एलजीबीटीक्यू कम्युनिटी के लिए बनाया गया है। यह डेटिंग एप आपको समान सोच-विचार वाले को ढूंढऩे में मदद करता है। यही नहीं, यह एलजीबीटीक्यू फ्रेंडली स्थानों के बारे में जानकारी देता है और आपको भारत के शहरों जैसे- मुंबई, कोलकाता, गोवा, दिल्ली, पुणे आदि में घटनाओं को खोजने में मदद करता है। आप उस व्यक्ति को मैसेज भी कर सकते हैं। अगर वह व्यक्ति आपकी चैट को एक्सेप्ट कर लेता है तो चैट ऑप्शन ऑन हो जाएगा। यह एप्लिकेशन सुरक्षा मीटर के साथ यह सुनिश्चित करता है कि प्रोफाइल सत्यापित हो।

इंक्लोव

यह एप खास डिसेबल (विकलांग) व्यक्तियों के लिए बनाया गया है। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में कम से कम 195 मिलियन विकलांग हैं। इंक्लोव ऐसे लोगों को प्यार पाने का समान अधिकार देता है। इंक्लोव के सीओओ और सह-संस्थापक शंकर श्रीनिवासन कहते हैं, ‘एप में नेत्रहीनों की मदद करने के लिए स्पीच टू टेक्स्ट फंक्शन भी है। जैसे आप बोलेंगे, वह अपने-आप टाइप होने लगेगा। आपकी बुनियादी जानकारी के अलावा इंक्लोव विकलांगता के बारे में भी कुछ जानकारी मांगता है। आधार पर उपयुक्त मैच खोजने में मदद करता है, जो एक दोस्त को खोजने से लेकर जीवनसाथी की तलाश तक करता है।

प्लेनेट रोमियो

एलजीबीटी समुदाय के बीच वर्ष 2002 में शुरू हुई प्लेनेट रोमियो बेहद लोकप्रिय हुई थी। हैरानी वाली बात यह है कि पूरे विश्व में इसके तीस लाख उपभोक्ताओं में से 92000 भारत में ही मौजूद हैं। कई एप्स ऐसे भी हैं, जहां किसी से बात करने के लिए आपको भुगतान करके सदस्यता लेना होता है, लेकिन इस एप के साथ ऐसा नहीं है। यह एप आपको यह जानकारी भी देगा कि कितने लोग उस व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, जिससे आपको उस सोशल एकाउंट की सही ढंग से जानकारी मिल सके।

वूप्लस

वूप्लस को प्लस-साइज की महिलाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। सीईओ और संस्थापक नील रमन का कहना है कि वह इस विचार के साथ आए थे, जब उन्होंने एक वीडियो देखा, जिसमें कुछ पुरुष अपनी प्लस-साइज की डेट के साथ बेरहमी से बर्ताव करते हैं। यह एप मैसेज पर बात किए जाने के बाद, उस व्यक्ति को रेट करने की भी अनुमति देता है। इसके बाद उन पुरुषों के प्रोफाइल को हटा दिया जाता है, जो लगातार कम रेटिंग प्राप्त करते हैं, जिससे महिलाओं के लिए सही व्यक्ति की तलाश करना आसान हो जाता है।

ओके क्यूपिड

ओके क्यूपिड समलैंगिक पुरुष और महिलाओं के साथ विषमलिंगी महिलाओं और पुरुषों के लिए भी बेहद मददगार है। 2014 में पुरुष और महिलाओं की जरूरतों को देखते हुए इस एप ने अपने विकल्पों का विस्तार किया और उपयोगकर्ताओं को यह अनुमति दी कि वे खुद को परिचित कर सकें। इसके अलावा यह उपयोगकर्ताओं को दिलचस्प लोगों से जुड़े सवाल और जोड़ी कैसे बनाए संबंधित सुविधाएं भी प्रदान करती है, जो कि अच्छी पहल है।

टिंडर

टिंडर हर लिंग के लोगों में लोकप्रिय है, लेकिन धीरे-धीरे यह एलजीबीटी समुदाय में भी लोकप्रिय होती जा रही है, खासकर कि समलैंगिक महिलाओं में। इस वजह से टिंडर ने अपनी एप में लिंग के अलावा और अधिक विकल्प देने शुरू किए हैं, जिससे वे सभी समुदायों की आवश्यकताओं का ध्यान रख सकें। कुछ अन्य एह्रश्वस की तरह यह सिर्फ़ समलैंगिक लोगों के लिए नहीं है, बल्कि यह आपको अपनी पसंद बताने का मौका देती है और उसी के आधार पर आपके सामने विकल्प पेश करती है।

स्क्रफ

आज स्क्रफ के विश्वभर में करीब 10 लाख उपभोक्ता हैं। यह यात्रियों के लिए दिलचस्प सुविधाओं को प्रदान करती है। इसमें मौजूद विकल्प आपको लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर मौजूद उपभोक्ताओं पर नज़र डालने और उनसे बात करने का मौका देता है। यह आपको अपना विकल्प चुनने के लिए प्रोफाइल स्वाइप करने के लिए अनुमति देता है। आप इस एप पर किसी स्थानीय समुदाय का हिस्सा बनकर स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल हो सकते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से सन्देश भेज सकते हैं। ये सारे एप आई $फोन और एंड्रॉइड फोन पर मुफ्त में डाउनलोड किए जा सकते हैं।

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