आमतौर  पर सगाई के बाद शादी में दो-तीन महीनों का फासला रहता है। जोकि आपके लिए चुनौतियों से भरा होता है। आपको शादी से पहले अपने पार्टनर से बात करके इस बात को सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि क्या वह सगाई के बाद इतनी जल्दी शादी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार है? या फिर उसे अभी थोड़ा समय चाहिए, चीजों को सेटल करने में। अगर ऐसा है तो आप अपने लाइफपार्टनर को थोड़ा समय दीजिए। घरवालों के दबाव में आकर तुरंत शादी करने का निर्णय ना लें क्योंकि बाद में बहुत कुछ बदल जाता है जिससे सामंजस्य बिठाना कठिन हो जाता है।
जैसे कि अभी हाल में रजनी और आकाश की शादी हुई। रजनी का कहना है कि सगाई तक तो ठीक था लेकिन मैं इतनी जल्दी शादी करने के फेवर में नहीं थी। हम दोनों की ही फैमिली बनारस में है और दिल्ली में हम अकेले नौकरी कर रहे थे। मैं चाहती थी कि कुछ समय रिश्ता रूका रहे क्योंकि मेरा प्रमोशन होने वाला था और इसके लिए मुझे ऑफिस में बहुत मेहनत करनी थी लेकिन परिवार वाले नहीं माने और शादी की तैयारियों के चलते मैं इतना बिजी हो गई कि इसका असर मेरे काम पर पड़ा और मेरा प्रमोशन रूक गया। ऐसा ही कुछ कहना है सुमित का। उसने बताया कि सगाई के बाद मैं चाहता था कि मैं पहले लोन लेकर अपना घर बुक करा दूं और उसकी ईएमआई देना शुरू कर दूं। इसके लिए मुझे बस 8-9 महीने का समय चाहिए था लेकिन शादी तुरंत हो गई और मेरा घर लेने का सपना शादी की जिम्मेवारियों के चलते कहां दब गया मुझे पता ही नहीं चला। अगर मेरी बात को मेरी पार्टनर ने और उसके परिवार ने समझा होता तो लाइफ को लेकर की गई मेरी प्लानिंग हमें एक अच्छा भविष्य दे सकती थी जिसकी कल्पना करना आज मेरे लिए मुश्किल है।
यह कोई नई बात नहीं है बल्कि अक्सर देखने में आता है कि सगाई हुई नहीं कि परिवार वालों का शादी के लिए दबाव डालना शुरू हो जाता है लेकिन ऐसे में आपको उन्हें समझाना चाहिए। साथ ही खासतौर पर अपने पार्टनर से मिलें और भविष्य के लिए की गई अपनी प्लानिंग और सपनों को अपने पार्टनर के साथ डिसकस करें और आपस में बातचीत के जरिए एक फैसले पर पहुंचे कि आप जिंदगी से क्या चाहते हैं। ताकि आपके नए जीवन की शुरूआत घर के साजो-सामान को खरीदने और उसकी टेंशन लेने के बजाए आराम से बीते। जैसे कि-
  •  अगर आप दोनों ही नौकरी करते हैं और सगाई के बाद अपना-अपना पैसा जोड़ धीरे-धीरे पहले अपना घर सैटल करें।
  •  अपनी नौकरी में सैटल हो जाएं।
  •  यह तय करें कि अपका घर पति के ऑफिस के पास होगा या पत्नी के ऑफिस के पास।
  • अगर पत्नी का ऑफिस घर से दूर है तो पहले जहां घर लिया है या लेना है उसके आसपास कोई नौकरी तलाश कर सैटल हो जाएं ताकि बाद में इतना दूर आना-जाना करने से बचें। इसके अलावा भी ऐसी बहुत सी बातें हैं जो आप अपने पार्टनर से डिसकस करें। आइए जाने उन्हीं कुछ बातों के बारे में 

क्या वह मानसिक रूप से तैयार है 

शादी से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपका या आपकी पार्टनर शादी से पहले मानसिक रूप से शादी के लिए तैयार है या नहीं? कहीं आपका पार्टनर किसी दबाव में तो यह शादी नहीं कर रहा। कहीं उसकी लाइफ में कोई और तो नहीं है।

 

पार्टनर ही नहीं उसके जानने वाले को भी समझें 

सिर्फ पार्टनर को जानने से काम नहीं चलेगा बल्कि उसके परिवार को भी समझें उनकी आदत कैसी है, कहीं वह लालची तो नहीं। अगर ऐसा है तो शुरू में ही उन्हें ज्यादा देकर उनका मुंह ना खोलें। उन्हें क्या बात अच्छी लगती है और क्या बुरी, क्योंकि शादी के बाद आपके द्वारा की गई छोटी-बड़ी हर बात का असर आपके रिश्ते पर पड़ेगा इसलिए पहले दोनों एक-दूसरे के परिवार को समझें। ताकि शादी के बाद आप उसी के अनुसार व्यवहार करें और अपने रिश्तों को और भी मजबूत बनाएं।

पार्टनर की जॉब के बारे में जानकारी लें 

लड़की को अपने पार्टनर की नौकरी और सैलरी के बारे में सवाल-जवाब करने का पूरा हक है। साथ ही उसे यह पता होना चाहिए कि शादी के बाद लड़का उससे नौकरी कराना चाहता है या नहीं। आप दोनों अपने जॉब प्रोफाइल और काम में होने वाली दिक्कतों के बारे में भी बातचीत कर सकते हैं।

पार्टनर की प्राथमिकता जानें

अपने परिवार को लेकर पार्टनर की क्या प्राथमिकताएं हैं, वह शादी के बाद न्यूक्लियर फैमिली में रहेगा या फिर ज्वाइंट फैमिली में। अगर जॉब आदि में ट्रांसफर होता है तो आप दोनों का स्टैंड क्या होगा इस पर भी डिस्कसन करें। अगर एक की नौकरी किसी कारणवश चली जाए तो आप क्या करेंगे। इस मुद्दे पर भी बातचीत करें।

 आर्थिक स्थिति के बारे में जानें 

अपने पार्टनर से उसकी और उसके परिवार की आॢथक स्थिति के बारे में जानें क्योंकि सगाई के बाद कई बार लड़की यह सोचने लगती हैं कि उसकी ससुराल से उसके लिए महंगी ज्वेलरी और लहंगा कपड़ा इत्यादि आएगा और लड़का सोचने लगता है कि उसे भी महंगे उपहार मिलेंगे लेकिन जब वह नहीं मिलते तो उनका मन टूट जाता है। इससे अच्छा है कि आप दोनों पहले ही एक-दूसरेकी आॢथक स्थिति के बारे में जान लें ताकि कोई उम्मीद ना रहे और जो उम्मीद करें वह पूरी हो।

 

फैमिली प्लानिंग

शादी से पहले ही जान लें कि आपका साथी फैमिली प्लानिंग के बारे में क्या सोचता है। उसे बच्चा शादी की शुरूआत में ही चाहिए या फिर कोई प्लानिंग करने का विचार है। इसके साथ ही आपका साथी हनीमून के बारे में क्या सोचताहै।फाइनेंशियल प्लानिंग करेंआप दोनों इस बारे में भी बातचीत करें कि किसकी सैलरी का कौन-सा हिस्सा कहां खर्च होगा? कितना पैसा जोड़ा जाएगा और कहां से जुड़ेगा। अपना डेली बजट भी तय करें।