शादी पक्की होते ही जहां घर के सभी सदस्यों को शादी की तैयारियों की टेंशन हो जाती है, वहीं होने वाली दुल्हन के मन में कई तरह के सवाल उठने लगते 
हैं, जिसको लेकर वह टेंशन में रहने लगती है। ना चाहते हुए भी वो इसे अवॉइड भी नहीं कर पाती। उसके मन में अनेकों सवाल चल रहे होते हैं, जैसे 
कि नए घर में कैसे एडजस्ट करेगी, जो हमसफर चुना है वह सही है कि नहीं, आदि। यह बात सच है कि शादी का फैसला पूरी जिंदगी का होता है और ऐसे में इन सवालों का आना लाज़मी है, इसलिए अगर आपकी भी शादी हो रही है और आप भी टेंशन में हैं तो घबराए नहीं, क्योंकि हम बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स जिसको जानकर आपकी कशमकश दूर हो जाएगी।

 

नई शुरुआत का दबाव

जब एक लड़की अपना घर छोड़कर ससुराल आती है, तो उसे अपने इस नये घर के तौर-तरीके, जीवनशैली को जानने-समझने में थोड़ा वक्त लगता है। उनको यह सोचकर घबराहट होती है कि क्या होगा अगर वो इस नये परिवार को खुश नहीं कर पाएंगी या क्या होगा अगर वो उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाएंगी? तो ऐसे में उस नये परिवार का यह कर्तव्य है कि जब वह इस तरह की घबराहट से गुजरे, तो वे उसे घर के कामकाज व अपनी जीवनशैली से परीचित कराएं। 

भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें

आप कैसा महसूस कर रहे हैं और क्या चाहते हैं, को स्पष्ट तौर से बोल देने से सारी बातें स्पष्ट हो जाती हैं और किसी भी तरह की दुर्भावना जो आप इस नई स्थिति (वैवाहिक स्थिति) के बारे में सोचकर मन में बैठा लेते हैं, से निजात मिल जाता है। गलतफहमी कई तरह के तनाव का स्रोत होती है, इसलिए नये परिवार, विशेषकर पति की ओर से भरसक कोशिश की जानी चाहिए कि उसका जीवनसाथी किसी भी तरह के भ्रम में न हो और भावनाओं और विचारों को खुलकर अभिव्यक्त करें।

 

एक-दूसरे को दोष देने से बचें

जब कोई काम बिगड़ जाता है, तो एक-दूसरे पर दोष मढऩा बहुत आम होता है। लेकिन साफ तौर से जान लें कि यह आरोप-प्रत्यारोप लगाने का खेल वैवाहिक जीवन में काम नहीं करता। चाहें कैसी भी परिस्थिति हो, यह वैवाहिक गठबंधन हमेशा आपसे यह मांग करता है कि आप अपने जीवनसाथी के साथ प्रतिष्ठा एवं सम्मान का व्यवहार बनाये रखें। जबकि आलोचना हमेशा ही और ज्यादा तनाव की ओर ले जाती है।

प्रेम बनाए रखें

प्रेम तनाव को दूर रखने में एक अहम कारक होता है और इतिहास खुद इस बात का गवाह है। इसके अलावा रोमांस भी एक अन्य तरीका है, 
जो वैवाहिक जीवन को खुशियों से रोशन कर देता है। इसलिए हर हाल में सहज निर्णय लें और घूमते हुए, ड्राइविंग करते वक्त या फिर किसी 
आयोजन में शिरकत करते हुए आप अपने जीवन साथी का हाथ जरूर थामे रहें। इससे न केवल हर तरह से तनाव से मुक्ति मिलती है बल्कि रिश्ते 
भी मजबूत बनते हैं।

सहयोग जरूरी है

हमेशा एकांत में रहना तथा अपने आसपास किसी नज़दीकी व्यक्ति को न बनाये रखना, अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को अपने प्रियजनों से साझा 
न करना भी तनाव का मुख्य कारण है, इसलिए ऐसी घड़ी में खुद को अकेला महसूस ना होने दें। दोस्तों एवं परिवार का सहयोग लें यह आपकी निर्बलता को दूर करने में मदद देगा। इसलिए इनका सहारा जरूर लें।

छोटी-छोटी घटनाओं में खुशियां ढूंढें

अगर आपको जीवन में होने वाली छोटी से छोटी घटना से खुशी नहीं मिलती है, तो इस गलतफहमी में मत रहिए कि आपके जीवन में कुछ बड़ा होगा तभी आप खुश होंगे। आप अपनी जीवनशैली को सरल बनाएं और उसका भरपूर आनंद लें, क्योंकि छोटी-छोटी खुशियों में ही जिंदगी का सार है। 

बजट में संतुलन

धन की समस्या तनाव का प्रमुख कारण होती है। परिवार के बजट में संतुलन बनाये रखने के लिए टीमवर्क करना होता है, विशेषकर तब जब आप 
एक नन्हें मेहमान की प्लानिंग कर रहे हों, या फिर किसी अन्य अनचाहे वित्तीय बोझ से निपटना हो। दाम्पत्य जीवन में सुख-दुख, उतार-
चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन हर परिस्थति में एक दूसरे को प्रेमपूर्वक सहयोग करना चाहिए।