अशुभ

मेरी बहन हमारे घर आई हुई थी। रोज हम लोग कहीं न कहीं घूमने जाते थे। एक शाम मेरी बहन, मैं और मेरे पति एक पार्क में टहल रहे थे। घूमते हुए मजाकिया बातें हो रही थी, इन्होंने अचानक मुझसे पूछा कि मेघना यदि मैं तुमसे पहले मर गया तो तुम क्या करोगी? इस पर मैंने नाराजगी भरे लहजे में कहा कि आप ऐसी अशुभ बातें क्यों बोलते हैं? मरें आपके दुश्मन। इन्होंने कहा कि मैं तो वैसे ही पूछ रहा हूं, तुम बताओ तो सही। मैंने कहा कि और कहां जाऊंगी अपनी इन्हीं बहन के पास चली जाऊंगी। इतना कहते ही मैंने भी इनसे पूछा कि यदि मैं पहले मर गई, तुम क्या करोगे। इन्होंने मेरी बहन को देखते हुए कहा कि पत्नी धर्म का पालन करते हुए मैं भी तुम्हारी बहन के पास चला जाऊंगा। उनके ऐसा कहने पर जब हमें इसका अर्थ समझ में आया तो मेरी बहन तो झेंप सी गई और मैं शर्म से लाल हो गई। मेरे पति मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे।