आजकल का टाइम डिजिटल का है। जहां हर तरह की जानकारी जुटाना भी बेहद आसान है। इंटरनेट को लेकर जितना क्रेज़ बड़ों को है, उससे कहीं ज्यादा क्रेज बच्चों को है। बच्चों की उंगलिया स्मार्टफोन की स्क्रीन में ऐसे चलती हैं, मानों पूरी दुनिया की जानकारी उन्हें हो। बच्चे इंटरनेट में गेम्स, मूवी, कार्टून के साथ सोशल मीडिया का भी जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। फिर चाहे वो अपने दोस्तों से बात करना हो या स्कूल का कोई होमवर्क, असाइंमेंट या प्रोजेक्ट का काम हो, ये सभी काम ऑनलाइन ही किये जा रहे हैं। बच्चे इंटरनेट के इस्तेमाल के बारे में तो अमूमन सब कुछ जानते हैं, लेकिन उससे जुड़े खतरों के बारे में बिलकुल भी जानते। ऐसे में बच्चों को इंटरनेट से जुड़े खतरों और सुरक्षा के बारे में जानकारी देना जरूरी है। आप उनसे खुलकर बात करें और बच्चा फोन पर क्या कर रहा है इस बात की भी निगरानी रखें।

बच्चों के लिए इंटरनेट सेफ्टी जरूरी– इंटरनेट कई तरह की जानकारी से भरा होता है। शॉपिंग से लेकर, मूवी और शिक्षा के लिए बच्चों के भी काफी काम आता है। देखने में काफी सरल लेकिन इंटरनेट में कई खतरनाक रिजल्ट भी देखने को मिलते हैं। आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में बच्चों को इंटरनेट से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताएं। क्योंकि बच्चे कही कभी कई तरह ब्राउजर का इस्तेमाल करने लगते हैं, जो आपका अकाउंट तक खाली कर सकते हैं।

बच्चों को कैसे करें जागरूक– पैरेंट्स के मन में ये सवाल जरुर आता है कि वो अपने बच्चों को इंटनेट से जुड़ी सावधानी के बारे में कैसे बताएं। तो यहां आपके इस सवाल का जवाब भी हमारे पास है। आप कुछ खास तरीकों से बच्चों को इंटरनेट ब्राउज करते समय सुरक्षित रख सकते हैं।

बच्चों को अकेले ना करने दें ब्राउज– आप अपने बच्चों के लिए नियम बनाएं। जब भी आपका बच्चा इंटरनेट ब्राउज कर रहा है तो उसे बिलकुल भी अकेले ना छोड़ें। आप उसकी गतिविधि पर निगरानी रखें।

बच्चों को सिखाएं प्राइवेसी– बच्चों को इंटरनेट से जुड़ी प्राइवेसी के बारे में सिखाएं। आप अपने बच्चों को सिखाएं कि वो किसी से भी इंटरनेट पर या सोशल मीडिया पर अपने घर का पता, नंबर, माता-पिता का काम, भाई-बहन से जुड़ी किसी भी तरह की जाकारी को साझा ना करें।

ऑनलाइन दोस्तों से दूरी अच्छी– इंटरनेट की दुनिया असल दुनिया से काफी अलग होती है। बच्चों को सिखाएं कि वो इस दुनिया में खुद को शामिल ना करें। वो अपने ऑनलाइन दोस्तों से दूरी ही बनाकर रहें। उनसे असल में मिलने के लिए कभी हामी ना भरे। क्योंकि ऑनलाइन दोस्त कभी भी विश्वनीय नहीं होते।

ये भी सिखाना जरूरी– आप अपने बच्चों को सिखाएं कि वो किसी भी पॉप-अप पर क्लिक ना करें। और ना ही किसी भी ई-न्यूजलेटर्स की सदस्यता ले। पॉप-अप या किसी भी तरह के विज्ञापन के जरिये फोन में वायरस दस्तक दे सकता है। वहीं ई-न्यूज़लेटर्स कभी कभी पर्सनल डाटा की भी मांग करने लगते हैं। इस तरह से इंटरनेट बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है।

स्ट्रांग पासवर्ड का करें इस्तेमाल-आप अपने बच्चों को ऑनलाइन स्ट्रांग पासवर्ड का इस्तेमाल करना और उसके महत्व के बारे में सिखाएं। आप उन्हें बताएं कि पासवर्ड की गोपनीयता कितनी जरूरी है। उन्हें किसी से भी साझा नहीं करना चाहिए। आप उन्हें एक सही पासवर्ड को बनाना भी सिखाएं, ताकि उसे आसानी से कोई भी क्रैक ना कर पाए।

समय का नियम करें निर्धारित– आपका बच्चा ऑनलाइन गतिविधियों में कितना समय जाया करता है, आप उसके लिए एक समय का नियम निर्धारित करें। आप ब्च्चोने के साथ इस बारे में डिस्कशन करें कि वो कितना समय इंटरनेट में बिताएंगे।

बच्चों के पोस्ट पर रखें ध्यान– आप अपने बच्चों को सिखाएं कि अगर वो कुछ भी पोस्ट करेंगे तो उसे दोबारा हटाया नहीं जा सकता। उन्हें सावधान रहने की जरूरत है कि वो ऑनलाइन क्या पोस्ट करते हैं। उन्हें पोस्ट के बारे में सावधानी के बरतने के बारे में सिखाएं। आप उन्हें बताएं कि आप उनके हर पोस्ट पर नजर रख रहे हैं। ताकि कुछ भी पोस्ट करने से पहले आपके बच्चे एक बार आपके बारे में जरुर सोचें।

विश्वसनीय सेफ्टी भी जरूरी–  मैलवेयर , स्पाइवेयर जैसे वायरस को रोकने के लिए अपनी डिवाइस में एक विश्वशनीय सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। ताकि आपकी प्राइवेसी में किसी भी तरह की खलल ना पड़े। आप ऑनलाइन सेफ्टी टूल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इन उपकरणों का इस्तेमाल जरुर करेंम खासकर तब जब बच्चे ऑनलाइन ब्राउज कर रहा हो।

ना करने दें ऑनलाइन शॉपिंग-अगर आपका बच्चा बड़े ही मजे से ऑनलाइन शॉपिंग करता है तो आपको यहां सख्ती बरतने की जरूरत है। क्योंकि ये बिना सावधानी के खतरनाक हो सकता है। और बड़ी समस्या भी बन सकता है।

प्राइवेसी अलर्ट– अगर आपका बच्चा फेसबुक, इन्स्टाग्राम जैसी सोशल साइट्स का इस्तेमाल करता है तो उसे इसके इस्तेमाल का सही तरीका और महत्व जरुर सिखाएं। आप इन साइट्स से जुड़ी प्राइवेसी अलर्ट्स के बारे में भी उन्हें सिखाएं। साथ ही ये भी सिखाएं कि इन सोशल साइट्स का इस्तेमाल करने के बार लॉगआउट करना न भूलें।

ये कुछ खास टिप्स हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चों को इंटरनेट से जुड़ी सारी सुरक्षा के बारे में सिखा सकते हैं। आपको यहां ये भी ध्यान देने की जरूरत है कि आपका बच्चा इंटरनेट पर क्या कर रहा है। आप की सख्ती और सावधानी किसी भी बड़ी मुश्किल से बचा सकती है। 

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