अब हर कमाने वाला शख्स सेविंग की अहमियत को समझता है। हर किसी भविष्य की चिंता है। ऐसे में अब लोग कभी इंश्योरेंस तो कभी एफडी और कभी यूं हीं बैंक एकाउंट में पैसे इकट्ठा करके अपनी कमाई को भविष्य के लिए सुरक्षित कर लेने की कोशिश भी खूब कर रहे हैं। इसी कोशिश में कई बार सेविंग के लिए पैसों का इंतजाम भी थोड़ा मुश्किल हो जाता है। दरअसल कई दफा ऐसी सेविंग अपने हाथों में ले ली जाती है जो जाती तो साल में 4 बार ही है लेकिन हर बार इसका एमाउंट बहुत बड़ा होता है। इस बड़े एमाउंट को मैनेज करना हर बार आसान नहीं होता है। लेकिन कुछ फाइनेंशियल टिप्स ऐसे हैं जिनके साथ किस्तों को जोड़ना आसान हो जाता है। कैसे होगा ये जान लीजिए-

हर महीने कुछ-कुछ

जी हां, अगर हर कुछ महीने में जाने वाली सेविंग की किस्तों की चिंता आपको भी रहती है तो इसके लिए हर महीने नियम से कुछ-कुछ राशि जोड़ते रहना होगा। ये धीरे-धीरे जुड़ती हुई राशि हर कुछ दिन में उस किस्त के लिए राशि तैयार कर देगी। सीमा कहती हैं, हमने कुछ समय पहले एक पॉलिसी की शुरूआत की थी। हर 3 महीने में 25 हजार की किस्त इस पॉलिसी में जानी होती है। लेकिन हर बार इतनी रकम तैयार रखने के लिए हमने पैसे जोड़ना शुरू किया। बात थोड़ी अजीब लगती है कि सेविंग के लिए सेविंग करनी पड़ेगी।  

बजट बने तो काम बने

जब भी आप कोई सेविंग पॉलिसी शुरू करें तो प्रीमियम के लिए की शुरुआत से ही बजट मेनटेन करना शुरू कर दें। अगर आप बजट बनाकर खर्चा करती हैं तो आपको बड़ी किश्त भरने में कोई परेशानी नहीं होगी।  

जरूरत से ज्यादा नहीं

सेविंग जब ज्यादा करेंगी तो भविष्य में इसका फायदा भी होगा, लेकिन सेविंग इतनी भी नहीं करनी है कि आप उसे संभाल ही न पाएं। दरअसल जरूरत से ज्यादा सेविंग आर्थिक मजबूती देने की बजाए इसे कमजोर भी कर सकती है। प्रिया कहती हैं कि हमारे लिए किस्तें देना कठिन हो गया था। पैसों की इतनी दिक्कत हो गई कि किस्तें देने के लिए हमें पेरेंट्स से पैसे उधार लेने पड़े। अब अगर आपकी इनकम 20 हजार रुपए महीना है तो हर तीन महीने में 25 हजार का पॉलिसी प्रीमियम देना वैसे भी कठिन होगा। इसलिए अपनी इनकम को ध्यान में रखकर भी सेविंग की शुरुआत करें।

मनी संबंधी हमारे सुझाव आपको कैसे लगे?अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें। आप मनी संबंधी टिप्स भी हमें ईमेल कर सकते हैंeditor@grehlakshmi.com

ये भी पढ़ें- पटना में गुजारिए 24घंटे,ये जगह निराश नहीं करेगी आपको