इसके लिए आप व्यायाम, आहार और कुछ दवाइयों की मदद ले सकते हैं। जोकि आपके डायबिटीज को नियंत्रित कर सकता है। डायबिटीज के साथ-साथ, मोटापा भी हृदय रोग के लिए एक बहुत बड़ा जोखिम है। इसके लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। वह आपके लिए एक प्लान तैयार करते हैं, जिसमें आपके खानपान और व्यायाम से सम्बंधित जानकारी होती है। वह आपको इस बारे में पुरी जानकारी देते हैं, कि आपको एक दिन में कितनी कैलोरी लेनी है और कितना वर्कआउट करना है, ताकि आप अपनी अतिरिक्त कैलोरी को बर्न कर सकें। आपके डॉक्टर आपको आहार विशेषज्ञ और फिजिकल थेरेपिस्ट के मिलने की सलाह भी दे सकते हैं, ताकि वह आपके लिए उचित प्लान बना सकें।

मोटापा

भारत में अक्सर कहा जाता है कि मोटापा कोई खतरा नहीं है क्योंकि भारत की बड़ी संख्या कुपोषण की शिकार है लेकिन सच्चाई ये है कि भारत के 29 फीसदी बच्चे मोटापे से ग्रस्त हैं। भारत में बच्चों की सेहत को लेकर दूसरा बड़ा मिथक ये है कि बच्चों का मोटापा उनकी सेहत के लिए खतरनाक नहीं है। जबकि सच्चाई ये है कि ज्यादा वजन यानी डायबटीज जैसी बिमारियों को बचपन में ही दावत देने जैसा है। भारत में बच्चों की सेहत से जुड़ा तीसरा बड़ा मिथक ये है कि हृदय रोग का शिकार बड़ी उम्र के लोग होते हैं जबकि सच्चाई ये है कि ज्यादातर बच्चों में दिल की बिमारियों की शुरुआत 11 से 15 साल की उम्र में हो जाती है। बच्चों को लेकर अक्सर भारतीय मां बाप सोचते हैं कि कम उम्र में हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बिमारियां नहीं होती। लेकिन सच ये है कि 2020 तक भारत में ढाई करोड़ मौतों की जिम्मेदार दिल की बिमारियां होंगी।

मां बाप को लगता है कि छोटे बच्चे खेल कूद में लगे रहते हैं इसलिए बड़ों वाली बिमारियां उन्हें नहीं हो सकतीं लेकिन सच ये है कि भारत में 9 से 11 वर्ष की उम्र के 32 फीसदी बच्चे घर से बाहर नहीं निकलना चाहते। जबकि इसी उम्र के 70 फीसदी बच्चे पूरे दिन में 60 मिनट तक टीवी से चिपके रहते हैं। बहुत चिंता की बात है कि भारत में छोटी सी उम्र में ही लोग हृदय रोग के शिकार हो जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह आधुनिक लाइफस्टाइल और खाने-पीने की खराब आदतें हैं। हमारी सलाह है कि आप अपने दिल की सेहत सुधारने के लिए आज से ही प्रयास शुरू कर दें और ऐसा करना बहुत मुश्किल भी नहीं है।

वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक अगर आप रोज 30 मिनट वर्कआउट करते हैं तो हृदय रोग का खतरा 30 फीसदी कम हो जाता है। हॉवर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी के मुताबिक 30 मिनट पैदल चलने से दिल की बिमारियों का खतरा 24 फीसदी कम होगा। एक घंटा पैदल चलने पर ये खतरा 50 फीसदी कम होगा। अगर धूम्रपान करने वाले लोग अपनी इस आदत को छोड़ दें तो वो 15 दिन के अंदर दिल की बिमारियों से उतने ही ज्यादा दूर हो जाएंगे जितना धूम्रपान ना करने वाला कोई इंसान होता है। एक स्टडी के मुताबिक हर रात सात घंटे की गहरी नींद दिल की बिमारियों को दूर रखती है। थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहने से भी दिल स्वस्थ रहता है क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन नहीं होता और शरीर में खून सामान्य गति से बहता रहता है। हृदय की बिमारियों से दूर रहने के लिए खुद को तनाव रहित रखना भी जरूरी है। तनाव से शरीर में पानी की कमी होती है। इससे खून में टॉक्सिन्स यानी विषैले तत्त्व बनने लगते हैं जो दिल को नुकसान पहुंचाते हैं। इन बातों को अपनी रोजाना की आदत बनाकर आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

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