दुनिया लगातार तनाव और अवसाद की चपेट में आ रही है। लगातार लोग इससे पीछा छुटाने की कोशिशों में भी लगे हैं। कहीं कोई मनोरोगविशेषज्ञ से मिल रहा है तो कोई दोस्तों से दिल का हाल बता रहा है। ऐसे ही लोगों में कुछ मेडिटेशन करने वाले भी शामिल हैं। ये लोग घर पर रह कर ही मेडिटेशन को समय दे रहे हैं लेकिन लॉकडाउन खुलने और कोरोना का असर खत्म होने के बाद ये उन जगहों पर भी जा सकते हैं, जो मेडिटेशन के बेहतरीन अनुभव के लिए जानी जाती हैं। देश के कोने-कोने में बसी इन जगहों के बारे में जानना भी एक अनोखा अनुभव होता है। वहां जाकर तो मानिए आप सुकून के समुंदर में डुबकी ही लगा लेंगे। चलिए जानते हैं-
ऋषिकेश है बेस्ट-
ऋषिकेश उत्तराखंड का एक ऐसा शहर है, जहां देश के कई हिस्सों पहुंचना काफी आसान है। वैसे भी इसे हरिद्वार और गंगा जी के किनारे बसे होने के चलते ‘स्प्रीचुअल हेवन’ माना जाता है। विदेशियों को भी आकर्षित करने वाली इस जगह के नजारे बेहद सुंदर होते हैं। इतना ही नहीं यहां के माहौल और योगा से जुड़े आयोजनों की वजह से ऋषिकेश को ‘वर्ल्ड योगा केपिटल’ भी कहा जाने लगा है। यहां कई सारे मेडीटेशन सेंटर्स तो हैं ही पहाड़ों और प्रकृति से करीब होने चलते इस ये वैसे भी मेडिटेशन के लिए बेस्ट है। 
हिमाचल प्रदेश का सुकून धर्मशाला-
दुनियाभर से लोग धर्मशाला आते हैं। कई सारे यहां तिबतियन दवाओं के लिए आते हैं तो ढेर सारे लोग मानसिक सुकून के लिए। चूंकि यहां आबादी कम है इसलिए मेडिटेशन के लिए भी इस जगह को बेस्ट कहा जाता है। खूबसूरत माहौल और दलाई लामा का घर होने के चलते इस जगह की अपनी अलग अहमियत है। इसलिए मेडिटेशन के लिए धर्मशाला आना अच्छा निर्णय हो सकता है। 
आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम की शांति-
बेंगलुरु का आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम अपने आप मेडिटेशन का हब है। यहां लोग आते ही मेडिटेशन और मानसिक सुख-शांति के लिए हैं। 65 एकड़ की जमीन पर बना ये आश्रम हरियाली से भरपूर है। कई सारे विदेशी और देशी लोग यहां सीमित समय के लिए आते हैं और खुद में ऊर्जा का संचार करके जाते हैं। 
पुणे वाला ओशो इंटरनेशनल मेडिटेशन रिसॉर्ट-
इस रिसॉर्ट के नाम में ही मेडिटेशन है। यहां बुद्ध की शिक्षाओं को मेडिटेशन के साथ मिलाकर ग्रहण करना लाइफ चेंजिंग मूमेंट हो सकता है। यहां आपको ऋषिकेश की तरह पहाड़ नहीं दिखेंगे लेकिन सुकून वहाँ से भी ज्यादा मिलेगा। 
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