सौंदर्य प्रतियोगिता में अच्छा व्यक्तित्व सुंदरता से ज्यादा महत्वपूर्ण है

अगर हम सुंदरता और व्यक्तित्व की बात करें तो यह दोनों ही अपने आप में अलग अलग चीजें हैं। अंदरुनी सुंदरता और बाहरी सुंदरता दो चीजें होती हैं और व्यक्तित्व को हम आंतरिक सुंदरता बोलते हैं। और लुक्स या सुंदर होना हम बाहरी सुंदरता को कहते हैं जोकि शारीरिक या ऊपर से दिखने में हम कितने सुंदर हैं उसे कहा जाता है। मेरी राय में हमें कभी भी किसी को उसके लुक्स देख कर जज नही करना चाहिए। हम कैसे दिखते हैं, हमारा रंग क्या है, हम लंबे हैं या छोटे हैं यह सब हमें भगवान की देन है और हम इसे नही बदल सकते हैं।

बाहरी सुंदरता के मायने

बाहरी सुंदरता एक ऐसी चीज होती है जो बनावटी होती है या जिसका हम केवल दिखावा कर सकते हैं। ऐसे बहुत से माध्यम हैं जिनसे आप बाहरी सुंदरता को निखार सकते हैं जैसे मेकअप, सर्जरी, ड्रेसिंग आदि लेकिन आंतरिक ब्यूटी का हम दिखावा नहीं कर सकते हैं। हम अंदर से जैसे हैं हमारे व्यवहार से वह साफ पता चल जाता है। एक इंसान बहुत ज्यादा दिखने में कूल और डैशिंग टाइप हो सकता है लेकिन अगर उसका व्यक्तित्व अच्छा नही है तो हम उसे सुंदर नही कह सकते हैं।

फैशन शो में अच्छा व्यक्तित्व

कई बार बाहरी सुंदरता को ज्यादा महत्त्व मिलता है जैसे की फैशन शो आदि में। वहां पर लोग या जज आपको आपकी बाहरी सुंदरता के आधार पर जज करते हैं। हालांकि फैशन शो में भी आपका अच्छा व्यक्तित्व होना अनिवार्य है। अगर कोई प्रतिभागी बहुत नकारात्मक दिखता है तो उसके लिए वह प्रतियोगिता जीतनी मुश्किल हो जाती है क्योंकि आपका व्यक्तित्व आपके व्यवहार में झलकता है जिस कारण साफ पता चल जाता है कि आप किस प्रकार की महिला हैं। बाहरी सुंदरता मानव को बस प्रकृति के द्वारा दिया एक तोहफा होता है जो केवल कुछ ही समय के लिए जीवित रह पाता है। जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाएगी आपकी सुंदरता ढलती जाएगी लेकिन जो चीज आपके पास सदा रहेगी वह है आपका आचरण और आपका व्यक्तित्व। 

साथी प्रतियोगी से व्यवहार

आप दूसरों के प्रति कैसा व्यवहार करती हैं वह लोग हमेशा के लिए याद रखते हैं न कि इस बात को की आप कितनी सुंदर थी। इसलिए आपको फैशन शो में भी बाहरी सुंदरता की बजाय अपना व्यक्तित्व निखारने की अधिक आवश्यकता है।

सुंदरता आंखों में होती है

एक बहुत ही प्रचलित कहावत है की सुंदरता देखने वालों की आंखों में होती है। इसका साधारण सा अर्थ यह है कि अगर आप किसी से अच्छे से बात कर रहे हैं तो सामने वाला आपके प्रति आकर्षित होगा और अगर आप देखने में भी थोड़े कम सुंदर हैं तो भी उन्हें आप बहुत सुंदर दिखाई देंगी। ऐसा आपके बाहरी दिखने वाले लुक्स की वजह से नहीं बल्कि आपने अपना जो व्यक्तित्व उन्हें दिखाया है उसकी वजह से संभव हो पाया है। इसलिए कोशिश करें की आप हर इंसान के साथ अच्छा व्यवहार करें।

ना होने दें आत्मविश्वास कम

हालांकि इसके बावजूद भी बहुत सी ऐसी महिलायें हैं जिनमें आत्म विश्वास की कमी के कारण वह अपनी बाहरी सुंदरता को बढ़ाने में लग जाती हैं। वह सबके सामने तो यह दिखाती हैं कि वह लुक्स के लिए परवाह नहीं करती लेकिन वह असल में करती हैं। हाल ही में यूनाइटेड स्टेट्स की पुलिस द्वारा मारे गए एक अश्वेत आदमी का उदाहरण लेते हैं। इसके लिए पूरी दुनिया भर में लोग नारे लगा रहे हैं की ब्लैक लाइव्स मैटर लेकिन असलियत में कोई इस बात को फॉलो नहीं करता है। बहुत से लोग दूसरों की फिजिकल अपीयरेंस के पीछे भागते हैं। अगर इन लोगों में से किसी को अपने बेटे के लिए बहु या बेटी के लिए दूल्हा ढूंढना होगा तो यह किसी भी काले इंसान को पहली बार में ही मना कर देंगे। 

सौंदर्य प्रतियोगिता के लिए जरूरी स्टेप

इसलिए अब इस समय में लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की बहुत ज्यादा जरूरत है। हमें यह समझना चाहिए कि क्या ज्यादा आवश्यक है और क्या कम। इसलिए अगर कोई महिला कम सुंदर भी है तो हमें उन्हें बुरा भला नहीं बोलना चाहिए और उन्हें यह महसूस नही करवाना चाहिए की वह किसी से कम है या वह अपने आप में सुंदर नहीं है।

इसलिए आपका सुंदर होना या न होना आवश्यक नही है बल्कि आपका एक अच्छा व्यक्ति होना जिसके अंदर अच्छा व्यक्तित्व है, होना बहुत जरूरी है। यह केवल समाज के लिए ही नहीं बल्कि ब्यूटी पीजेंट प्रतियोगिताओं के लिए भी आवश्यक स्टेप है।

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