हमारे घर मेहमान आए हुए थे, तो मेरा चार वर्षीय बड़ा बेटा मुझ से गाय के बारे में पूछने लगा। मैंने उसे गाय के बारे में चार-पांच लाइनें बताई और उसे बाहर खेलने जाने को कहा। हम अंदर बैठे चाय पी रहे थे कि मेरा बेटा अंदर आया और मुझे कहने लगा, ‘मम्मी, आप भी ‘गाय-माता हो?
मैंने कहा, ‘नहीं तो। उसने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया, ‘आप भी तो दूध देती हो, वरुण (छोटे बेटे) को पिलाती हो। मेहमान मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे और मैंने अपनी झेंप और शर्म छिपाने के लिए फटाफट बात बदल डाली थी।