Biking Queens

Biking Queens: हर साल हम रॉयल एंड फील्ड पर कई लड़कों के ग्रुप को तो लेह-लद्दाख की ट्रिप पर जाते हुए देखते हैं, लेकिन महिलाओं की बुलेट ट्रिप शायद ही कभी देखने को मिलती है। शायद कभी नहीं।
लेकिन यह तब तक थी जब तक की आपके आंखों के सामने से Biking Queens पार ना हुई हो या आप उनसे ना मिले हों। पिंक कलर की जैकेट में ये क्वीन्स लोहे की बुलेट पर सवार होकर पूरे देश की यात्रा करती हैं। जब लड़कियों का ये समूह बाइक पर निकलता है तो लोगों की आंखें उन पर टिक जाती हैं।

बाइकिंग क्वीन्स का सिग्नेचर स्टाइल या यूं कहें कि उनकी पहचान उनकी पिंक जैकेट ही है जिसे आमतौर पर लड़कियों को डिफाइन करने के लिए या उनका मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बाइकिंग क्वीन्स ने इसे अपनी ताकत बनाई है।
आज हम इन लड़कियों के समूह की बात करेंगे, जो गांव-गांव लोहे की बुलेट से घूमती हैं और लोगों को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “स्वच्छ भारत” के लिए जागरूक कर रही हैं। अब तो इन लोगों ने वाराणसी से लंदन तक का भी सफर तय कर लिया है।

कौन है बाइकिंग क्वीन्स ?

Biking Queens

“बाइकिंग क्वीन्स” अब देश में महिला सशक्तिकरण का सबसे सशक्त उदाहरण है। ये गुजरात की मोटरसाइकिल राइडर्स का ग्रुप है जिसमें 50 महिलाएं हैं। ये महिलाएं पिंक जैकेट पहनती हैं जिसमें गुजराती मिरर वर्क किया हुआ होता है। अब तक इस ग्रुप ने 13 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में 10,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की अपनी बाइक से की है। इसके अलावा ये सामाजिक विषयों जैसे की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “स्वच्छ भारत” के लिए जागरूक कर रही हैं।  

लद्दाख के खारदुंग-ला में फहराया तिरंगा

  ये उस समय की बात है जब लद्दाख जम्मू-कश्मीर का हिस्सा हुआ करता था और जम्मू-कश्मीर एक राज्य था। उस समय आज की तरह लद्दाख में आना-जाना उतना सुगम नहीं था। तब इन लोगों ने 15 अगस्त, 2017 को लद्दाख के खारदुंग-ला में तिरंगा फहराया। इस काम के लिए खुद प्रधानमंत्री भी इनके प्रयासों की सराहना कर चुके हैं।

नारी गौरव यात्रा का आयोजन

देश की यात्रा करने के बाद इन लोगों ने कुछ अलग करने की सोची। इसके लिए इन्होंने नारी गौरव यात्रा का आयोजन किया। यह आइडिया बाइकिंग क्वीन्स की हेड डॉ.सारिका मेहता का है। इस यात्रा में बाइकिंग क्वीन्स के तौर पर प्रसिद्ध डॉ.सारिका मेहता और उनकी दो साथी जिनल शाह तथा ऋताली पटेल ने 25 हजार किमी से अधिक का सफर बाइक पर तय किया।

यात्रा का फ्लैग ऑफ योगी आदित्यनाथ ने किया

Biking Queens

इस यात्रा में वाराणसी से लंदन तक का सफर शामिल था, जिसमें तीन महाद्वीप के 21 देशों की यात्रा बाइक से पूरी की गई। यह यात्रा वाराणसी से शुरू हुई थी, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झंडा दिखाकर शुरू करवाया। इस यात्रा में कुल तीन महीने लगे और काफी मुश्किलें भी आईं लेकिन इन लोगों ने वूमेन पावर को प्रूफ करने के लिए आगे बढ़ते ही रहने का फैसला किया। आपको हैरानी होगी कि इस दौरान इनमें से एक क्वीन की बाइक भी चोरी हो गई। इसके बावजूद हार नहीं मानी।

इन देशों से होते हुए पूरी हुई यात्रा

भारत से शुरू होकर, नेपाल, भूटान, म्यांमार, लाओस, चीन, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, रूस, लाटविया, लिथुआनिया, पोलैंड, चेक रिपब्लिक, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, नीदरलैंड, बेल्जियम, स्पेन व मोरक्को होते हुए यूनाइटेड किंगडम पहुंची। यह यात्रा 5 जून 2019 को शुरू हुई और 24 अगस्त 2019 को खत्म हुई।

Biking Queens

तीन महिलाओं से शुरू हुई यह यात्रा दो महिलाओं के साथ खत्म हुई। दरअसल इन तीन महीने के सफर के दौरान बाइकिंग क्वीन्स को कई सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक साथी को तो बीच में ही सफर छोड़ना पड़ा क्योंकि मास्को से गुजरते वक्त उस साथी का पासपोर्ट और जरूरी कागजात चोरी हो गए। इस कारण ही इन्होंने 25 देशों के बजाय 21 देशों का सफर तय किया। जबकि इन लोगों ने 25 देशों की यात्रा करने की प्लानिंग की थी। इन्होंने यह यात्रा महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए और उन्हें प्रेरित करने के लिए की थी।

पिंक कलर का राज

Biking Queens

जब इनसे पूछा गया कि आपने पिंक कलर को ही अपनी पहचान क्यों बनाई जबकि पिंक कलर को लड़कियों का कलर माना जाता है ? आप इस ट्रेंड को तोड़ भी सकती थीं।
तो उनका सिंपल सा जवाब था कि- जी हां, लेकिन हम लोगों ने नहीं तोड़ा। क्योंकि Pink लड़कियों का नहीं, It’s the color of power। वैसे भी हमारा bike riding पर जाने का कोई समय नहीं होता। ऐसे में अगर हम कोई और रंग जैसे- काला, ग्रे T-shirt पहनकर जाते हैं तो लोगों को पता नहीं चलता कि लड़का है कि लड़की। अभी हमारी T-shirt और helmet भी Pink color की है। ऐसे में लोगों को दूर से ही पता चल जाता है कि लड़कियां आ रही हैं और लोग दूर हट जाते हैं। (हंसते हुए)
खैर इनकी यात्रा सफल रही और इस दौरान उन लोगों को काफी अच्छे लोगों से मिलने का मौका भी मिला। उम्मीद करते हैं कि आपको भी इन लोगों से कुछ प्रेरणा मिली होगी और आप भी अपने घर से बाहर निकलेंगी।  

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