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wet ceiling

कई लोगों के लिए उनके घर की सीलन किसी बड़ी समस्या से काम नहीं होती है क्योंकि सही समय पर यदि इसकी रोकथाम के उपाए नहीं हुए तो यह बढ़ती ही जाती है । घर की दीवारों को खराब कर देने वाली सीलन के धब्बे बदसूरत तो होते ही हैं,साथ ही  नमी की वजह से घर में कीड़े -मकोड़े ,चूहे , कॉकरोच आदि भी अपना बसेरा डाल देते हैं। सीलन की अजीब-सी गंध और चिप-चिप के साथ ही घर में बिन बुलाए मेहमान की भांति घुस आए चूहे, कॉक्रोच एवं मच्छरों का स्वच्छंद विचरण   हमारी सेहत पर भी बुरा असर डाल सकते हैं।  सीलन के कारण दीवारों और कोनों में उगती फफूंद,  बैक्टीरिया ,कुटकियां और दुर्गंध से बचने के कुछ आसान उपाय अपनाए  जा सकते हैं –

वेंटिलेशन

सबसे अधिक आवश्यक है घर में वेंटिलेशन का होना  ताकि आपके घर में हवा आसानी से आ-जा सके , विशेषतः अगर आप उन जगहों में रहते हैं जहाँ नमी से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होने की  संभावना अधिक होती है।  घर की खिड़कियाँ  भी ज़्यादा से ज़्यादा खुली रखें ।  पंखा चलाकर भी  अपने घर में ताज़गी का वातावरण बना सकते हैं  ।  तेज धूप से सीलन दूर होगी। धूप आते ही कक्ष के खिड़की-दरवाजे खोल दें। अंधेरे स्थान पर कॉक्रोच ज्यादा होते हैं, अतः घर में पर्याप्त प्रकाश होना चाहिए। खिड़कियां, रोशनदान और दरवाजे खुले रखें। जहां कॉक्रोच की बहुलता है उस जगह की सफाई का खास ध्यान रखें। खाने-पीने का सामान खुला न रखें।

पाइप लीकेज का रखें  ध्यान 

सीलन बढ़ने का एक बड़ा कारण पानी का लीक होना है। अगर कहीं कोई पाइप टूट गई है या पानी लीक हो रहा है तो कमरे की दीवारों पर धीरे-धीरे बढ़ने वाले धब्बों के रूप में उसका असर दिखाई देने लगेगा। इसे समय  रहते ठीक करवाना आवश्यक है नहीं तो स्थिति और भी बदतर हो सकती है। घर में पानी टपकने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

नमक का करें प्रयोग 

नमक में सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। घर को सीलन से मुक्त करने के लिए एक किलो नमक एक छिछले डिब्बे में  रखें। बस दो ही दिनों में नमक काफी  सारी नमी को सोख लेगा ।

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सीलन से मुक्ति पाने के उपाय 3

इन्हे भी अपनाएं

इन सबके साथ – साथ घर में पूर्णतः सफाई रखें।

घर में समय-समय पर डी.डी.टी. पाउडर का छिड़काव करें।

घर के आस-पास के क्षेत्र में गंदगी न फैलने दें।

घर में प्रयोग आने वाली पानी की टंकियों को साप्ताहिक सफाई करें।

कपड़े कमरे की बजाए बाहर सुखाएं अन्यथा कमरे में और भी नमी बनी रहेगी।

खाना बनाते वक़्त चिमनी को ऑन रखें।

एक ही जगह पर कई पौधों को न रखें। उनका स्थान बदलते रहें ताकि नमी  न रहे और प्राकृतिक रोशनी  को घर में आने दें।