ग्लास का प्रचलन तेज़ गति से बढ़ रहा है। चाहे खिड़कियां हो यां फिर दरवाजे़ सभी जगह ग्लास की चमक अपने लुक से घर को चार चांद लगा देते हैं। ग्लास न सिर्फ घर को एक बेहतरीन लुक देता है, बल्कि उसकी शैल्फस से घर में डोकोरेटिव मैटीरियल भी रखा जा सकता है। चाहे गर्मी हो यां फिर सर्दी हर मौसम में ग्लास फायदेमंद रहता है। जहां सर्दियों में ठंड से बचाता है, तो वहीं गर्मियों में सूर्य की तेज़ किरणों से हमारी रक्षा करता है। इसके अलावा ग्लास वाल्स और खिड़कियों की मदद से सूरज की रोशनी पूरी तरह से कमरे से आती है, जिससे आपको दिन में लाइट चलाने की आवश्यकता महसूस नहीं होती है। इसके अलावा लाइटवेट और लेमिनेटेड ग्लास का उपयोग आर्किटेक्ट न सिर्फ एलिवेटर्स बनाने के लिए करते हैं बल्कि इसे फ्लोर, वाल्स, केबिन, क्यूबिकल्स और पार्टीशन बनाने में भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे छोटी सी जगह भी बड़ी लगती है। आइए जानते है किन जगहों पर किस प्रकार से होता है ग्लास का इस्तेमाल

खुलेपन का एहसास करवाता है

अगर आपका कमरा छोटा है और आप उसे बड़ा दिखाना चाहते हैं, तो इसके लिए ग्लास वॉल एक बेहतरीन उपाय है, जो घर के लुक को बदल देता है। इससे आप बाहर का नज़ारा बखूबी देख सकते है और अपने मन मुताबिक हल्की फुल्की चीजों से भी वाल को डेकोरेटिव लुक दे सकते हैं।

फर्नीचर में ग्लास का इस्तेमाल

अगर आप लकड़ी के फर्नीचर से बोर हो चुकी है, तो ग्लास के इस्तेमाल से आप घर को नया नवेला बना सकती है। एक वक्त था जब लोग लकड़ी के टेबल इस्तेमाल किया करते थे, मगर अब ग्लास ने उनकी जगह ले ली है। चाहे सेंटर टेबल हो यां फिर डाइनिंग टेबल। हर जगह ग्लास ही लोगो की पहली पसंद बनी हुई है। इसके अलावा साइड व कार्नर टेबल भी आपको मुख्तलिफ डिजाइन्स में मिल जाएंगे

 

पार्टीशन के लिए इस्तेमाल

कई बार लिविंग रूम के स्पेस को कम करने के लिए हम ड़िइनर परदे यां फिर जालियों का इस्तेमाल करते हैं। मगर आज के दौर में परदों और मीनाकारी वाली जालियों की जगह ग्लास ने ले ली है। कमरे को दो भागों में विभाजित करने के लिए हम ग्लास का बखूबी इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

स्टोन के साथ ग्लास

ग्लास का इस्तेमाल लकड़ी से बने सामान के अलावा स्टोन से बनी चीजों में भी देखने को मिलता है। स्टोन से बने टेबल और पिलर्स पर भी आप इसे आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा स्टोन की बुक शेल्फस में भी आप ग्लास का बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

कलुरफुल ग्लास का चलन

आज के इस दौर में हर कोई अपने घर को अलग अंदाज़ में सजाना चाहता है। ऐसे में ग्लास पेंटिंग और कलरफुल ग्लास घर को नया लुक प्रदान करने में कारगर साबित होते हैं।

 

क्राकरी के लिए ग्लास है खास

ग्लास का इस्तेमाल क्राकरी में भी भरपूर तरीके से किया जाता है। डिज़ाइनर ग्लास, वाइन ग्लास और डेकोरेटिव कोरल की डिमांड हमेशा ही रहती है। इन दिनों स्लीक ग्लास भी काफी चलन में है। ग्लास और क्रिस्टल मिक्स में बढ़िया फिनिश के साथ तैयार इन स्टाइलिश ग्लासवेयर की कीमत 1500 रूपये से शुरू होकर करीब तीस हज़ार तक प्रति पीस हैं।

 

इन टिप्स से बनाएं घर को खास

अलग अलग डिज़ाइन और स्टाइल के पॉट यां लैंप लेकर आप होम डेकोर को अपने अंदाज़ में तैयार कर सकते हैं।

दीवारों यां दरवाज़ों पर लगी स्टेन ग्लास पेंटिंग हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। ऐसे में ग्लास से बना सामान आप घर के किसी भी कोने में रख सकते हैं। इससे घर को एक अलग सी चमक प्राप्त होती हैं ।

लटकते हुए ग्लास पैनल की फॉल्स सीलिंग भी इन दिनों बेहद चलन में हैं।

खिड़कियों पर भी पेंट यां फिर टिनटेड ग्लास लगाए जा सकते हैं, तो खिड़कियों को बेहतर बनाते है। ऐसे में आपको खिड़कियों के लिए भारी भरकम परदों की आवश्यकता नहीं है।

चाहे घर हो यां आफिस आप ग्लास पर फ्लोरत से लेकर ज्योमेटरीकल, हर तरह की पेंटिंग उकेर सकते हैं।

ग्लास के फ्रेम किसी भी तस्वीर को खास बना देती है।

घर में अगर आप इंटीरियर में ग्लास का इस्तेमाल कर रही हैं, तो ध्यान रखें कि अपने कमरे की दीवारों का रंग गहरा नहीं होना चाहिए। रंग जितना हल्का इस्तेमाल करेंगे, लुक उतना ही खिलकर आएगा। जी हां आप दीवारों पर पेस्टल शेड्स यां फिर सफेद रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे कमरा भी आकार में बड़ा लगता है।

इसकी साफ सफाई का खास ख्याल रखें। इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर ग्लास वुड में है, तो अलग तरीके साफ होगा और अगर ग्लास स्टोन के साथ इस्तेमाल हुआ है, तो आप इसे साधारण साबुन के पानी से भी साफ कर सकते हैं। इसके अलावा ग्लास शाइनिंग और क्लीनिंग के लिए बाज़ार में बेशुमार प्रोडक्टस मिल जाते हैं।

 

इन बातों का रखें ख्याल

अगर आपके घर में बच्चे है, तो ध्यान रखें कि वे ग्लास के बने सामान से न खेंले और उसके आसपास भी न जाएं।

इसके अलावा ज़रा सी ठोकर लगने पर भी ग्लास से बना सामान टूटने का डर रहता है।

अगर कोई चीज़ गलती से भी मिरर वॉल से टकरा जाती है, तो उसमें दरार आ सकती है।

ध्यान रखें की अगर आप कांच का टेबल यां कोई फ्रेम ले रहे हैं, ते उसके आसपास लकड़ी यां स्टोन के कार्नर अवश्य हों, इससे उसकी लाइफ बढ़ जाती है।

पुराने ज़माने से घरों में ग्लास का इस्तेमाल कई जगह किया जाता है। चाहे साज सजावट का सामान हो यां फिर घर को रोशन करने के लिए इस्तेमाल होने वाले झूमर। एक वो दौर था जब दीवारों और छत्तों पर नक्काशी के लिए भी शीशे का इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा कपड़ों पर भी आपको आमतौर पर मिरर वर्क नज़र आ जाता है।

 

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