आज के समय में महिलाओं को आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। आत्मनिर्भर होने के लिए महिलाओं के पास कई विकल्प होते हैं। जिसमें से के एक विकल्प है, पेजेंट्री यानि की सौंदर्य प्रतियोगिता का। जी हां ये एक ऐसा विकल्प है, जिसमें ग्लैमरस के साथ-साथ लोकप्रियता भी कदमों को चूमती है। हालंकि इस तरह की प्रतियोगिताओं में कई तरह के उतार चढाव का सामना करना पड़ता है। जिसके लिए खुद को तैयार करना भी जरूरी है। हम जब भी ब्यूटी कांटेस्ट के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले हम एक ऐसी महिला के बारे में सोचते हैं जिसमें ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ और ‘ब्यूटी विद पर्पस’ का सही तालमेल हो। एक परफेक्ट ब्यूटी क्वीन वही है जिसके अंदर हर तरह से शालीनता हो। जिससे वो अपने आत्मविश्वास को और भी मजबूत कर सकती है।

1. क्या है मानसिकता– एक तरफ हमारे देश में महिलाओं की स्थिति दिन पर दिन खराब हो रही है, वो हिंसा की शिकार हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ महिलाएं ही हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। अब समय बदल रहा है और साथ में बदल रही है लोगों की मानसिकता भी। बात जब किसी ब्यूटी कांटेस्ट की होती है, तो इससे जुड़े कई सवाल दिमाग में होते हैं। एक ऐसी मानसिकता विकसित होती है कि क्या इससे महिला का आत्मविश्वास सच में बढ़ता है। हालंकि वो बात अलग है कि इसी कांटेस्ट में कई तरह की महिलाएं भी हिस्सा लेती हैं। जिनसे तुलना होना भी आम है। एक सही मानसिकता के साथ महिलाएं पेजेंट में आगे बढ़तीं हैं और अपना नाम करती हैं। जो  दूसरों के लिए भी जरूरी है।

2. महिलाओं का बढ़ता है आत्मविश्वास– सौंदर्य प्रतियोगिता के जरिये महिलाएं अपना आत्मविश्वास तेजी से बढ़ा पाती हैं। महिलाओं के लिए इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए एक साथ बहुत से अजनबियों पर विश्वास करना पड़ता है। अगर आप में खुद पर विश्वास करेंगी तो ही आप दूसरों पर विश्वास कर पाएंगी और सामने वाला आपका फायदा भी नहीं उठा पाएगा। ऐसा कहा जाता है कि किसी भी प्रतियोगिता में सकारात्मक विश्वास सबसे अहम हिस्सा है। शोध की मानें तो लगभग 85 प्रतिशत महिलाएं इस तरह से खुद में बदलाव महसूस करती हैं। इससे प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को आत्म सम्मान बढ़ाने में मदद करती हैं।

3. जरूरी नहीं हो शारीरिक शोषण– टीवी और फिल्मों में हमेशा यही दिखाया जाता है कि फेम और नेम की लालच में महिलाओं के साथ शोषण होता है। लेकिन ब्यूटी कांटेस्ट जैसी प्रतियोगिताओं में आम तौर पर शोषण नहीं होता। किसी भी मंच को साझा करने के लिए आपके अंदर दृढ़ इच्छा शक्ति होनी चाहिए। सौंदर्य प्रतियोगिता ही एक मात्र ऐसा विकल्प है जिसमें हर रंग को जगह दी जाती है। महिलाओं को उनकी मानसिकता और सोच के नजरिये से आंका जाता है। जिसमें कभी कोई बदलाव नहीं हुआ। और ना ही कोई दबाव दिया जाता है।

4. बदला नजरिया– सौंदर्य प्रतियोगिता के साथ कोई भी इसमें अपने भविष्य की शुरुआत कर सकता है। देखा जाए तो सौंदर्य उद्योग में बदलते मानकों के लिए अब इसका महत्व बढ़ रहा है जो कि सभी प्रतियोगियों के जीवन में बदलाव लायेगा । इस तरह की प्रतियोगिता एक ऐसा फ्रेम है जो आपकी सोच, दुनिया देखने का नजरिया ,आपका व्यवहार और आपके अंदर की नकारात्मकता सब कुछ बदल देती है। 

5. मिले कई अवसर- अगर महिलाएं एक बार किसी प्रतियोगिता को प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाती तो ऐसा नहीं है कि उनको फिर दोबारा मौके नहीं दिए जाते। महिलाओं का आत्मसम्मान बना रहे इसके लिए वो कई और बड़े शोज को प्रतिस्पर्धा करती हैं। यह प्रतियोगिताएं एक ऐसा उद्योग है जिसमें मॉडलिंग उद्योग की तुलना में काफी बदलाव आए हैं साथ ही नये कई बड़े अवसर भी मिलते हैं। 

इन सौंदर्य प्रतियोगिताओं के जरिये महिलाओं को शत-प्रतिशत सशक्तिकरण में बढ़ावा मिलता है। अन्य विकल्पों से जुदा ये विकल्प महिलाओं के आत्मसम्मान को बचाने के साथ उन्हें एक ऐसी पहचान देता है जिसके जरिये वो दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं और अपनी खूबसूरती के साथ खुद पर गर्व भी महसूस करती हैं।

आपके सिर भी सज सकता है खूबसूरती का ताज और आप भी बन सकती हैं गृहलक्ष्मी मिसेस इंडिया। आज ही  रजिस्टर करें 

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