पति पत्नी

 
शादी के बाद की पहली होली में मैं अपनी मां के घर बनारस गई हुई थी। मेरे पति और देवर भी साथ में गए थे। देवर और मेरे बीच काफी मजाक होता है। होली के दिन की बात है, घर में काफी मेहमान आए हुए थे। इसलिए मैं मां के साथ खाना बनाने में उनकी मदद करने लगी। तभी मेरे पति ने मुझे रंग खेलने के लिए बुलाया, तो मैंने कहा कि आप लोग खेलो मुझे अभी समय लगेगा। काम पूरा निपटाकर जब अपने पति के पास रंग खेलने के लिए गई तो उन्होंने गुस्से में कहा कि मैंने बहुत खेल लिया है, अब नहीं खेलूंगा। इसी बीच बुआ जी बोली कि विद्या नाती का चेहरा कब दिखाओगी। तभी मैं अपने रूठे पति को रंग लगाते हुए बोली कि अभी तो मैं शुरू हुई हूं। तभी पीछे खड़े देवर ने कहा, ‘भाभी शुरू हो गई हो तो भतीजा लेकर आना। वहां खड़े सभी लोग हंसने लगे।

मेरे पति की मंद मुस्कान ने मुझे मेरी बातों का अर्थ समझा दिया और मारे शर्म से मैं लाल हो गई।