प्रेगनेंसी की शुरुआत में बहुत सी महिलाओं को ऐसा लगता है कि वह चलते चलते गिरने वाली हैं और कभी कभी लगता है कि वह बेहोश होने वाली हैं। हालांकि यह एक प्रेग्नेंसी का लक्षण होता है और बहुत आम भी होता है। आप कुछ टिप्स के माध्यम से इन लक्षणों से बच भी सकती है। यह लक्षण आपको पहले तीन महीनों में ही देखने को मिलता है तो कुछ महिलाओं को बाद में भी दिखता है। तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या चक्कर आना अर्ली प्रेग्नेंसी का लक्षण है?

चक्कर आना कोई ऐसा लक्षण नहीं है जो आपको प्रेग्नेंसी में सबसे पहले महसूस होगा लेकिन हम इसे अर्ली प्रेग्नेंसी के लक्षणों में शामिल कर सकते हैं। अगर आपकी ब्लड शुगर लो है तो आपको पीरियड मिस होने से पहले भी यह लक्षण देखने को मिल सकता है। अगर आप ढंग से खाना नहीं खाती हैं या फिर आपका जी मिचलाता है तो भी यह लक्षण देखने को मिल सकता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान चक्कन आने के क्या कारण होते हैं?

अभी आपका शरीर इतना ब्लड नहीं बना पा रहा है कि आपके एक्सपैंड हुए सर्कुलेटरी सिस्टम को फिल कर पाए। प्रोजेस्ट्रॉन के हाई लेवल भी आपकी ब्लड वेसल को रिलैक्स या वाइड कर सकते हैं जिससे आपके बच्चे तक तो ब्लड फ्लो तेजी से पहुंचेगा लेकिन आप तक नही। इससे आपका ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। इससे आपके दिमाग तक भी ब्लड फ्लो धीमी गति से जाता है जिस कारण आपका सिर घूमने लग जाता है।

जब आप अपनी कमर के बल लेटती हैं तो बच्चे के बढ़ने के कारण आपकी ब्लड वेसल पर प्रेशर पड़ सकता है।

अगर आप अधिक गर्मी में समय बिताती हैं तो इससे भी आपका सिर भारी हो सकता है।

अगर आप डिहाइड्रेट रहती हैं या आपकी ब्लड शुगर कम हो जाती है तो भी आपको चक्कर आते रहते है ।

आप प्रेग्नेंसी के दौरान चक्कर आएं तो क्या कर सकती हैं?

अपने दिमाग में इस बात को जरूर याद रखें कि चाहे चक्कर आना कितना ही नॉर्मल क्यों न हो लेकिन आपको इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसलिए आपको ड्राइविंग, वर्क आउट या कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे आपका यह लक्षण ट्रिगर हो सकता है।

जब भी आपको चक्कर आता है तो तुरंत अपने बेड पर लेट जाइए। अपने पैरों को एलीवेट करे ताकि आपके ब्रेन तक ब्लड फ्लो बढ़ सके। अगर यह नहीं हो पा रहा है तो अपनी टांगों को जितना हो सके उतना आगे तक खोल लें और बैठ कर अपने सिर को घुटनों के बीच में देने की कोशिश करें और लंबी लंबी सांसे ले।

प्रेग्नेंसी के दौरान चक्कर आने से आप खुद को कैसे बचा सकती है?

धीरे धीरे काम करें: अगर आप बैठी हैं या लेटी है। तो एकदम से न उठ जाएं बल्कि धीरे धीरे कोई भी गतिविधि करनी चालू करें।

हेल्दी डाइट का पालन करें: आपको अधिक से अधिक प्रोटीन और कार्ब से युक्त डाइट का पालन करना चाहिए। अपनी ब्लड शुगर को भी स्थिर करने के लिए प्रयास करें।

खुद को हाइड्रेट रखें: डिहाइड्रेशन भी चक्कर आने का एक कारण होता है इसलिए आपको खुद को अधिक से अधिक पानी पिलाना चाहिए।

अपनी कमर के बल न लेटें: दूसरे और तीसरे तिमाही में अपनी कमर के बल लेटना अवॉयड करें। इससे बढ़ता हुआ यूटरस आपके वीना कावा पर प्रेशर एक्सर्ट कर सकता है।

चक्कर आने पर आपको थोड़ी शुद्ध हवा ले लेनी चाहिए और इस दौरान थोड़े खुले खुले और कंफर्टेबल कपड़े पहने और खुद का ख्याल रखे।

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