आपकी चिंता के अंदर ही छुपी होती है एक सुपर पावर
आपकी चिंता के अंदर ही छुपी होती है एक सुपर पावर

जैसे ही हम किसी चीज को लेकर चिंता करते हैं या कोई चुनौती का सामना करते हैं तो हमारे शरीर से एकदम से बहुत अधिक ऊर्जा निकलती है। उस ऊर्जा से हम चिंता से बाहर निकल सकते हैं या फिर उसमें उलझ कर रह सकते हैं। यह निर्णय हमें करना होता है।

चिंतित व्यवहार

बहुत से मामलों में हमारा दिमाग अपने आप ही ऐसी स्थिति में चिंतित व्यवहार करना शुरू कर देता है। हर दिन इस विषय में घबराहट एंग्जायटी का एक लक्षण होती है। यह हमें एक ऐसे दलदल में फंसा देती है जिससे हम बहुत देर से बाहर निकल पाते हैं, वह भी काफी प्रयास करने के बाद। लेकिन, क्या आपने कभी इसकी सकारात्मक साइड को देखा है? निम्न तरह से आप अपने इस टेंशन भरे व्यवहार से खुद के अंदर छुपी हुई शक्ति का अहसास कर सकते हैं।

दूसरे व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है

अक्सर हम चिंता और बुरे विचार आने से डरते हैं। इनसे दूर भागने की कोशिश करते हैं। लेकिन, असलियत में भय एक आवश्यक और जरूरी जज्बात है जो मानव के मन में होना ही चाहिए। इसके कारण हम अपने आप को शारीरिक और आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने का प्रयास करते हैं।

इसलिए ही अगर हम अपने व्यवहार की चिंता करते हैं तो इसका अर्थ है हम अपने प्रभाव की टेंशन ले रहे हैं कि हमारा ऐसा व्यवहार करने से दूसरे व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

सहानुभूति की शक्ति

जब हम किसी बात को लेकर चिंतित होते हैं तो हमें दूसरों की बातों का बहुत फर्क पड़ता है। इस कारण की वजह से हम अपना व्यवहार दूसरों के साथ अच्छा रखते हैं, ताकि हमारे व्यवहार का किसी पर बुरा असर न पड़ सके। इस व्यवहार के कारण आप के शरीर में सहानुभति की शक्ति उत्पन्न होने लगती है।

आप दूसरों के प्रति बहुत अधिक सेंसिटिव होना शुरू कर देते हैं। इससे आप दूसरों में से कमी नहीं निकालेंगी और प्यार और स्वीकार की भावना से रहना शुरू कर सकेंगी।

कुछ रचनात्मक कर दिखाने की क्षमता

चिंता करने से हम बहुत अधिक रचनात्मक या फिर क्रिएटिव बन सकते हैं। आप इस बात को अपने आप ही महसूस कर सकते हैं। जब भी आप किसी डेड लाइन के अंदर किसी प्रोजेक्ट को समाप्त करने का जिम्मा लेते हैं और आपको टेंशन होने लगती है, तो आप और अधिक खुद को प्रस्तुत कर सकते हैं और उसका नतीजा भी काफी अच्छा मिलता है।

तो यह थी कुछ ऐसी सुपर पावर जो चिंता के कारण आप को मिल सकती है और आपको पहले से बेहतर बना पाने में मदद कर सकती हैं। इन का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको अब हर काम में चिंता करनी है या फिर भय का सामना करना है। बल्कि अगर आप का व्यवहार हर बात को लेकर टेंशन का होता है तो आप एक बार चिंता करने के सकारात्मक पहलुओं के बारे में विचार करके देखें। हो सकता है आप को अपने अंदर छुपी हुई कुछ सुपर पावर का अहसास हो पाए जो आज तक आपने कभी जानी ही नहीं थी।

Leave a comment